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Prabhat Ranjan

मनीषा कुलश्रेष्ठ की पुस्तक ‘बिरजू लय’ का एक अंश

प्रसिद्ध लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ ने कथक-गुरु बिरजू महाराज पर एक पुस्तक लिखी ‘बिरजू लय’. अभी हाल में ही उसका प्रकाशन नयी किताब प्रकाशन से हुआ है. प्रस्तुत है पुस्तक का एक छोटा सा अंश मनीषा कुलश्रेष्ठ की भूमिका के साथ- मॉडरेटर ====================================== कथक’ संसार से मेरा नाता, कथक की ‘विशारद’ …

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जब ग़ज़ल नहीं बुन पाता हूँ कहानी बुनने लगता हूँ- गौतम राजऋषि

गौतम राजऋषि भारतीय सेना में कर्नल हैं लेकिन हम हिंदी वालों के लिए वे शायर हैं, ‘हरी मुस्कुराहटों का कोलाज’ के कथाकार हैं, साहित्यिक बहसों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले लेखक हैं. उनसे एक बेलाग और बेबाक बातचीत की है युवा लेखक पीयूष द्विवेदी ने- मॉडरेटर =================================================== सवाल – ये …

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‘एक सेक्स मरीज़ का रोगनामचा: सेक्स ज़्यादा अश्लील है या कला जगत’ की समीक्षा

प्रसिद्ध कला एवं फिल्म समीक्षक विनोद भारद्वाज ने कला जगत को लेकर दो उपन्यास पहले लिखे थे. हाल में ही उनका तीसरा उपन्यास आया है ‘एक सेक्स मरीज़ का रोगनामचा: सेक्स ज़्यादा अश्लील है या कला जगत’, इस उपन्यास की समीक्षा इण्डिया टुडे के नए अंक में प्रकाशित हुई है …

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कोलकाता में आयोजित ‘लिटरेरिया -2018’ की एक रपट

कोलकाता में आयोजित होने वाले साहित्यिक आयोजन लिटरेरिया का यह दूसरा साल था. इस साल भी लेखकों-पाठकों की अच्छी भागीदारी रही. इस आयोजन से भाग लेकर लौटी कवयित्री स्मिता सिन्हा ने इस आयोजन पर एक विस्तृत टिप्पणी लिखी है. मॉडरेटर ========================================= कोलकाता देश भर के साहित्यिक व सांस्कृतिक जगत के …

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लोकप्रिय लेखन सम्राट सुरेन्द्र मोहन पाठक अब पेंग्विन रैंडम हाउस इण्डिया से

हिंदी लोकप्रिय लेखन सम्राट सुरेन्द्र मोहन पाठक के प्रसिद्ध विमल सीरीज की आगामी दो किताबें अब हिंद पॉकेट बुक्स से प्रकाशित होंगी. जैसा कि विदित हो पेंग्विन-रैंडम हाउस ने हिंदी के सबसे प्रतिष्ठित प्रकाशकों में एक हिन्द पॉकेट बुक्स का हाल में ही अधिग्रहण कर लिया है और उसके बाद …

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किताबों का साल अनुवाद का हाल

हिंदी में अनुवाद के पाठक बढ़ रहे हैं और चुपचाप उसका बाजार भी तेजी से बढ़ता जा रहा है. इसी विषय पर मेरा यह लेख ‘कादम्बिनी’ के दिसंबर अंक में प्रकाशित हुआ है. जिन्होंने न पढ़ा हो उनके लिए- प्रभात रंजन ================= कुछ महीने पहले यात्रा बुक्स की निदेशिका नीता …

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विनीता परमार की कुछ कविताएँ

आज पढ़िए विनीता परमार की कविताएँ- मॉडरेटर =============   *नहीं की मैंने कोई यात्रा* 1. अंतहीन प्रतीक्षा की  सरलता कितनी आसानी से मान लिया ठहर कर देखने की सहजता ने ।   तुम्हें हमेशा चलने की परेशानी रही यात्राओं की जद से बचने में नहीं चाही कोई यात्रा ।   …

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‘इमा’ तुझे रोके है , रोके है मुझे ‘बेटी’

मणिपुर की राजधानी इम्फाल का इमा बाजार, जहाँ सिर्फ महिलायें बाजार लगाती हैं. उसके बारे में एक जीवंत टेक्स्ट लिखा है गीताश्री ने. वह अभी हाल में मणिपुर यात्रा पर गई थीं. बहुत साधा हुआ गद्य, न्यू जर्नलिज्म की तरह यानी ऐसा रिपोर्ताज जो पढने में साहित्य सा आनंद दे- …

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‘तमाशा’ प्रेम की कहानी है या रोमांस की

तीन साल पहले आज के ही दिन इम्तियाज़ अली की फिल्म ‘तमाशा’ पर युवा लेखिका सुदीप्ति ने यह लेख लिखा था. तमाशा इम्तियाज़ की शायद सर्वश्रेष्ठ फिल्म है. प्यार और रोमांस के दर्शन की ओर ले जाने वाली फिल्म. खैर, कुछ दिन पहले इम्तियाज़ ने भी इस रिव्यू को पढ़कर …

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भारतीय भाषाओं में इतिहास-लेखन की परम्पराएँ और चुनौतियाँ (हिंदी के विशेष सन्दर्भ में)

मध्यकालीन इतिहास के विद्वान रज़ीउद्दीन अक़ील ने भारतीय भाषाओं में इतिहास लेखन को लेकर एक गंभीर सवाल उठाया है. आजकल रज़ी साहब की चिंता के केंद्र में यह बात है कि हिंदी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में इतिहास की किताबें आनी चाहिए ताकि देश के आम जन तक इतिहास की …

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