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प्रियंका ओम की कहानी ‘शर्त एक सौ अस्सी रुपये की’

आज पढ़िए युवा लेखिका प्रियंका ओम की कहानी ‘शर्त एक सौ अस्सी रुपये की’, यह कहानी ‘पाखी’ में प्रकाशित है। आप यहाँ पढ़कर अपनी राय दे सकते हैं- ============================================= बेटे के चीखने की आवाज़ आ रही थी; वह नींद में डर गया था, शायद कोई बुरा सपना देखा होगा | …

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कुमाऊँ प्रवास: यही है वह दिन के जिसका वादा था

युवा लेखिका प्रदीपिका सारस्वत ने अपने कुमाऊँ प्रवास के अनुभवों को डायरी रूप में दर्ज किया है। उसका एक चुनिंदा अंश उन्होंने जानकी पुल के पाठकों के लिए साझा किया है। आप भी पढ़िए- ============================== यह सप्ताहांत बाकी सप्ताहांतों से बहुत अलग बीता. यह पंक्ति टाइप करने के बाद मैं …

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सुरेन्द्र मोहन पाठक का व्यंग्य ‘बाल साहित्य कैसे लिखें’

जाने-माने लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और दुबारा लेखन में रम गए हैं। यह उनका नया व्यंग्य पढ़िए, जो खास आपके लिए लिखा है उन्होंने- ================================ ‘बाल साहित्य कैसे लिखें’ (पाठ्यक्रम में रूचि रखने वाले व्यक्तियों के लिए)   हमें विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है …

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