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‘दुर्वासा क्रोध’ वाला मानवीय व्यक्तित्व

विष्णु खरे के निधन के बाद जो श्रद्धांजलियाँ पढ़ीं उनमें मुझे सबसे अच्छी वरिष्ठ लेखक विनोद भारद्वाज की लगी। इंडिया टुडे में प्रकाशित इस श्रद्धांजलि को साभार प्रस्तुत कर रहा हूँ- प्रभात रंजन ============================================ कभी-कभी मौत एक बहुत गलत और अजीब समय पर आकर दरवाजे पर चुपचाप खड़ी हो जाती …

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स्टोरीटेल: ऑंखें बंद करके कहानी में घुल जाना

स्टोरीटेल ऐप पर कहानी सुनने के अनुभव को हमसे साझा कर रही हैं सुपरिचित लेखिका इरा टाक। स्टोरीटेल के लिए उन्होने आडियो सीरीज भी लिखा है- मॉडरेटर ========================== =========================== थोडा होश सँभालते ही हम कहानियों की गिरफ्त में आ जाते हैं.. बचपन में दादी, नानी, फिर माँ के किस्से, कहानी …

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विष्णु खरे की एक असंकलित कविता

विष्णु खरे की एक असंकलित कविता कवि-संपादक पीयूष दईया ने उपलब्ध करवाई है।  विष्णु खरे की स्मृति को प्रणाम के साथ- मॉडरेटर ================ वसन्त  वे दौड़ कर दीवार तक पहुँच जाते हैं दरारों में झाँक वापस मेरी ओर गर्दन मोड़ कर मेरी पीठ से पूछते हैं क्या तुम गंधस्नाता वासन्ती बयार …

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