Home / Prabhat Ranjan (page 10)

Prabhat Ranjan

राजकमल प्रकाशन का 70वां साल और सहयात्रा का उत्सव

हिंदी साहित्य के पर्याय की तरह है राजकमल प्रकाशन. पुस्तकों को लेकर नवोन्मेष से लेकर हिंदी के क्लासिक साहित्य के प्रकाशन, प्रसार में इन सत्तर सालों में राजकमल ने अनेक मील स्तम्भ स्थापित किये हैं. सहयात्रा के उत्सव के बारे में राजकमल प्रकाशन के सम्पादकीय निदेशक सत्यानन्द निरुपम के फेसबुक …

Read More »

सेक्स के कोरे चित्रण से कोई रचना इरोटिका नहीं हो जाती – संदीप नैयर

संदीप नैयर को मैंने पढ़ा नहीं है लेकिन फेसबुक पर उनकी सक्रियता से अच्छी तरह वाकिफ हूँ. उनका उपन्यास  मेरे पास हिंदी और अंग्रेजी अनुवाद दोनों रूपों में उपलब्ध है. समय मिलते ही पढूंगा.  उनके साथ यह बातचीत की है युवा लेखक पीयूष द्विवेदी ने- मॉडरेटर ======================================= सवाल – आप …

Read More »

हीरो के अलावा बाकी सब ‘जीरो’

शाहरुख़ खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जीरो’ आ गई. इस फिल्म की समीक्षा लिखी है सैयद एस. तौहीद ने- मॉडरेटर ================ ग्यारह महीने पहले ज़ीरो का पहला टीज़र आया था।जनवरी से दिसंबर तक का इंतज़ार कराके साल की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों से एक रिलीज़ हुई है। शाहरूख खान की ‘ज़ीरो’ सिनेमाघरों …

Read More »

उपन्यास की स्त्री: अपूर्णता का विधान 

आशुतोष भारद्वाज शिमला के उच्च अध्ययन संस्थान में अपनी फ़ेलोशिप के दौरान भारतीय उपन्यास की स्त्री पर एक किताब लिख रहे हैं। उसका एक अंश- मॉडरेटर ========================================== उपन्यास की भारत में यात्रा कई अर्थों में भारत की खोज में निकली एक साहित्यिक विधा की यात्रा है। पिछले डेढ़ सौ वर्षों …

Read More »

दिव्य प्रकाश दुबे की आनेवाली किताब ‘अक्टूबर जंक्शन’ के कुछ अंश

दिव्य प्रकाश दुबे ‘नई वाली हिंदी’ के सबसे पुराने लेखक हैं. उनका नया उपन्यास आ रहा है ‘अक्टूबर जंक्शन’. उसके कुछ चुनिन्दा अंश पढ़िए- मॉडरेटर ==================================  किताब के बारे में- चित्रा और सुदीप सच और सपने के बीच की छोटी-सी खाली जगह में ‍10 अक्टूबर 2010 को मिले और अगले 10 …

Read More »

भोजपुरी के भिखारी, जिन्हें मल्लिकजी कहा जाता है

आज भोजपुरी के अमर लोक कलाकार भिखारी ठाकुर की जयंती है. उनको याद करते हुए, उनके योगदान को याद करते हुए प्रसिद्ध लोक गायिका चन्दन तिवारी का यह लेख पढ़िए. बेहद पठनीय और जरूरी लेख आज के दिन के लिए- मॉडरेटर ======================= आज 18 दिसंबर है. भोजपुरी के लिए बहुत …

Read More »

नेटफ्लिक्स का जंगल बुक सांप्रदायिक है

नेटफ्लिक्स पर जंगल बुक देख रहा था. उसमें मैंने देखा कि बघीरा मोगली को सिखा रहा था कि गाय का शिकार नहीं करना चाहिए क्योंकि वह हमारी माँ होती है. यही नहीं केवल एक शेर खान है जो जंगल में गाय का शिकार करता है. यह जंगल बुक का नया …

Read More »

भारत में शादी विषय पर 1500-2000 शब्दों में निबंध लिखें

अभी दो दिन पहले नोएडा जाते वक्त जाम में फंस गया. कारण था शादियाँ ही शादियाँ. तब मुझे इस व्यंग्य की याद आई. सदफ़ नाज़ ने लिखा था शादियों के इसी मौसम में- मॉडरेटर =============================================== भारतीय उपमहाद्वीप के अधिकतर देशों में शादी एक सामाजिक और नैतिक ज़िम्मेदारी मानी जाती है। …

Read More »

तसनीम खान की कहानी ‘मेरे हिस्से की चांदनी’

समकालीन युवा लेखन में तसनीम खान का नाम जाना-पहचाना है. उनकी नई कहानी पढ़िए- मॉडरेटर ============ आंगन में फैली रातरानी के महकने का वक्त हो चला। वो इस कदर महक रही थी कि पूरा घर इस खूशबू से तर हो गया। हवा के झोंकों के साथ इसकी खुशबू कमरों की …

Read More »

कोलंबियंस को सिएस्टा और फिएस्टा दोनों से लगाव है

गाब्रिएल गार्सिया मार्केज़, शकीरा और पाब्लो एस्कोबार के देश कोलंबिया की राजधानी बोगोता की यात्रा पर यह टिप्पणी लिखी है युवा लेखिका पूनम दुबे ने. पूनम पेशे से मार्केट रिसर्चर हैं. बहुराष्ट्रीय रिसर्च फर्म नील्सन में सेवा के पश्चात फ़िलवक्त इस्तांबुल (टर्की) में रह रही हैं. अब तक चार महाद्वीपों के बीस से …

Read More »