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मूर्ति का तराशा हुआ शिल्प इसे पठनीय बनाता है

इरा टाक ने हाल के बरसों में अपनी मेहनत से लेखन में अच्छी पहचान बनाई है. जगरनॉट बुक्स पर उनका उपन्यास ‘मूर्ति’ है. उसकी समीक्षा शिल्पा शर्मा ने की है- मॉडरेटर

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मूर्ति, मीठी का कड़वा सौदा… जगरनॉट बुक्स पर उपलब्ध इरा टाक द्वारा रचित इस उपन्यास को पढ़ते हुए आप जैसे किसी कल्पना लोक में पहुंच जाते हैं. रहस्य, रोमांच और प्रेम की दास्तां के साथ गूंथा गया यह उपन्यास आपको कहानी की नायिका मीठी और उसपर बीत रही परेशानियों के साथ-साथ कहानी में मौजूद हर एक पात्र से जोड़ता चलाता है. उपन्यास को पढ़ते हुए आप यह बातभालीभांति जान जाते हैं कि यह काल्पनिक उपन्यास है, पर इसकी फ़ैंटसी और कहानी के दिलचस्प मोड़ आपको इस उपन्यास को इसमें डूबकर पढ़ने को मजबूर कर देती है. उपन्यास की शुरुआत से हीयह जानने की चाहत बराबर बनी रहती है कि आगे क्या होगा? उपन्यास के दूसरे चैप्टर में हमारे सामाज की प्रेम को लेकर वह दोगली सोच भी सामने आती है, जब वह किसी प्रेमी जोड़े का प्रेममुक़म्मल नहीं होने देना चाहता, लेकिन उस प्रेमी जोड़े के सामाजिक और व्यावसायिक रूप से सफल होने पर उसे वही समाज सहर्ष अपना लेता है. यह उपन्यास आपको यह भी बताता चलता है कि कैसेपरिस्थितियां बदलने पर अपने ही लोग एक स्त्री के शोषण में पलभर की देर नहीं लगाते, फिर चाहे वो मानसिक हो, शारीरिक हो या आर्थिक हो… मीठी के पिता की कहानी भी बड़ी सहजता से सामनेआती है और मीठी-विलियम की अपनी प्रेम कहानी भी आपको किसी परी-कथा की तरह कल्पना लोक में विचरण करा लाती है. इरा एक काल्पनिक कहानी में पात्रों को सामयिक रखने में पूरी तरहसफल रही हैं. कहानी के बहाव ने इसकी पठनीयता बढ़ा दी है. किसी कमर्शल सस्पेंस थ्रिलर मूवी की तरह लिखे गए इस नॉवेल की कमज़ोर कड़ी है इसकी प्रूफ़ रीडिंग. कहानी के प्रवाह के बीच मात्राओं/शब्दों की ग़लतियां खटक जाती हैं. लेकिन डिजिटल माध्यम की सकारात्मकता का इस्तेमाल कर जगरनॉट बुक्स के एडिटर्स इस कमी को तुरंत दूर भी कर सकते हैं. यदि आप शिल्प में तराशी हुईअपनी समय की लगनेवाली काल्पनिक, रोमांचक प्रेम कहानियां पढ़ने में दिलचस्पी रखते हैं तो मूर्ति पढ़ने में आपको  पलभर की भी देर नहीं करनी चाहिए.

-शिल्पा शर्मा

https://www.juggernaut.in/books/eedd0fa7fb8f49dda1cadf3957f31500/preview

लेखक परिचय: 

शिल्पा शर्माः पोस्टग्रैजुएशन इले‌क्ट्रॉनिक्स में और जी 

लेखन में. पिछले 16 वर्षों से मीडिया के विभिन्न संस्थानों में कार्य का

 अनुभव. कई कहानियां व कविताएं देशभर के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में

 प्रकाशित. फ़ेमिना हिंदी का 9 वर्षों तक सम्पादन. फ़िलहाल स्वतंत्र 

लेखन व  सम्पादन. फ़ेसबुक पेज: दिल से.   संपर्क: shilpaansharmaa@gmail.com,  9967974469.

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