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कितना प्यार करता हूँ मैं इण्डियन फ़िल्म्स से!  

एक उभरते हुए रूसी बाल-साहित्यकार हैं- सिर्गेइ पिरिल्यायेव। उन्हें भारत और भारतीय फिल्मों से दीवानगी की हद तक प्यार है। अपनी जीवनी भी उन्होंने “इण्डियन  फिल्म्स ” नाम से लिखी है। उसी किताब से एक अंश जिसका अनुवाद किया है आ. चारुमति रामदास – ============================== पहली इण्डियन फ़िल्म, जो मैंने देखी, वो थी फ़िल्म …

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चे गेवारा की जीवनी का एक अंश

पिछले दिनों महान क्रांतिकारी चे गेवारा की जीवनी राजकमल से प्रकाशित हुई थी। वी के सिंह की लिखी इस जीवनी का एक अंश पढ़िए- ===================== स्टूडियो जल्दी ही हम सारे गुयेवारा भाई-बहनो और हमारे संगी-साथियों के लिए पढ़ाई और रिहाइश का अच्छा-खासा अड्डा बन गया। मैं वहाँ अपनी परीक्षाओं की …

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मनोहर श्याम जोशी के उपन्यास ‘कौन हूँ मैं’ पर एक टिप्पणी

आज हिंदी के हरफ़नमौला लेखक मनोहर श्याम जोशी की पुण्यतिथि है। 2006 में आज के दिन उनका निधन हो गया था। आज प्रस्तुत है उनके मरणोपरांत प्रकाशित उनके उपन्यास ‘कौन हूँ मैं‘ पर राहुल सिंह की टिप्पणी- ====================== मनोहर श्याम जोशी का उपन्यास ‘कौन हूँ मैं‘, सन 2006 में उनके …

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