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हमें अपनी भाषाओं की ओर लौटना ही पड़ेगा

आत्मनिर्भरता का संबंध मातृभाषा से भी है। अशोक महेश्वरी ने अपने इस लेख में यह बताने की कोशिश की है कि जब काम करने वाले और काम कराने वाले एक ही भाषा भाषी होंगे तो उससे आत्मनिर्भरता का द्वारा खुलेगा। भारत में शिक्षा के विस्तार के लिए भी ज़रूरी है …

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कविता शुक्रवार 15: हृदयेश मयंक की कविताएं बसंत भार्गव के चित्र

इस बार की प्रस्तुति में हृदयेश मयंक की कविताएं और बसंत भार्गव के चित्र शामिल हैं। हृदयेश मयंक का जन्म 18 सितम्बर 1951को जौनपुर जिले के एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने एम ए हिन्दी मुंबई विश्व विद्यालय से किया है। उनके कई कविता संग्रह और गीत संग्रह प्रकाशित …

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सोशल मीडिया की असलियत बताने वाली फ़िल्म है ‘द सोशल डिलेमा’

प्रज्ञा मिश्रा ब्रिटेन में रहती हैं और समय-समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर जानकी पुल पर नियमित लिखती हैं। उनकी यह टिप्पणी जेफ़ ओरलोवसकी निर्देशित डोक्यूड्रामा ‘सोशल डिलेमा’ पर है। आप भी पढ़िए- ============= पिछले कुछ सालों में न जाने कितनी बार यह बात कही और सुनी गयी है कि …

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