Home / Amrut Ranjan (page 2)

Amrut Ranjan

कूपरटीनो हाई स्कूल, कैलिफ़ोर्निया में पढ़ रहे अमृत कविता और लघु निबंध लिखते हैं। इनकी ज़्यादातर रचनाएँ जानकीपुल पर छपी हैं।

नौसैनिकों के विद्रोह पर आधारित मराठी उपन्यास “बड़वानल” का एक अंश

राजगुरु आगरकर लिखित वड़वानल मराठी का एक प्रसिद्ध उपन्यास है। चारुमति रामदास ने इसका मराठी से हिंदी में अनुवाद किया है। वे EFLU हैदराबाद के रूसी भाषा विभाग से सेवा निवृत्त हुई हैं। नौसेना के एक विद्रोह पर आधारित उपन्यास का यह रोचक अंश पढ़िए आज जानकीपुल पर।  चारुमति रामदास ने रूसी व …

Read More »

शुभम अग्रवाल की पन्द्रह कविताएँ

युवा कवि शुभम अग्रवाल (उम्र 27 वर्ष) हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लिखते हैं. उनकी कविताएँ इन दोनों भाषाओं में साहित्यक पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं. हिन्दी में उनका पहला कविता संग्रह लगभग तैयार है. वे गुड़गाँव में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं.       1. कवि नहीं हूँ मैं अगर …

Read More »

सागर का सम्मोहन: लक्षद्वीप

लक्षद्वीप की सुंदरता विलक्षण और निराली है। मुकुल कुमारी अमलास ने लक्षद्वीप की यात्रा के पूरे अनुभव को बड़ी ख़ूबसूरती से बयान किया है। यह संस्मरणात्मक लेख काफ़ी बारीकी से लक्षद्वीप के इतिहास और समाज के बारे में आपको बताने के साथ ही समंदर की रोमांचक गहराइयों में ले जाएगा। ———– …

Read More »

उषाकिरण खान की कहानी ‘बम महादेव’

हिन्दी और मैथिली की प्रख्यात लेखिका उषाकिरण खान बिहार की पहली महिला लेखिका हैं जिन्हें पद्मश्री का सम्मान मिला। वे बिहार के मिथिला क्षेत्र दरभंगा लहेरियासराय से संबंधित हैं। उनकी तकरीबन चालीस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनको “भामती” के लिए साहित्य अकादमी सम्मान मिल चुका है। उषाकिरणजी की यह कहानी “बम महादेव”  मैथिली से अनूदित …

Read More »

फायरफॉक्स फोकस अब अंगिका में भी उपलब्ध

एंड्रायड के लिए फायरफॉक्स का एक विशेष ब्राउजर फोकस अब अंगिका भाषा में भी उपलब्ध है। मोजिला फायरफॉक्स की ओर से जारी फोकस एक ऐसा विशेष ब्राउजर है जिसमें गोपनीयता को काफी अधिक महत्व दिया जाता है। इस विलक्षण कार्य को अंजाम दिया है कुमार रितुराज ने जो अभी मधेपुरा …

Read More »

स्वाति श्वेता की कहानी ‘अपाहिज’

स्वाति श्वेता की कहानियाँ कई पत्र-पत्रिकाओं में छप चुकी हैं। पेशे से अध्यापक स्वाति का एक कहानी संग्रह “कैरेक्टर सर्टिफ़िकेट” और एक कविता संग्रह “ये दिन कर्फ़्यू के” प्रकाशित है। अभी स्वाति गार्गी कॉलेज में स्थाई सहायक प्रवक्ता हैं। आज स्वाति श्वेता की कहानी अपाहिज पढ़िए। — अमृत रंजन   …

Read More »

बाल कवि अमृत रंजन की वयस्क कविताएँ

बाल कवि अमृत रंजन की कविताएँ करीब चार साल से पढ़ रहा हूँ, जानकी पुल पर साझा कर रहा हूँ. 14 साल के इस कवि में प्रश्नाकुलता बढती जा रही है, जीवन जगत के रहस्यों को लेकर जिज्ञासा भी. कविताई भी निखर रही है. कुछ नई कविताएँ पढ़िए. आज कवि …

Read More »

अमृत रंजन का लेख ‘अंत जिज्ञासा है’

स्कूली लेखक अमृत रंजन जैसे जैसे बड़ा होता जा रहा है उसके लेखन-सोच का दायरा बड़ा होता जा रहा है. उसके लेखन में गहरी दार्शनिकता आ गई है. सबसे बड़ी बात यह है कि हिन्दुस्तान से आयरलैंड जा चुका है लेकिन हिंदी में लिखना नहीं छूटा है. इस बार पढ़ते …

Read More »

किशोर कवि अमृत रंजन की नई कविताएँ

अमृत रंजन जब पुणे में पांचवीं कक्षा में पढता था तब से जानकी पुल पर उसकी कविताएँ, उसके लेख, उसकी डायरी के अंश छपते रहे हैं अब वह आयरलैंड में है तब भी हिंदी में लिखने का उसका जूनून बाक़ी है. उसकी कविताओं में पहले जो एक बालसुलभ जिज्ञासा थी …

Read More »

शुरुआत ‘कुछ नहीं’ है

स्कूली लेखक अमृत रंजन इस बार बहुत दिनों बाद जानकी पुल पर लौटा है. उसकी कविताओं से हम सब भली भांति परिचित हैं. एक बार उसने स्कूल डायरी लिखी थी और एक बार चेतन भगत के उपन्यास ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ की समीक्षा की थी. इस बार वह कुछ दार्शनिक प्रश्नों से …

Read More »