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मदरसा -एजुकेशन के दिन

सुहैब अहमद फ़ारूक़ी पुलिस अधिकारी हैं लेकिन संजीदा शायर हैं और अच्छे गद्यकार भी हैं। हम पहले भी पातालकोट पर लिखी उनकी रिव्यू पढ़ चुके हैं। आज मदरसे में पढ़ने के उनके अनुभव पढ़िए। इससे मंडरा शिक्षा की एक झलक भी मिल जाती है- =========== मदरसा और उसमें दी जाने …

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कविता शुक्रवार 3: कृष्ण कल्पित की सात कविताएँ

‘कविता शुक्रवार’ के तीसरे अंक में वरिष्ठ कवि कृष्ण कल्पित की कविताएं और देवीलाल पाटीदार के रेखांकन प्रस्तुत हैं। लिखने की अपनी बेबाक कहन-शैली से चर्चित रहे कवि-गद्यकार कृष्ण कल्पित का जन्म 30 अक्तूबर 1957 को रेगिस्तान के एक कस्बे फतेहपुर-शेखावाटी में हुआ। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से हिन्दी साहित्य …

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भुवनेश्वर: एक जीनियस लेखक की याद

भुवनेश्वर को सम्यक् रूप से समझने के लिए समीर कुमार पाठक का यह लेख अच्छा लगा। वे वाराणसी में प्राध्यापक हैं। लेख आपसे साझा कर रहा हूँ- ==============================  भुवनेश्वर उन बिरले सृजनकर्मियों में थे जिन्होंने अपने छोटे से जीवनकाल में लीक से हटकर अलग किस्म का साहित्य सृजित किया और …

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