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हैप्पी वाला बर्थ डे राहुल गांधी!

आज 19 जून है. याद आया राहुल गाँधी का जन्मदिन है. बारिश हो रही है. दिल्ली का मौसम किसी पहाड़ी कस्बे सा रूमानी हो गया है. सोचा कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता की तरह उनके बंगले पर माला लेकर जाऊं और हैप्पी बर्थ डे बोल आऊँ. फिर याद आया कि वे तो नानी से मिलने इटली गए हुए हैं. वे हमेशा कहीं न कहीं गए हुए होते हैं. देश के प्रधानमंत्री भी लगातार विदेश यात्राओं पर रहते हैं और विपक्ष की सबसे बड़ी उम्मीद राहुल गांधी भी लगातार यात्राओं में रहते हैं. जाने कहाँ, जाने कहाँ!

अभी कुछ दिन पहले उन्होंने एक भाषण में कहा था कि वे उपनिषद और गीता के अध्ययन में लगे हुए हैं. इसके लिए शायद स्टडी लीव पर गए थे. इससे पहले कि वे उपनिषद और गीता पर कोई व्याख्यान दे पाते कि फिर से नानी के यहाँ चले गए. देश में राष्ट्रपति चुनाव की गहमागहमी है. सभी दल राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों की तलाश में लगे हुए हैं. देश की राजनीति का एक महत्वपूर्ण अवसर है लेकिन राहुल जी देश में नहीं हैं. कोई नई बात नहीं है देश में जब भी कोई महत्वपूर्ण अवसर आता है वे कहीं चले जाते हैं. जाने से पहले मंदसौर में किसानों की मौत पर शोक जताने गए थे लेकिन मध्यप्रदेश की सरकार ने उनको जिले में नहीं जाने दिया. उसके बाद वे बीमार नानी को देखने इटली चले गए. वे हर बार देश में कहीं न कहीं जाना चाहते हैं जब नहीं जा पाते तो कहीं और चले जाते हैं.

आज राहुल जी 46 साल के हो गए. सुबह सुबह एक ज्योतिषी ने बताया कि इस साल उनका सूर्य प्रबल है इसलिए नहीं कुछ तो वे कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष जरूर बन जायेंगे. हालाँकि कई सालों से इस बात को इतनी बार सुन चुका हूँ कि अब जब तक बन न जाएँ तब तक किसी ज्योतिषी पर भरोसा नहीं होता.

राहुल जी अभी भी इस देश में पुरनिया लोग हैं जिनको आपके पिता, आपकी दादी के राजकाज की बातें याद हैं. उनके किये काम याद हैं. सबको बड़ी उम्मीदें हैं. मुझे भी हैं. जिन दिनों आप सेंट स्टीफेंस कॉलेज में पढ़ते थे मैं सामने वाले हिन्दू कॉलेज में पढता था.

राहुल जी अब कहीं और कहीं और जाना छोड़िये. प्रधानमंत्री जी विदेश संभाले हुए हैं आप देश संभालिये. अभी भी आपसे उम्मीदें टूटी नहीं हैं. 47 वें साल में प्रवेश कर चुके हैं. गीता भी पढ़ चुके हैं और उपनिषद भी. कहते हैं गीता का ज्ञान हासिल करने के बाद अर्जुन ने कुरुक्षेत्र में महाभारत के युद्ध का रुख पलट दिया था.

आइये आप भी पलट कर आइये राहुल जी!

प्रभात रंजन

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