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Prabhat Ranjan

दिनकर की कविताएँ अज्ञेय की पसंद

२०११ में अज्ञेय की जन्म-शताब्दी है. इसी को ध्यान में रखते हुए सस्ता साहित्य मंडल प्रकाशन ने अज्ञेय संपादित एक पुस्तक ‘पुष्करिणी’ को फिर से प्रकाशित किया है. १९५३ में प्रकाशित इस पुस्तक का ऐतिहासिक महत्व है. अज्ञेय का यह मानना था कि स्कूल-कॉलेजों के पाठ्यक्रमों को ध्यान में रखकर …

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दिल्ली के धुंधलके का लेखक अहमद अली

यह अंग्रेजी के आरंभिक हिन्दुस्तानी लेखकों में एक अहमद अली की जन्मशताब्दी का साल है. वे हिंदुस्तान-पाकिस्तान के आला हुक्काम रहे लेकिन उनको याद किया जाता है अंग्रेजी में लिखे उपन्यास ‘ट्विलाइट इन देल्ही’ के लिए. इस उपन्यास में दिल्ली की संस्कृति का धुंधलका है- मुग़ल संस्कृति की ढलान का …

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गिरिराज किराड़ू की छः कविताएँ

कवि गिरिराज किराडू की ये आरंभिक कविताएँ हैं. जब ‘बहुवचन’ के प्रवेशांक में ये प्रकाशित हुई थीं तो अपने खिच्चेपन से इन्होने ध्यान आकर्षित किया था. यह कवि सफल कविता के बने-बनाये मुहावरों में शब्द नहीं बिठाता अपना मुहावरा बनाने की बेचैनी इन कविताओं में साफ़ दिखाई देती है. एक …

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सामंती समाज का पाकिस्तानी चेहरा

दो साल पहले पाकिस्तानी लेखक दनियाल मुईनुद्दीन और उनके पहले कहानी संग्रह इन अदर रूम्स, अदर वंडर्स की अमेरिका और यूरोप के अंग्रेजीभाषी देशों में जबर्दस्त चर्चा हुई। संग्रह के प्रकाशन से पूर्व उनकी कहानियां ग्रांटा, न्यूयॉर्कर जैसी अंग्रेजी की प्रमुख पत्रिकाओं में प्रकाशित होकर प्रसिद्ध हो चुकी थीं। कहा …

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मार्केज़ जीवन-प्रसंग: पत्रकारिता से सीखे लेखन के गुर

मार्केज़ ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि वास्तव में पत्रकारिता और उपन्यास एक माँ की ही संतानें हैं। अपनी एक बातचीत में उन्होंने कहा था कि केवल एक तथ्य पत्रकारिता को संदिग्ध बना देता है जबकि कहानी-उपन्यास में अगर कोई एक तथ्य सही हो जाए तो वह पूरी कृति …

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बोरिस पास्तरनाक की कविताएँ धर्मवीर भारती के अनुवाद में

रूसी कवि-लेखक बोरिस पास्तरनाक की मृत्यु के ५० साल हो गए. उनको नोबेल पुरस्कार मिला था. कविता के अलावा उन्होंने डॉक्टर जिवागो जैसा उपन्यास लिखा. उनकी दो कविताएँ यहाँ प्रस्तुत हैं. अनुवाद धर्मवीर भारती का है, जो विश्व कविता के उनके संचयन ‘देशांतर’ में संकलित है- जानकी पुल   1. …

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पाकिस्तानी अंग्रेजी साहित्य का बढ़ता रुतबा और बाज़ार

बीसवीं शताब्दी का अस्सी का दशक भारतीय अंग्रेजी उपन्यासों के लिए टर्निंग पॉइंट का दशक माना जाता है. सलमान रुश्दी को बुकर पुरस्कार मिलने के बाद अचानक भारतीय अंग्रेजी लेखक परिदृश्य पर छाने लगे. विक्रम सेठ, अमिताव घोष के लेखन की धमक साहित्यिक हलकों में ही नहीं बाज़ार में भी …

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मार्खेज़-जीवन प्रसंग: मसीजीवी होने का फैसला और पहला उपन्यास

नोबेल पुरस्कार विजेता लेखक मार्खेज़ के संघर्ष के दिनों के कुछ रोचक और प्रेरक प्रसंगों से हम समय-समय पर आपको रूबरू करवाते रहे हैं. आज आइये उनके पहले उपन्यास ‘लीफ स्टोर्म’ से जुड़े किस्से से रूबरू होते हैं- जानकी पुल. जब 21 साल की उम्र में मार्केज़ ने यह तय …

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ज्ञानपीठ के प्रबंध न्यासी के नाम प्रसिद्ध लेखक गिरिराज किशोर का पत्र

हिंदी के जाने-माने लेखक गिरिराज किशोर ने भारतीय ज्ञानपीठ के प्रबंध न्यासी अखिलेश जैन को एक पत्र लिखा है. जो यहाँ प्रस्तुत है. ध्यान रहे की गिरिराज किशोर और प्रियंवद ने नया ज्ञानोदय प्रकरण में सबसे पहले अपनी किताबें वापस ली थी. आइये ‘पहला गिरमिटिया’ के लेखक का पत्र पढते …

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मशहूर लेखक मार्केज़ के कुछ रोचक जीवन प्रसंग

गाब्रिएल गार्सिया मार्केज़ को विश्व के महानतम जीवित लेखक के रूप में देखा जाता है. उनके जीवन और लेखन को लेकर मैं हिंदी में मैं एक पुस्तक लिख रहा हूँ. यहाँ उसके कुछ रोचक अंश प्रस्तुत हैं जिनका संबंध मार्केज़ के जीवन से है- जानकी पुल. अंधविश्वास और फितूर मार्केज़ …

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