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‘काजल लगाना भूलना’ का मर्म

व्योमेश शुक्ल समकालीन हिंदी कविता का जाना पहचाना नाम है। हाल में उनका कविता संग्रह प्रकाशित हुआ है ‘काजल लगाना भूलना’। राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित इस संग्रह पर यह लम्बी टिप्पणी की है बीएचयू के शोध छात्र मानवेंद्र प्रताप सिंह ने- ========== व्योमेश शुक्ल का हाल ही में प्रकाशित कविता …

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वीरेन्द्र प्रसाद की कुछ कविताएँ व गीत

  भा.प्र.से. से जुड़े डॉ. वीरेन्द्र प्रसाद अर्थशास्त्र एवं वित्तीय प्रबंधन में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। वे पशु चिकित्सा विज्ञान में स्नातकोत्तर भी हैं। रचनात्मक लेखन में उनकी रुचि है। प्रस्तुत है भीड़भाड़ से दूर रहने वाले कवि-लेखक वीरेन्द्र प्रसाद की कुछ कविताएँ और गीत-जानकी पुल ========================================   १. मेरे जीवन …

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यह समय हमारी कल्पनाओं से परे है

‘देर आयद दुरुस्त आयद’- यह मुहावरा अंजू शर्मा के सन्दर्भ में सही प्रतीत हो है. उन्होंने कविताएँ लिखना शायद देर से शुरू किया लेकिन हाल के वर्षों में जिन कवियों ने हिंदी में अपनी पहचान पुख्ता की है उनमें अंजू शर्मा का नाम प्रमुखता से लिए जा सकता है. आज …

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स्त्री हर जगह स्त्री है

दिल्ली की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद बलात्कार और उसके कानूनों को लेकर बहस शुरु हो गई है. कवयित्री अंजू शर्मा का यह लेख भी पढ़ा जाना चाहिए- जानकी पुल. ==================================  मेरी नौ वर्षीया बेटी ने कल मुझसे पूछा कि रेपिस्ट का क्या मतलब होता है। पिछले कई दिनों से वह …

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प्रेम को पाने, खोने, पाने और फिर खो देने के इस खेल में

आज  अंजू शर्मा की कविताएँ. हाल में जिन कवियों ने अपनी पहचान बनाई है उनमें अंजू शर्मा का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है. जीवन की सहजता से बुनी उनकी कविताओं में कुछ असहज करने वाले प्रसंग हैं, स्त्रियों की मुक्ति से जुड़े सवाल हैं, लेकिन नारे की तरह …

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