लता मंगेशकर: 85 बरस – 85 अमर गीत

2
33
युवा लेखक यतीन्द्र मिश्र इन दिनों स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर पर अपनी किताब को अंतिम रूप देने में लगे हैं उन्होंने लता मंगेशकर के 85 वें जन्मदिन पर उनके परामर्श और सहमति से 85 गीतों की एक सूची तैयार की. इनमें से 65 गीत ऐसे निकले जो मैंने सुन रखे थे, 20 गीत तो सुने ही नहीं. आप भी देखकर बताइए. हम भी अपनी पसंद के 85 गीतों की सूची बना सकते हैं. कल 28 सितम्बर लता मंगेशकर का 85 वां जन्मदिन है. उस मौके पर विशेष- जानकी पुल.
====================
1.    बेदर्द तेरे दर्द को सीने से लगा के… (पद्मनी)-गुलाम हैदर, 1948

2.    आयेगा.. आयेगा आनेवाला… (महल)-खेमचन्द प्रकाश, 1949

3.    हवा में उड़ता जाये मोरा लाल दुपट्टा…     (बरसात)-शंकर जयकिशन, 1949

4.    साजन की गलियाँ छोड़ चले…      (बाज़ार)- श्याम सुन्दर, 1949

5.    उठाये जा उनके सितम…    (अन्दाज़)- नौशाद, 1949

6.    तुम न जाने किस जहाँ में खो गये…      (सज़ा)- एस.डी. बर्मन, 1951

7.    बेईमान तोरे नैनवा निंदिया न आये…      (तराना)-अनिल विश्वास, 1951

8.    तुम क्या जानो तुम्हारी याद में…   (शिन शिनाकी बूबला बू)-सी. रामचन्द्र, 1952

9.    मोहे भूल गये साँवरिया…    (बैजू बावरा)-नौशाद, 1952

10.   ए री मैं तो प्रेम दिवानी…   (नौ बहार)-रोशन, 1952

11.   वो तो चले गये ऐ दिल…   (संगदिल)-सज्ज़ाद हुसैन, 1952

12.   वन्दे मातरम्…      (आनन्द मठ)- हेमन्त कुमार, 1952

13.   ये जिन्दगी उसी की है…    (अनारकली)-सी. रामचन्द्र, 1953

14.   ये शाम की तनहाईयाँ…     (आह)-शंकर जयकिशन, 1953

15.   ना मारो नजरिया के बान…  (पहली झलक)-सी.रामचन्द्र, 1954

16.   जो मैं जानती बिसरत हैं सैंया…    (शबाब)-नौशाद, 1954

17.   न मिलता ग़म तो बरबादी के अफ़साने…   (अमर)- नौशाद, 1954

18.   राधा न बोले न बोले न बोले रे…   (आज़ाद)-सी. रामचन्द्र, 1955

19.   मनमोहना बड़े झूठे… (सीमा)-शंकर जयकिशन, 1955

20.   आँखों में समा जाओ इस दिल में… (यास्मीन)-सी. रामचन्द्र, 1955

21.   जोगिया से प्रीत किये दुख होये…   (गरम कोट)-पं. अमरनाथ, 1955

22.   गुज़रा हुआ जमाना आता नहीं दुबारा…     (शीरीं फरहाद)-एस.मोहिन्दर, 1956

23.   रसिक बलमा… दिल क्यूँ लगाया…  (चोरी-चोरी)-शंकर जयकिशन, 1956

24.   मैं पिया तेरी तू माने या न माने…  (बसन्त बहार)-शंकर जयकिशन, 1956

25.   छुप गया कोई रे दूर से पुकार के… (चम्पाकली)-हेमन्त कुमार, 1957

26.   सब कुछ लुटा के होश में आए…   (एक साल)-रवि, 1957

27.   आ जा रे परदेसी मैं तो कब से खड़ी…     (मधुमती)-सलिल चौधरी), 1958

28.   हम प्यार में जलने वालों को…     (जेलर)-मदन मोहन, 1958

29.   बैरन नींद न आए…  (चाचा जिन्दाबाद)-मदन मोहन, 1959

30.   दिल को लाख सम्भाला जी… (गेस्ट हाउस)-चित्रगुप्त, 1959

31.   दिल का खिलौना हाय टूट गया…   (गूँज उठी शहनाई)-वसन्त देसाई, 1959

32.   कैसे दिन बीते कैसे बीती रतियाँ…  (अनुराधा)-पं. रविशंकर, 1960

33.   बेकस पे करम कीजिए सरकारे मदीना…   (मुगल-ए-आज़म)-नौशाद, 1960

34.   अजीब दास्तां है ये… (दिल अपना और प्रीत पराई)-शंकर जयकिशन, 1960

35.   ओ सजना बरखा बहार आई…      (परख)-सलिल चौधरी, 1960

36.   ज्योति कलश छलके…      (भाभी की चूड़ियाँ)-सुधीर फड़के, 1961

37.   जा रे जा रे उड़ जा रे पंछी…      (माया)-सलिल चौधरी, 1961

38.   अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम… (हम दोनों)-जयदेव, 1961

