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Amrut Ranjan

कूपरटीनो हाई स्कूल, कैलिफ़ोर्निया में पढ़ रहे अमृत कविता और लघु निबंध लिखते हैं। इनकी ज़्यादातर रचनाएँ जानकीपुल पर छपी हैं।

स्कूली कवि अमृत रंजन की कवितायेँ

हमारा स्कूली कवि अमृत रंजन नई कविताओं के साथ हाजिर है. उसकी कविताओं की सबसे बड़ी विशेषता जो मुझे लगती है कि वह किसी की तरह नहीं बल्कि अपनी तरह लिखना चाहता है. इस बालक से यह हुनर आज के युवा कवियों को सीखना चाहिए कि वे  वरिष्ठ कवियों की …

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अमृत रंजन की ‘पांचवीं क्लास की डायरी’

अमृत रंजन की कवितायेँ हम जानकी पुल पर तब से पढ़ रहे हैं जब वह पांचवीं कक्षा में था. अब वह सातवीं कक्षा में है और उसने पांचवीं कक्षा के अनुभवों को डायरी की शक्ल में लिखा है. मेरे ख़याल से पहली ही बार किसी बालक ने हिंदी में इस …

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अमृत रंजन की ताज़ा कविताएं

स्कूल बॉय अमृत रंजन हिंदी का शायद सबसे कम उम्र का कवि है और वह अपनी इस जिम्मेदारी को समझता भी है. उसकी कविताओं में लगातार दार्शनिकता बढ़ रही है. जीवन-जगत को लेकर जो प्रश्नाकुलता थी उसकी जगह एक तरह का ठहराव दिखाई देने लगा है. पहल बार उसकी कवितायेँ मुझे …

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अमृत रंजन की नई कविताएं

अमृत रंजन की कविताएं तब से पढ़ रहा हूँ जब वह कक्षा 6 में था. अब वह कक्षा 7 में है. डीपीएस पुणे के इस प्रतिभाशाली की कविताएं इस बार लम्बे अंतराल के बाद जानकी पुल पर आ रही हैं. इससे पहले आखिरी बार हमने इसे तब पढ़ा था जब …

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हँसी-मजाक में गंभीर सन्देश देती फिल्म है ‘पीके’

कवयित्री अंजू शर्मा ने फिल्म ‘पीके’ पर एक सम्यक टिप्पणी की है. फिल्म के बहाने उसके आगे-पीछे उठने वाले सवालों से भी उलझती हुई चली हैं. एक पढ़ी जाने लायक टिप्पणी है. मेरे जैसे लोगों के लिए भी जिन्होंने अभी तक यह फिल्म नहीं देखी है- प्रभात रंजन  ============================= पिछले …

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‘हाफ गर्लफ्रेंड’ से क्या सीख मिलती है?

चेतन भगत ने एक बड़ा काम यह किया है कि उसने ऐसे दौर में जबकि पढना लोगों की जीवन शैली से से दूर होता जा रहा है, पढने को फैशन से जोड़ा है, उसकी पहुँच बढ़ाई है, उसका दायरा बढ़ाया है. हम अक्सर उसके लेखन की आलोचना करते हुए इस …

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अमृत रंजन की कविताएं

जनवरी में हमने डीपीएस पुणे में कक्षा छह में पढने वाले बालक अमृत रंजन की कविताएं प्रकाशित की थी. अब वह बालक कक्षा 7 में आ गया है और उसकी कविताओं की जमीन पकने लगी है. बालकोचित खिच्चापन उसमें अभी भी है लेकिन अनुभव और सोच का दायरा विस्तृत हुआ …

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उड़ना नहीं सीखा था मैंने अपनी माँ की कोख में

डीपीएस पुणे में कक्षा छह में पढ़ने वाले अमृत रंजन ने हमें अपनी कवितायें भेजी तो मैं थोड़ा विस्मित हुआ। 11 साल का लड़का सुंदर भाषा में ऐसी कवितायें लिखता है जिसमें सुंदर की संभावना दिखाई देती है। अगर लिखता रहा तो आगे कुछ बहुत अच्छा लिखेगा ऐसी संभावना दिखाई …

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