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Prabhat Ranjan

कौमें नाश्ते की मे़ज पर नहीं पैदा हुआ करतीं

प्रसिद्ध पत्रकार, इतिहासकार एम. जे. अकबर ने अंग्रेजी में एक पुस्तक लिखी थी- Tinderbox. उसका हिंदी अनुवाद हार्पर कॉलिंस से आया है ‘चिंगारी’ नाम से. पाकिस्तान के सन्दर्भ में लिखी गई यह पुस्तक एक तरह से भारतीय उप-महाद्वीप में इस्लामिक राजनीति का इतिहास है. बेहद रोचक अंदाज में, गहरी सूझबूझ …

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अज्ञेय और शीत युद्ध

अज्ञेय जन्मशती पर देश भर में अज्ञेय को आदर से याद किया गया. अज्ञेय के विरुद्ध लम्बी जंग छेड़ने वाले साम्यवादी आलोचक भी अज्ञेय की महानता के गुण गाते देखे गए. मूर्धन्य आलोचक  नामवर सिंह ने नेशनल बुक ट्रस्ट के जरिये अज्ञेय की प्रमुख कविताओं का चयन प्रस्तुत किया और …

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थी. हूं..रहूंगी

वर्तिका नंदा का नाम किसी परिचय की आवश्यकता नहीं रखता. पत्रकार के रूप में उनका नाम जाना-पहचाना है. लेकिन एक संवेदनशील कवयित्री के रूप में उनको लोग कम जानते हैं. अभी हाल में ही महिला अपराध पर केंद्रित उनकी कविताओं का संकलन आया ‘थी. हूं..रहूंगी…’. राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित इस …

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कहानी हीर-रांझा की पुरानी थी, पुरानी है

हिंदी गज़लों का अपना मिजाज रहा है, उसकी अपनी रंगों-बू है और उसकी अपनी ‘रेंज’ भी है. वह जिंदगी के अधिक करीब है. श्रद्धा जैन की गज़लों को पढते हुए इसे महसूस किया जा सकता है- जानकी पुल. ————————– 1. जब हमारी बेबसी पर मुस्करायीं हसरतेंहमने ख़ुद अपने ही हाथों …

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भीषण तनाव है, सीने में घाव है

किसने कहा था कि कविता असल में चिंतन की एक शैली है, याद नहीं. लेकिन युवा कवि मृत्युंजय की कविताओं को पढते हुए अगर इस वाक्य का ध्यान आ जाता है तो अकारण नहीं है. एकध्रुवीय होते इस विश्व की क्रूर लीलाएं, विश्व-ग्राम के छदम उनकी कविताओं में उद्घाटित होते …

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स्वदेश दीपक होना और होकर खो जाना

स्वदेश दीपक स्वदेश दीपकपिछले आठ साल से लापता हैं. अभी कुछ लोगों ने फेसबुक पर उनको ढूंढने की मुहिम चलाई है जिसका स्वागत किया जाना चाहिए. युवा कवयित्री विपिन चौधरी ने स्वदेश दीपक को याद करते हुए यह संस्मरणात्मक लेख लिखा है. आपके लिए – जानकी पुल ————————————————————————————————– इस दौर- …

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इतनी लंबी यात्रा पर जाने से पहले तुम अपना पता भी नहीं दे गए

आज हिंदी कहानियों को नया मोड़ देने वाले निर्मल वर्मा का जन्मदिन है. प्रस्तुत है उनके मरणोपरांत प्रकाशित पुस्तक ‘प्रिय राम’ से एक पत्र. यह पुस्तक उनके और उनके भाई प्रसिद्ध चित्रकार रामकुमार के बीच पत्राचार का संकलन है. वैसे यह पत्र रामकुमार ने निर्मल जी के मरने के बाद उनके नाम …

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पौड़ी के पहाड़ प्यारे

सत्यानन्द निरूपम ऐसे संपादक हैं जो मुझसे कुछ भी लिखवा लेते हैं, अनुवाद करवा लेते हैं. अब सरिता के यात्रा विशेषांक के लिए लिखे गए इस यात्रा वृत्तान्त को ही लीजिए. मैं घूमता तो बरसों से रहा हूं, लेकिन कभी किसी यात्रा पर लिखा नहीं. पहली बात यात्रा-वृत्तान्त लिखा तो …

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क्या ये हिंदी की बेमिसाल प्रेम कहानियां हैं?

प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय प्रकाशक हार्पर कॉलिंस ने जब हिंदी में पुस्तकों का प्रकाशन आरम्भ किया तो एक अनुवादक ढूंढा नीलाभ के रूप में और एक संपादक ढूंढा कथाकार कम संपादक अधिक अखिलेश के रूप में. सुनते हैं कि स्वभाव से ‘तद्भव’ संपादक को हार्पर कॉलिंस के सतत संपादक बनवाने में हिंदी …

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सांस जीती हैं देह को जैसे स्वरों में धडकता है संगीत

शास्त्रीय /उप शास्त्रीय संगीत के अंगों में जीवन रहस्य तलाशती वंदना शुक्ल की इन कविताओं की प्रकृति काफी अलग है. इनमें संगीत की आत्मा और मनुष्य के जीवन का संगीत साथ-साथ धड़कता सुनाई देता है. तुमुल कोलाहल कलह में- जानकी पुल.    ———————————————————- अलंकार (गंतव्य की ओर)-  सांस जीती हैं देह …

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