नहीं बनी कोई कविता आज सुबह की यंत्रणा के बाद

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आज पंखुरी सिन्हा की कविताएं। पंखुरी की पहचान एक कथाकार की रही है। लेकिन हाल के वर्षों में उन्होने कविता को अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में चुना है। उनकी कुछ चुनिन्दा कविताएं उनके सार्थक वक्तव्य के साथ- जानकी पुल
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लीडर कलक्टर साथ ही खाते पराठा गोश्त है
मैं हाई स्कूल में थी जब निर्मल वर्मा को पहली बार पढ़ने का मौका मिला। मुझे लगा कि मैंने अब तक हिंदी में ऐसा कुछ भी नहीं पढ़ा है. अपनीभाषा का ऐसा रूप पहले कभी नहीं देखा, ऐसेतेवर कभी नहीं देखे। इतना खुला विस्तृत आसमान नहीं देखा, ऐसा सूर्योदय, सूर्यास्त। कई रंगों को पहली बार देखने का एहसास, कईफूलों को भी, कईखुशबुओं के करीब होने का एहसास, बहुतभारी संकटों की शिनाख्त करते भी, इंसानीफितरत की रग रग पकड़ते भी, बहुतगहरी साज़िशों  कीपोल खोलने की कोशिश में, बहुतनिहत्थे लोगों को अजीब धार वाले अस्त्र देता, साहित्यका ऐसा ताना बाना, पहलेकभी नहीं पढ़ा. अपनीभाषा में ऐसा विस्तार, ऐसीबुनावट, ऐसीऊर्जा, ऐसीस्फूर्ति, कोमहसूसने का मौका पहली बार मिला। ऐसा नहीं, किबहुत ऑर्गेनिक ढंग से खींची गयी रंगीन विदेशी तस्वीरों का नया चमकीला एल्बम मिल गया. बल्किबिलकुल देशी परिवेश में भी, एकबहुत आज़ाद और बुलंद किस्म की शर्मीली सी नायिका से परिचय हुआ. एकबिलकुल नयी दुनिया में पदार्पण। अपने प्रिय लेखक की कृतियों की तारीफ़ में हम जितना कहें, कमहै. अबलगता है कि मेरे साथ वो हुआ कि मुझे एक स्कूल मिल गया. मैंशागिर्द बन गई. हालाकिमैंने अपने लेखन की शुरुआत कविता से की थी, औरफिलहाल वहीँ मेरा पड़ाव है, वहीँमेरी बस्ती, औरमुझे ये भी लगता है कि कविता अभिव्यक्तिओं में सर्वोपरि है, सर्वश्रेष्ठ, सुरों का उच्चासन, मानवताका बिम्ब, लेकिनकविता और गद्य लेखन, कतईविरोधी नहीं, बहुतकरीब से

10 COMMENTS

  1. Thankyou so much Bnna NRU. Thankyou for this very big compliment. Yes, indeed my writing is close to nature, write about rivers especially. I think the closer relationship we feel towards nature, the more we will prosper and develop. Its a short cut to ignore nature's place in writing the story of development.

  2. hme aap pe naaz h pankhuri ji
    aap aise hi likhte rhe
    pharo ko cheer ki
    ndiyo ko ter kr
    undhere ko mitate huwe
    ujale ki or

  3. वक्‍तव्‍य ने पंखुरी के कविता की ओर चले आने भूमिका बेहतर स्‍पष्‍ट कर दी है। कविता में राजनीति और समाज का स्‍वीकार उनके स्‍वर को साध देगा। ये कविताएं उन सम्‍भावनाओं के बारे में बता रही हैं, जो बतौर कवि पंखुरी में हैं। मेरी शुभकामनाएं।

  4. बहुत अच्छी कवितायें और वक्तव्य भी. ऐसे ही लिखती रहें.. हिंदी समुदाय को आपसे बहुत अपेक्षाएं हैं.

  5. बहुत धन्यवाद् हरनोट जी, आपको मेरी कवितायेँ पसंद आयीं, बेहद ख़ुशी की बात मेरे लिए.

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