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Prabhat Ranjan

किस्सागोई : वाचिक परंपरा का नया दौर:हिमांशु बाजपेयी

राजकमल स्थापना दिवस पर आयोजित ‘भविष्य के स्वर’ में एक वक्तव्य प्रसिद्ध दास्तानगो हिमांशु बाजपेयी का भी था। हिंदुस्तानी की वाचिक परम्परा के वे चुनिंदा मिसालों में एक हैं। उनको सुनते हुए लुप्त होती लखनवी ज़ुबान की बारीकी को समझा जा सकता है। एक बार उनके दास्तान को सुनकर मनोहर …

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पॉपुलर बनाम पॉपुलिस्ट: आख्यान की वापसी: चंदन पाण्डेय

कल राजकमल प्रकाशन का 73 वाँ स्थापना दिवस समारोह था। इस अवसर पर भविष्य के स्वर के अंतर्गत अलग अलग पृष्ठभूमियों, अलग अलग विधाओं के सात वक्ताओं को बोलने के लिए आमंत्रित किया गया था। किसी के वक्तव्य की किसी अन्य वक्ता के वक्तव्य से तुलना नहीं की जानी चाहिए …

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प्रमोद द्विवेदी की कहानी ‘वन वे प्रेम कथा’

प्रमोद द्विवेदी पत्रकार हैं और ‘जनसत्ता’ अख़बार में फ़ीचर संपादक रहे हैं। उन्होंने कहानियाँ कम लिखी हैं लेकिन बहुत रसदार कहानियाँ लिखते हैं। भाषा, कहन, विषय सब आपको कहानी के साथ ले जाता है। मसलन यह कहानी पढ़िए- मॉडरेटर ====================================== सागर जिले से सैकड़ों किलोमीटर दूर इस आनंदनगरी में वन …

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मुक्ति शाहदेव की कुछ कविताएँ

मुक्ति शाहदेव पेशे से अध्यापिका हैं। राँची में रहती हैं। उनका पहला कविता संग्रह प्रकाशित हुआ है ‘आँगन की गोरैया’। कुछ कविताएँ उसी संग्रह से- मॉडरेटर ======================= प्रेयसी वसंत की   मैं हूँ पलाश प्रेयसी वसंत की शोख़ चंचल उन्मुक्त। उदासी का मेरे आँगन है क्या काम? पल-पल प्रतिपल प्रतीक्षारत …

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अनुकृति उपाध्याय का व्यंग्य ‘मेला देखन मैं गई’

‘जापानी सराय’ की लेखिका अनुकृति उपाध्याय ने इस बार व्यंग्य लिखा है। फागुन में साहित्य महोत्सवों की संस्कृति पर एक फगुआया हुआ व्यंग्य। आप भी पढ़िए- मॉडरेटर ================= मेला देखन मैं गई भूतपूर्व अभिनेत्री सत्र शुरू होने के आधे घंटे बाद लहराती हुई आई थी और छद्म मासूमियत के साथ …

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अभिषेक रामाशंकर की कहानी ‘लूट’

युवा लेखक अभिषेक रामाशंकर की कविताओं से तो मैं प्रभावित था, आज उनकी यह कहानी भी पढ़ी। आप भी पढ़िए- मॉडरेटर ============================== — लूट— सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ था , पुरज़ोर सन्नाटा । दर्जनों गाड़ियां जल चुकी थीं , कई मोटरसाइकिलें , बसों और दुकानों को आग में झोंक …

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युवा कवि कुशाग्र अद्वैत की कुछ कविताएँ

नए लड़के जब अच्छा लिखते हैं तो बहुत खुशी होती है। वे भाषा का भविष्य हैं, भाषा की श्रेष्ठ सर्जनशीलता का। कुशाग्र अद्वैत बीए तृतीय वर्ष के छात्र हैं, काशी हिंदू विश्वविद्यालय में पढ़ते हैं। ज़रा उनकी कविताओं की ताज़गी देखिए- मॉडरेटर ================================= 1 एक सोलह बरस के लड़के की …

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‘ओस पसीना बारिश फूल’ पर एक काव्यात्मक टिप्पणी

युवा कवि मिथिलेश कुमार राय की कविताओं में गाँव का दैनन्दिन जीवन इतनी सहजता से दर्ज होता है पढ़कर आप हैरान रह जाते हैं। उनकी कविता उनके जीवन से गहरे जुड़ी कविता है। उनके कविता संग्रह ‘ओस पसीना बारिश फूल‘ की प्रकाशन के बाद अच्छी चर्चा हुई है। उनके इसी …

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कनुप्रिया गुप्ता की कहानी ‘स्ट्राबेरी फार्म’

कनुप्रिया गुप्ता अमेरिका के न्यू जर्सी में रहती हैं। छोटी छोटी कहानियाँ लिखती हैं। यह उनकी नई कहानी है- मॉडरेटर =============================================== शाम के धुंधलके का असर था या आस पास चारों तरफ फैले स्ट्राबेरी के बाग का रंग ,सब कुछ लाल हो रहा था, सूरज जो धीरे धीरे लौट जाना …

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वंदना राग के उपन्यास ‘बिसात पर जुगनू’ का एक अंश

वंदना राग के उपन्यास ‘बिसात पर जुगनू’ को मैंने पूरा पढ़ लिया है तो आपको कम से कम एक अंश पढ़वाने का फ़र्ज़ तो बनता ही है। अगर राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित इस उपन्यास का अंश पसंद आए तो कल इस उपन्यास पर आयोजित कार्यक्रम में भी ज़रूर पधारिएगा- प्रभात …

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