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Prabhat Ranjan

अरुण प्रकाश की कहानी ‘भैया एक्सप्रेस’

आज सुबह सुबह फेसबुक पर सत्यानंद निरूपम जी ने अरुण प्रकाश की कहानी ‘भैया एक्सप्रेस’ कहानी का जिक्र फेसबुक पर किया आर मुझे वह दौर याद आ गया जब उत्तर बिहार के गांवों से खेतिहर मजदूर ट्रेनों में बैठ-बैठकर पंजाब जाते थे, अधिक धन कमाने की आस में। ‘गंगा’ पत्रिका …

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स्टोरीटेल पर शरत का श्रीकांत सुनते हुए

स्टोरीटेल ऐप पर किताबों के सुनने के अनुभव पर युवा पढ़ाकू विनोद ने लिखा है- मॉडरेटर ============================= साउंड क्लाउड इंटरनेट पर ऑडियो का पुराना शग़ल रह गया। श्रीकांत का बर्मा जाना प्रूस्त के ओपनिंग सीन से अधिक तीव्र नहीं भी है तो कमतर भी नहीं है दोनों भिन्न परिदृश्य …व्यक्तिगत …

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हेमिंग्वे की स्मृति को समर्पित कहानी- हिडेन फैक्ट

मेरे पहले कहानी संग्रह ‘जानकी पुल’ में एक कहानी है ‘हिडेन फैक्ट’, जो महान लेखक हेमिंग्वे की स्मृति को समर्पित है. हेमिंग्वे के बारे में आलोचकों का कहना था कि उनकी कहानियों में ‘हिडेन फैक्ट’ की तकनीक है यानी बहुत लाउड होकर नहीं बल्कि संकेतों, इंगितों के माध्यम से अपनी बात कहना- प्रभात …

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विश्व हिन्दी सम्मेलन में भाजपाई प्रतिनिधिमंडल

वरिष्ठ पत्रकार-लेखक रंजन कुमार सिंह ने हाल में मॉरिशस में संपन्न हुए विश्व हिंदी सम्मलेन की निष्पक्ष रपट लिखी है. यह रपट muktakantha.org से साभार प्रस्तुत है- मॉडरेटर =======================================  उद्घोषणा होती है – अब थोड़ी देर में आपको नाश्ता परोसा जाएगा। अपना एअर इंडिया होता तो घोषाणा होती – अब …

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अनुकृति उपाध्याय की कहानी ‘इंसेक्टा’  

अनुकृति उपाध्याय ने अनेक कहानियां अछूते विषयों पर लिखी हैं. जैसे यह कहानी ‘इन्सेक्टा’, कीड़ों को लेकर इतनी रोमांचक कहानी भी लिखी जा सकती है यह इसे पढ़कर जाना. ‘हंस’ के नए अंक में प्रकाशित इस कहानी को पढ़कर आश्वस्ति हुई कि बेस्टसेलर के हल्ले के बाहर भी हिंदी लेखन …

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परिवार, प्रेम और सोशल मीडिया की व्यथा-कथा

सुपरिचित लेखक विमलेश त्रिपाठी के उपन्यास ‘हमन हैं इश्क मस्ताना’ की आजकल बहुत चर्चा है. हिन्द युग्म से प्रकाशित इस उपन्यास की समीक्षा लिखी है पीयूष द्विवेदी ने- मॉडरेटर ================================ विमलेश त्रिपाठी का उपन्यास ‘हमन हैं इश्क मस्ताना’ पारिवारिक जीवन के तनावपूर्ण यथार्थ की तरफ से आँखें मूंदे सोशल मीडिया …

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‘कश्मीरनामा’ के बहाने कश्मीर पर बात

अशोक कुमार पाण्डेय की किताब ‘कश्मीरनामा’ कश्मीर पर एक सुशोधित पुस्तक है. राजपाल एन संज प्रकाशन से प्रकाशित इस पुस्तक पर जब नॉर्वे प्रवासी डॉक्टर प्रवीण झा की यह टिप्पणी पुस्तक की समीक्षा नहीं है बल्कि इस पुस्तक के बहाने कश्मीर पर एक अच्छी टिप्पणी है- मॉडरेटर ========================== शायद डेढ़ वर्ष पहले …

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सुरेन्द्र मोहन पाठक की संस्मरण-कथा ‘सत् बचन महाराज’

आज छुट्टी के दिन पढ़िए हरदिल अजीज लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक की संस्मरण कथा. क्राइम फिक्शन के बेताज बादशाह लेखक पाठक जी की यह कहानी ज्योतिष विद्या पर बड़े व्यंग्यात्मक लहजे में चोट करती है. हमेशा की तरह पाठक जी का एक पठनीय गद्य, उनके गद्य का एक अलग ही …

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स्टोरीटेल के ऐप पर ‘कसप’ सुनते हुए

जब मैं करीब 12-13 साल का था तब मेरे दादाजी बहुत बीमार हो गए थे. उन दिनों वे मुझसे किताबें पढ़वाकर सुनते थे. दिनकर जी की ‘रश्मिरथी’, रामवृक्ष बेनीपुरी जी का नाटक ‘अम्बपाली’, आचार्य चतुरसेन का उपन्यास ‘वैशाली की नगरवधू’ जैसी कुछ किताबों के नाम याद आ रहे हैं जो …

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संगीत में राजनीति और राजनीति में संगीत: मृणाल पाण्डे

विदुषी लेखिका मृणाल पांडे ने हाल के वर्षों में भारतीय संगीत परम्परा पर इतना अच्छा लिखा है कि सहेजने लायक है. अभी हाल में ही उन्होंने नेमिचंद जैन स्मृति व्याख्यान में रागदारी संगीत और राजनीति के रिश्तों पर बहुत अच्छा लेख लिखा और उसका पाठ भी किया. पूरा लेख यहाँ …

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