39.   ढूँढ़ो-ढूँढ़ो रे साजना मोरे कान का बाला…   (गंगा जमुना)-नौशाद, 1961

40.   एहसान तेरा होगा मुझ पर… (जंगली)-शंकर जयकिशन, 1961

41.   आपकी नज़रों ने समझा…   (अनपढ़)-मदन मोहन, 1962

42.   पवन दीवानी न माने उड़ावे मोरा…  (डा. विद्या)-एस.डी. बर्मन, 1962

43.   ज़ुर्मे उल्फ़त पे हमें लोग सज़ा देते हैं…    (ताजमहल)-रोशन, 1963

44.   लग जा गले कि फिर ये हसीं रात… (वह कौन थी)-मदन मोहन, 1964

45.   ए री जाने ना दूँगी… (चित्रलेखा)-रोशन, 1964

46.   जीवन डोर तुम्हीं संग बाँधी…      (सती सावित्री)-लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल, 1964

47.   ओ बेक़रार दिल, हो चुका है मुझको…      (कोहरा)-हेमन्त कुमार, 1964

48.   तुम्हीं मेरे मन्दिर तुम्हीं मेरी पूजा… (खानदान)-रवि, 1965

49.   काँटों से… आज फिर जीने की तमन्ना है… (गाईड)-एस.डी. बर्मन, 1965

50.   दिल का दिया जला के गया…      (आकाशदीप)-चित्रगुप्त, 1965

51.   अजी रूठकर अब कहाँ जाइयेगा…   (आरजू)-शंकर जयकिशन, 1965

52.   कंकरिया मार के जगाया…  (हिमालय की गोद में)-कल्याण जी आनन्द जी, 1965

53.   रहें न रहें हम महका करेंगे…      (ममता)-रोशन, 1966

54.   नयनों में बदरा छाये…      (मेरा साया)-मदन मोहन, 1966

55.   कुछ दिल ने कहा…  (अनुपमा)-हेमन्त कुमार, 1966

56.   दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें… (बहू बेग़म)-रोशन, 1967

57.   ओ गंगा मैया पार लगा दे… (चन्दन का पलना)-आर.डी.बर्मन, 1967

58.   रुला के गया सपना मेरा…   (ज्वेल थीफ़)-एस.डी. बर्मन, 1967

59.   क्या जानूँ सजन होती है क्या ग़म की शाम…     (बहारों के सपने)-आर.डी. बर्मन, 1967

60.   छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिये…      (सरस्वतीचन्द्र)-कल्याण जी आनन्द जी, 1968

61.   महलों का राजा मिला कि रानी बेटी…     (अनोखी रात)-रोशन, 1968

62.   अल्लाह ये अदा कैसी है इन हसीनों में…   (मेरे हमदम मेरे दोस्त)-लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल, 1968

63.   ना जिया लागे ना…  (आनन्द)-सलिल चैधरी, 1970

64.   बैंया न धरो बलमा… (दस्तक)-मदन मोहन, 1970

65.   जैसे राधा ने माला जपी श्याम की… (तेरे मेरे सपने)-एस.डी. बर्मन, 1971

66.   मेघा छाये आधी रात बैरन बन गयी…     (शर्मीली)-एस.डी. बर्मन, 1971

67.   कजरा लगा के बिन्दिया सजा के…  (जल बिन मछली नृत्य बिन बिजली)-
            लक्ष्मीकान्त-प्यारेलाल, 1971

68.   तू चन्दा मैं चाँदनी, तू तरुवर मैं शाख रे…  (रेशमा और शेरा)-जयदेव, 1971

69.   रैना बीती जाये श्याम न आये…    (अमर प्रेम)-आर.डी. बर्मन, 1971

70.   ठाढ़े रहियो ओ बाँके यार रे… (पाकीज़ा)-गुलाम मोहम्मद, 1971

71.   आज सोचा तो आँसू भर आए…    (हँसते जख़्म)-मदन मोहन, 1973
72.   ये दिल और उनकी निगाहों के साए…     (प्रेम पर्वत)-जयदेव, 1973
73.   दो नैनों में आँसू भरे हैं…    (खुशबू)-आर.डी. बर्मन, 1975
74.   अपने आप रातों में चिलमनें सरकती हैं…  (शंकर हुसैन)-ख़य्याम, 1977
75.   ईश्वर सत्य है… सत्यम शिवम सुन्दरम…  (सत्यम शिवम सुन्दरम)-लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल, 1978
76.   जिद न करो अब तो…      (लहू के दो रंग)-बप्पी लाहिरी, 1979

77.   सोलह बरस की बाली उमर को…   (एक दूजे के लिये)-लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल, 1981

78.   ये कहाँ आ गये हम…      (सिलसिला)-शिव हरि, 1981

79.   दिखायी दिये यूँ कि बेख़ुद किया…   (बाज़ार)-ख़य्याम, 1982

80.   ऐ दिले नादां… आरज़ू क्या है…    (रजिया सुल्तान)-ख़य्याम, 1983

81.   दिल दीवाना बिन सजना के माने न…     (मैंने प्यार किया)-राम लक्ष्मण, 1989

82.   सुनियो जी अरज म्हारी…   (लेकिन)-हृदयनाथ मंगेशकर, 1990

2 COMMENTS

  1. I think any list of her songs is incomplete without Abhiman songs. They are timeless. Seeli Hawa from Libaas is another personal favourite. Tumse naraz from Masoom. It's a difficult job, I'm sure. But thanks for your awesome list.

LEAVE A REPLY

four × five =