Home / Featured / मन के मंजीरे: कुछ लव नोट्स

मन के मंजीरे: कुछ लव नोट्स

रचना भोला यामिनी जानी-मानी अनुवादिका हैं. वह बहुत अच्छा गद्य भी लिखती हैं. बानगी के रूप में पढ़िए उनके कुछ लव नोट्स- मॉडरेटर

============

मन के मंजीरे —

तुम हो तो बजते हैं मन के मंजीरे— मन गुनगुनाता है] सुनाता है हरदम अपना ही राग। मन की उसी रागिनी से निकले कुछ लव नोट्स] जो तुमसे कभी कहे तो नहीं गए] पर यकीं है कि तुमने सुन ही लिए होंगे] मेरी हर अनकही को सुनने का हुनर रखने वाले…

लव नोट्स # 1
ये जो तुम गाहे-बगाहे अचानक अपने हाथों से मेरी गर्दन के पिछले हिस्से को सहला जाते हो। जानते भी हो… बदन से होते हुए मेरी रुह तक उस छुअन की सिरहन दौड़ जाती है और देर तक मेरे आसपास तुम्हारी अंगुलियों की भीनी महक मंडराया करती है…

भला ऐसी शिद्दत से भी कोई छूता है किसी को…

लव नोट्स # 2

उसकी पीठ पर तिलों की गिनती दिन-ब-दिन बढ़ती जाती है। कहता है कि पिगमेंटेशन का असर है पर मैं जानती हूँ कि हमारी देह पर बने ये तिल जीवन के गुप्त प्रेम प्रसंगों का परिचय देते हैं। खुशनसीब हूँ…. वह मेरे हर रूप को चाहने लगा है… … हमारे गुप्त प्रेम प्रसंगों की गिनती बढ़ती जा रही है। उसकी देह पर धरे एक-एक तिल के पीछे छिपी प्रणय गाथाओं की अद्भुत प्रेयसी मैं ही तो हूँ.

लव नोट्स # 3
तुम्हारे माथे के दाईं ओर कनपटी पर जो नीली सी नस उभरती है न….ये वही नस है जिसे मैंने तुमसे भी पहले चाहा था। तुमसे मिलने के बाद मारे लाज के निगाह उठती नहीं थी और मेरी चोर नज़रें उसी नस से दिल लगा बैठी थीं। मैंने अपना पहला चुंबन वहीं तो दिया था। जब मेरे होठों की पहली जुंबिश ने उस नस को छुआ था तो वह कैसे सिहर-सिहर उठी थी। याद करती हूँ तो आज भी होठों पर तुम्हारे नमक़ का ज़ायक़ा उभर आता है। वो पल मेरी जिंदगी के कुछ अजीज़ और दिल के बेहद क़रीब रहने वाले पलों में से था।
मेरी जिंदगी के ऐसे ही कुछ मीठे – नमक़ीन और बेहतरीन लम्हों के जागीरदार हो तुम
ऐई सुनो…वह पल उस चुंबन संग वहीं कहीं टँका होगा, संभाले रखना

लव नोट्स # 4
मैं कंप्यूटर पर काम करने बैठती तो तुम उल्टी कुर्सी की टेक पर मुँह टिकाए बैठे, जाने कितनी-कितनी देर तक मेरी पीठ को एकटक तका करते। मैं धीमे-धीमे उस मीठी आंच में सुलगती, अपनी पीठ से उठती तपिश के बीच, उस लोबानी लम्हे की महक से महकती, चुपचाप अपना काम करती जाती।
और फिर तुम व्यस्त होते चले गए, उसी व्यस्तता ने बदल दी बहुत सी आदतें, मुझे यूँ बेवजह तकने की आदत भी उनमें से एक थी। आदत तो नहीं रही पर तुम्हारी एक जोड़ा आँखें आज भी मेरी पीठ पर बंधी हैं।

मैं इस दुनिया को दो जोड़ी आँखों से देखने लगी हूँ
नवाज़िश, करम, शुक्रिया मेरे साहिब

लव नोट्स # 5
याद है, तुम्हारे सीने पर काले घुंघराले बालों के बीच एक लाल भभूके रंग का निशान हुआ करता था। मेरी अंगुलियाँ अक्सर उस से खेला करतीं। जब पहली बार सीने पर सिर रखा तो तेरे दिल की धड़कनों से उठते साज़ के बीच ही मुझे अपना सिंगार मिल गया।
इश्क़ के उस सुर्ख़ लाल रंग में चाहतों और उमंगों का नीला रंग घोला तो बैंगनी रंग उभर आया
…. उदासियों और इंतज़ारों का काला रंग घोल कर गहरा भूरा बनाया
तो कभी लाल रंग में दुआओं का सफेद रंग घोल कर गुलाबी रंग का बड़ा सा गोल टिप्पा माथे पर धर लिया।
जोगिया, इन दिनों उसी लाल में जुनूँ का पीला रंग मिला कर केसरिया टीका माथे पर लगाए, सतरंगी चोला पहने तेरी जोगन बनी डोलती हूँ।
जिस दिन से मैं जोगी की हुई
तब ये इश्क इबादत हुआ.

लव नोट्स # 6

न… भला दो जोड़ी होंठ आपस में मिलने से भी कहीं लिपलाॅक होता है। प्रेम का चुंबन वही जिसमें होंठ भी चुंबन के एहसास से कहीं परे हो जाएँ। होठों की कलियाँ खिलें और अपनी ही महक में मदहोश हो इतरा उठें। उस मखमली एहसास की छुअन में बिसरा दें अपना-आप… रूह का क़तरा-क़तरा लीन हो जाए खु़द में, प्रेम का गहरा रंग बाक़ी हर दूसरे रंग पर हावी हो उठे, घंटियों की हल्की मधुर टुनटुनाहट में दो मन एक हो कर क़ायनात के सारे रहस्य खोल लें और देह की माँग से इतर आत्मा का पूरा अस्तित्व चुंबनों की मीठी मार से सराबोर हो उठे….. खिल जाए उसका रोम-रोम…
तब होता है प्रेम से भरा मदमाता रसीला चुंबन

  •  
  •  
  •  
  •  
  •   
  •  
  •  
  •  

About Prabhat Ranjan

Check Also

प्रदीपिका सारस्वत की कविताएँ और कश्मीर

प्रदीपिका सारस्वत कश्मीर में लम्बा समय बिताकर अभी हाल में लौटी हैं। कुछ कविताओं में …

4 comments

  1. विस्मय
    रंग
    आकृति
    प्राण
    उल्लास

  2. लव नोट्स में अनिर्वचनीय प्रेम !!!!!!!!!!!!!!! हीर की याद आई जिसने शायद इन्ही लम्हों से गुजर कर कहा होगा —————– रांझा — रांझा करदी नी मैं आपे रांझा होई ————- सइयों नी मेनू आखो रांझा — मेनू हीर ना आखे कोई ——— एक मन जोगन की अप्रितम प्रेम कथा —————-

  3. आपका हार्दिक आभार रेणु 🙂

Leave a Reply

Your email address will not be published.