Home / Featured / हारना नागार्जुन की फितरत में नहीं था

हारना नागार्जुन की फितरत में नहीं था

तारानंद वियोगी ने राजकमल चौधरी की बहुत अच्छी जीवनी लिखी थी, आजकल नागार्जुन की जीवनी लिख रहे हैं। अभी दो दिन पहले नागार्जुन की पुण्यतिथि के अवसर पर ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ पटना में उन्होंने नागार्जुन पर बहुत अच्छा लेख लिखा था। जिन्होंने न पढ़ा हो उनके लिए- मॉडरेटर

==========

  •  
  •  
  •  
  •  
  •   
  •  
  •  
  •  

About Prabhat Ranjan

Check Also

भोपाल क्यों याद करे काॅमेडियन जगदीप को?

प्रसिद्ध अभिनेता जगदीप के निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए यह लेख लिखा है अजय बोकिल …

One comment

  1. हृषीकेश सुलभ

    बाबा पर तारा जी ने जब भी लिखा है, श्रेष्ठ लिखा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.