दीक्षांत के साथ जीवन की शिक्षा का आरम्भ होता है!

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दीक्षांत समारोह आम तौर पर विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा के समापन के पश्चात आयोजित किया जाता है. आम तौर पर दिल्ली विश्वविद्यालय सहित तमाम विश्वविद्यालयों के डिग्री कॉलेजों में दीक्षांत समारोह के आयोजन की प्रथा व्यापक नहीं रही है. जबकि ग्रेजुएट होने वाले विद्यार्थियों के लिए दीक्षांत समारोह का आयोजन बहुत जरूरी होता है क्योंकि इसके बाद वे जीवन के रण क्षेत्र में उतरते हैं. इस तरह के दीक्षांत समारोह में आने और डिग्री लेने से उनके अन्दर एक तरह से जिम्मेदारी का बोध होता है. देश और समाज के जिम्मेदार नागरिक होने का बोध.

इसी बात को ध्यान में रखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक महत्व के कॉलेज जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज(सांध्य) के प्राचार्य डॉ. मसरूर अहमद बेग ने कॉलेज के बीए की परीक्षा में उत्तीर्ण हो चुके विद्यार्थियों के लिए कन्वोकेशन(दीक्षांत समारोह) का आयोजन करने का संकल्प लिया. दिनांक 17 अप्रैल को उनका संकल्प पूरा हुआ और 2013-14, 15 में ग्रेजुएट हुए विद्यार्थियों का सपना भी पूरा हुआ. सैकड़ों की तादाद में विद्यार्थियों ने इस मौके पर आकर परम्परागत चोगे पहनकर डिग्री हासिल की.

इस मौके पर डॉ बी. आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के कुलपति और वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित ने विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की. इस मौके पर उन्होंने हिंदी में विद्यार्थियों के समक्ष उद्बोधनात्मक व्याख्यान भी दिया. इस मौके पर कॉलेज के चेयरमैन और राजनीति विज्ञान के प्रोफ़ेसर श्रीप्रकाश सिंह भी मौजूद थे और उन्होंने भी अपने व्याख्यान में विद्यार्थियों के सफल जीवन की कामना करते हुए महाविद्यालय के निरंतर प्रगति पथ पर बढ़ते जाने की कामना भी की.

दिल्ली के इस ऐतिहासिक कॉलेज के इतिहास में 17 अप्रैल का दिन सदा के लिए दर्ज हो गया.

प्राचार्य डॉ. बेग ने बताया कि यह दीक्षांत समारोह हर वर्ष आयोजित किया जायेगा.

रोहिणी कुमारी

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