सुदीप नगरकर का उपन्यास ‘वो स्वाइप करके उतर गई दिल में मेरे’

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सुदीप नगरकर अंग्रेजी में उपन्यास लिखते हैं और युवाओं के चहेते हैं. मैं जब पिछली बार पटना गया था पटना विश्वविद्यालय के विद्यार्थी सत्यम कुमार झा के हाथ में उनका उपन्यास देखकर चौंक गया था. मैंने सोचा उसके उपन्यासों को हिंदी में किया जाए. वह रोमांस तो लिखते हैं लेकिन आज के युवाओं का जीवन-दर्शन, प्यार, वफ़ा, दोस्ती, रिश्तों को लेकर आज के युवाओं का सोच भी उनके उपन्यासों में बहुत अच्छी तरह से उभरकर आता है. यह हिंदी में अनूदित उनका पहला उपन्यास है- ‘वो स्वाइप करके उतर गई दिल में मेरे’. राजपाल एंड संज से प्रकाशित इस उपन्यास का अनुवाद मैंने ही किया है. पुस्तक अमेज़न की साईट पर उपलब्ध है. उपन्यास का एक अंश- मॉडरेटर 
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आपकी जो दिली ख्वाहिश होती है उसका अक्सर आपको अनुभव नहीं हो पाताI  हो सकता है आपको बारिश से प्यार हो, लेकिन जब सचमुच में बारिश हो तो हो सकता है कि आप छतरी के नीचे छिप जाएँI   आप शोहरत के लिए तड़प रहे हों लेकिन जब आप शोहरत हासिल कर लें तो हो सकता है कि आप काला चश्मा चढ़ा कर खुद को छिपा लेंI   इसी तरह, हो सकता है कि आप किसी इंसान को प्यार करते हों, लेकिन कई बार यही काफी नहीं होताI   कई बार आप जिसे प्यार करते हैं, वह आपके लायक ही न होI  
तुशिता निश्चित रूप से जीवन में बेहतर की हकदार हैI   एंडी की बांहों में उसने खुद को कभी सुरक्षित महसूस नहीं किया लेकिन फिर भी उसने उसको प्यार कियाI    उस शाम उसके साथ के लिए उसने होस्टल के नियम को करीब करीब तोड़ दियाI   हालांकि वह उससे डरी रहती थीI  
“एंडी, आओ चलते हैंI   यहाँ रहना सेफ नहीं है
“परवाह नहींI   कुछ भी नहीं होने वाला है
तुशिता उलझन में थी, और वह उससे बार-बार वापस चलने के लिए कह रही थी क्योंकि उसे कुछ गड़बड़ महसूस हो रहा था, लेकिन उस रात एंडी अपने प्लान को छोड़ने के मूड में नहीं थाI  
“बिलकुल चुप हो जाओ”, एंडी तुशिता के बार-बार टोकाटोकी से गुस्से में आते हुए बोलाI   तुशिता चुप हो गयी और अंजुना बीच पर कर्लिज शैक की तरफ चुपचाप चलने लगीI   उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल दूर कोने में पार्क की थी क्योंकि शैक के आसपास न तो किसी कार न ही दोपहिया गाड़ी को लाने की इजाजत थीI    जब वे नजदीक पहुंचे तो उनको ट्रांस म्यूजिक की तेज आवाज सुनायी दी, और उन्होंने देखा कि रेस्तरां में कुछ विदेशी जॉइंट(ड्रग्स भरकर बनाया गया सिगरेट) और सिगरेट के कश उड़ाते हुए नाच रहे थेI  
“क्या तुम मुझे कुछ दे सकते हो?” एंडी ने काउंटर के पीछे खड़े आदमी से पूछाI  
“क्या?”
“पार्टी पिल, दोस्तI    एमडीएमए(MDMA)?”
