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विशाल फैली पहाड़ियों ने नीला कंबल ओढ़ लिया है

युवा कवयित्री अनामिका अनु ने केरल में 12 साल में एक बार खिलने वाले फूल नीलकुरिंजी की कथा लिखी है- मॉडरेटर ========================                         नीलाकुरिंजी कल मुन्नार के चाय बगान में दौड़ती किसी लड़की को एक आदमी “नीला नीला” कहकर पुकार रहा था।उस नन्ही-सी लड़की के खिले चेहरे को देखकर मेरे …

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अनघ शर्मा की कहानी सुनिए द्वारिकाधीश! ये शोक है…’

हिंदी के युवा कथाकारों में अनघ शर्मा का अपना मुहावरा है, अपना कथालोक है, जिसके रेशों को वे बहुत बारीकी से बुनते हैं। अपनी कहानियों में जितने प्रयोग वे करते हैं उतने शायद ही कोई और करता हो। यह उनकी नई कहानी है- मॉडरेटर =================== सुनिए द्वारिकाधीश! ये शोक है… …

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सफ़र के साथ सफ़र की कहानियाँ होंगी/ हर एक मोड़ पे जादू-बयानियाँ होंगी

हाल में ही जानी मानी लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ की यात्रा पुस्तक आई है ‘होना अतिथि कैलाश का’। राजपाल एंड संज से प्रकाशित इस किताब पर यह टिप्पणी लिखी है लेखिका-अनुवादिका रचना भोला यामिनी ने- मॉडरेटर =========================== होना अतिथि कैलाश का— क्या कैलाश का अतिथि होना इतना सहज धरा है\ औघड़ …

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