Recent Posts

जो विस्मित नहीं हो सकते, वे अधूरे मनुष्य हैं

‘बनास जन’ पत्रिका के नए अंक में कई रचनाएँ पठनीय हैं। आज पढ़िए वरिष्ठ कवि-लेखक कुमार अम्बुज का गद्य, बनास जन से साभार- मॉडरेटर =============================== संसार के आश्चर्य (जो विस्मित नहीं हो सकते, वे अधूरे मनुष्य हैं।)   कुमार अम्बुज    आश्चर्य की पिछली कहानियों में जो बता चुका हूँ, …

Read More »

अनामिका अनु की कुछ नई कविताएँ

अनामिका अनु ने बहुत कम समय में अपनी कविताओं से अच्छी पहचान बनाई है। आज उनकी कुछ नई कविताएँ- मॉडरेटर ==================== 1.लड़कियाँ जो दुर्ग होती हैं   जाति को कूट पीस कर खाती लड़कियों के गले से वर्णहीन शब्द नहीं निकलते, लेकिन निकले शब्दों में वर्ण नहीं होता है   …

Read More »

धर्म या धर्मग्रन्थ गलत नहीं होता बल्कि उसकी व्याख्याएं गलत होती हैं

पाकिस्तान के लेखक अकबर आगा के उपन्यास ‘द फ़तवा गर्ल’ पर यह टिप्पणी लिखी है तेज़पुर विश्वविद्यालय, असम की शोध छात्रा प्रीति प्रकाश ने- मॉडरेटर ========================================================= जिन्दगी में बाज़ दफा ऐसा होता है कि कोई बेशकीमती सी चीज अनायास ही हाथ लग जाती है| “ द फतवा गर्ल” किताब मुझे …

Read More »