जब काउंटर के पीछे वाला लड़का आगे आया तो तुशिता के चेहरे पर कुछ न समझने जैसा भाव थाI    वह उसको नाईजीरियाई लग रहा थाI   तुशिता को याद आया कि उसने उसको एक बार एंडी के साथ देखा थाI   जिस तरह से वे एक दूसरे को देखकर मुस्कुराए उससे ऐसा लग रहा था कि दोनों एक दूसरे को बेहतर ढंग से जानते थेI  
“कितने हुये?” एंडी ने अपने वॉलेट से पैसे गिनते हुये पूछाI  
“3000 में आधा ग्राम
सौदा हो गयाI   उसने एंडी को पैकेट देते हुए आगे कहा, “जब भी इसकी और जरूरत हो तो रेस्तरां में आकर जैक के बारे में पूछनाI
एंडी ने सिर हिलाया और तुशिता को लेकर डांस फ्लोर की तरफ चला गयावह यह देखकर सदमे में थी कि उसकी उम्र की लड़कियां जॉइंट बना रही थीं और ड्रग्स इतनी आसानी से उनको उपलब्ध थाI   इस तरह की जीवन शैली की वह हामी नहीं थीI   शराब और सिगरेट पीना उसके लिए नयी बात नहीं थी लेकिन वह ड्रग्स से दूर ही रहती आयी थीI  
“तुम थोड़ा सा लेना चाहती हो?” एंडी ने तुशिता से पूछाI  
तुशिता ने न कह दिया, लेकिन एंडी उसको तब तक पटाता रहा जब तक कि उसने हार नहीं मान लीI  
“ओम नमः शिवाय…  ओम नमः शिवाय…  नमो शंकर शिवाय…” नशेड़ी बॉब मार्लो का गाया गाना बार बार बज रहा थाI   जब तक उन्होंने डांस करना शुरू किया तब तक वह नशे में टल्ली हो चुकी थीI   धीरे, धीरे, एंडी ने तुशिता की गर्दन को चूमना शुरू कर दिया, फिर उसके कन्धों कोI  
“क्या कर रहे हो?” तुशिता ने विरोध जतायाI  
“मैं यह कोशिश कर रहा हूँ कि तुम सहज हो जाओ
“इससे से तुम मुझे बुरी तरह से असहज बना रहे हो
हालाँकि, वह कुछ कर नहीं सकी और ड्रग के प्रभाव में होने के कारण उसकी छेड़छाड़ के वश में आ गयी, और जब वे एक दूसरे को किस करने ही वाले थे कि अचानक वहां के माहौल में अफरातफरी मच गयीI   तुशिता ने देखा सभी लोग पागलों की तरह शैक से बाहर भाग रहे थेI  
“एंडी, भागोI    हम मुश्किल में हैं”, नाइजीरियाई चिल्लायाI   एंडी ने तुशिता के बदन पर पकड़ ढीली की और और काउंटर की तरफ दौड़ कर गयाउसने उस नाइजीरियाई से कुछ कहा और पलक झपकते ही गायब हो गयाI   तुशिता ने एंडी के पीछे जाने की सोची लेकिन किसी ने उसके पैर को जोर से कुचल कर घायल कर दियाI   किसी तरह वह पास के वाशरूम में घुस पाने में सफल रहीI   जैसे ही उसने अंदर से दरवाज़ा बंद किया बाहर उसको गोलियों और चीख-पुकार की आवाजें सुनायी दीI   गोलियों की आवाज तेज और तेज होती गयी और वह कुछ देर तक आती रहींI  
“प्लीज, मेरी मदद करो”, उसने अपने एक करीबी दोस्त को फोन से मैसेज किया लेकिन उसने पाया कि मोबाइल का नेटवर्क काम नहीं कर रहा थाI  
तुशिता एंडी का इन्तजार करती रही लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं थाI   उसको लगता था कि वह जो करती थी उसके ऊपर उसका वश था लेकिन ऐसा था नहींI    वह अंधी हो गयी थीI    उसके दोस्तों ने उसको एंडी से सावधान रहने के लिए कहा था लेकिन उसने सुना नहीं थाI   वह उस तरह की इंसान हो गयी थी जिस तरह के होने से उसने हमेशा नफरत की थीI   ऐसा लगता था कि उसने उसको अपनी आत्मा बेच दी थीI   वह उदास हो गयीI    वह कमजोर नहीं थी; उसको लगा था कि उसको प्यार हो गया थाI   लेकिन कड़वी सच्चाई यह थी कि उसके लिए उसने प्यार को महसूस नहीं किया, बल्कि वह डरती थीI   उस डर के कारण उसकी आँखों में और कुछ नहीं बल्कि आँसू आये और उसके दिल में उसने विश्वास की जगह ले लीI  
बाहर शोरगुल तेज और तेज होता जा रहा थाI   घबराहट में वह वाशरूम के एक कोने में छिप गयी, उसने आँखें जोर से भींच ली थींI   उसने पहले गोलियों की आवाजें कभी नहीं सुनी थी और इन अनजानी आवाजों ने उसको बुरी तरह डरा दिया थाI  
अचानक, पूरी तरह से ख़ामोशी छा गयीI   उसने बाहर निकलने के बारे में सोचा लेकिन बाहर निकलने का साहस नहीं कर सकीI   अगले ही पल, उसने अपने कंधे पर एक हाथ महसूस किया और उसने गोली की आखिरी आवाज सुनीI   वह डर के मारे जैसे जम सी गयी, और उसके कंधे पर जकड़ बढ़ गयीI    उसका दिमाग सुन्न हो गयाI   उसके दिमाग ने जाने कितने ख्याल दौड़ रहे थेक्या वह पुलिस वाला था? या कोई ड्रग डीलर? या कोई अजनबी जो इस मौके का फायदा उठाना चाह रहा था?
इंसान होने के नाते हम लोगों को इस बात की आजादी है कि हम किस तरह से प्रतिक्रिया व्यक्त करेंI   हम जो भी फैसला लेते हैं वह हमें किसी अलग तरह की राह पर ले जाता है और उसका अपना महत्व होता हैI   उस अजनबी की संदेह भरी छुअन ने उसको पलक झपकते ही फैसले पर पहुंचायाI  
अगर आप किसी लड़की से प्यार करते हैं तो उसके लगातार बातें करते जाने से आप परेशान नहीं होतेI   अगर आप किसी लड़की को मकान देते हैं तो वह आपको घर देगीI   अगर आप उसको किराने का सामान लाकर देते हैं तो वह आपके लिए भोजन बना देगीI   अगर आप उसको मुस्कराहट देते हैं तो वह आपको अपना दिल दे देगीI   अगर आप उसको वीर्य देते हैं तो वह आपको बच्चा देगीI   उसको जो भी दिया जाता है वह उसमें बरकत लाती हैI   अगर आप उसो घटियापन देते हैं तो बदले में बहुत सारा मल पाने के लिए तैयार रहना चाहिये!

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