Home / ब्लॉग / बली सिंह की कविताएं

बली सिंह की कविताएं

बली सिंह को हम लोग एक संघर्षशील, ईमानदार और जुझारू जनवादी कार्यकर्ता के रूप में जानते हैं. कम लोग जानते हैं कि वे बेहद संवेदनशील कवि हैं. कॉलेज के दिनों में उनकी एक कविता मुझे बहुत पसंद थी- घर न हुआ कुआँ हो गया… अभी हाल में ही उनक एक कविता संग्रह आया है ‘अभी बाकी है’, उसी संग्रह से कुछ कविताएं, जो मुझे पसंद हैं- प्रभात रंजन 
==================
1.
दोस्त के लिए

वह जड़ों से
गहरे जुड़ा रहा
वह जड़ों से बाहर कभी नहीं निकला
उसे जड़ों से बहुत लगाव था-
वह जड़ों में ही रम गया
उसने जड़ों को ही पाला-पोसा-सींचा
और खुद जड़ हो गया
वह जड़ों से कभी नहीं कटा
वह जड़ों में ही बिला गया  
2.
चिंतित

वो अपने भविष्य के बारे में
चिंतित है
जिसका कोई भविष्य ही नहीं
लोग समझते हैं कि वो
हमारी ही लड़ाई लड़ रहा है,
वास्तव में वो
खुद की जान बचने के लिए
लड़ रहा होता है
जिसे वह जाहिर नहीं होने देता-
किसी भी समय
सदैव धीर गम्भीर-थावर
अपने उज्जवल भविष्य के बारे में चिंतित
जो है भी?
3.
दिल्ली शहर में आदमी

यहाँ शहर में बैठा आदमी
बारिश में
गाँव की चिंता में भीगने लगता है,
हरेक आदमी यहाँ
अपने भीतर एक गाँव लिए फिरता है
गाँव के स्थानीय देवता उसका पीछा नहीं छोड़ते
यहाँ वह
गाँव के जैसा बड़-पीपल खोजता रहता है
ढूंढता चलता है जौहड़ की गूलर
नीम या बबूल की दातुन तोड़ता घूमता है,
और रेतीली रास्तों की याद में
लोटपोट होता जाता है
दिल्ली शहर में आदमी
4.
धूप सी खिली हो

दरवाज़ा हिला
जैसे तुम आई हो,
और
हवा ने ऐसे छुआ
जैसे तुमने छुआ हो
फिर देखा तुम तो बाहर
धूप सी खिली हो
5.
पहाड़ों पर

पहाड़ों पर भी
धूप एक समान नहीं दिखती
धवल चोटी ही
सबसे अधिक चमकती है
थोड़ा नीचे उतर आओ तो
वही काली छाया है चिर-परिचित
और नीचे तो खाई है भयावह
यह कितना विचित्र है कि
खाई के बिना दृश्य असुंदर कहलाता है
जंगल तो पहाड़ों पर भी कम नहीं
फिर क्यों तलाशते हैं जंगल खाई में लोग
धवल से धवल चोटी भी
सारी धवल नहीं होती
बीच बीच में से झांकती है
उसकी काली-काली असलियत
बहुत सशक्त पहाड़ भी
कहीं न कहीं खोखला है 
  •  
  •  
  •  
  •  
  •   
  •  
  •  
  •  

About Prabhat Ranjan

Check Also

तन्हाई का अंधा शिगाफ़ : भाग-10 अंतिम

आप पढ़ रहे हैं तन्हाई का अंधा शिगाफ़। मीना कुमारी की ज़िंदगी, काम और हादसात …

3 comments

  1. बहुत सुंदर। आपकी सभी कविताएं एक से बढ़कर एक हैं। आपका आभार।

  2. बली सिंह पर सख्त निगरानी रखनी होगी.

  3. बहुत सुन्दर रचनाएँ

Leave a Reply

Your email address will not be published.