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Prabhat Ranjan

गंगा पर  कोहरे की परियाँ नाच  रही हैं

ठंड में रज़ाई में बैठकर अच्छी रचनाएँ पढ़ने का अपना ही सुख है। आज पढ़िए अनुकृति उपाध्याय की नई रचना। बनारस की पहली यात्रा से लौटकर लिखा है- मॉडरेटर ================ हरे काँच की गंगा काशी के घाटों के पीले प्रस्तरों से टिकी बह रहीं हैं। बह क्या रहीं हैं, बहने …

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ईल्या इल्फ़ और एव्गेनी पेत्रोव की रचना ‘कड़ाके की ठंड’

दिल्ली की भारी ठंड में आज सुबह यह पढ़ने को मिला। रूसी लेखकों ईल्या इल्फ़ और एव्गेनी पेत्रोव ने इसे 1935 में लिखा था। दोनों साथ साथ लिखते थे और प्रसिद्ध व्यंग्यकार थे। रूसी भाषा की पूर्व प्रोफ़ेसर तथा अनुवादिका आ चारुमति रामदास ने ने इसका अनुवाद मूल भाषा से …

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‘हाशिमपुरा 22 मई- स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा हिरासती हत्याकांड’ का अंश

वरिष्ठ लेखक विभूति नारायण राय की पुस्तक आ रही है हाशिमपुरा 22 मई। राजकमल से प्रकाशित होने वाली इस पुस्तक का अंश पढ़िए- ============== किताब का नाम – हाशिमपुरा 22 मई – स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा हिरासती हत्याकांड  किताब के बारे में – यह पुस्तक लेखक द्वारा उसी समय …

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सीरज सक्सेना की पुस्तक ‘कला की जगहें’ का अंश

सीरज सक्सेना उन गिने चुने कलाकारों में हैं जो नियमित रूप से लेखन भी करते हैं। दुनिया भर में कला के संदर्भ में यात्राएँ करने वाले सीरज की किताब आई है ‘कला की जगहें‘, जो रजा पुस्तकमाला के अंतर्गत संभावना प्रकाशन हापुड़ से प्रकाशित हुई है। उसी पुस्तक का एक …

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गीताश्री के उपन्यास ‘वाया मीडिया-एक रोमिंग कोरेस्पोंडेंट की डायरी’ का एक अंश

गीताश्री को वरिष्ठ लेखिका कहूँ या युवा लेखिका? उनके लेखन का कैरियर लम्बा है और उनके अंदर युवाओं सा उत्साह है। उपन्यास लिखने की शुरुआत उन्होंने हाल में ही की है। ‘वाया मीडिया‘ उनका दूसरा उपन्यास है। लेकिन इस बार विषय ऐसा है जिसके ऊपर हिंदी में कम लिखा गया …

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त्रिपुरारि की कहानी ‘परिंदे को घर ले चलते हैं!’

युवा लेखक त्रिपुरारि का पहला कहानी संग्रह आने वाला है ‘नॉर्थ कैम्पस’। दिल्ली विश्वविद्यालय का नॉर्थ कैम्पस मेरे जैसे हज़ारों लोगों के नोसटेलजिया में हैं। एक पढ़कर देखते हैं कि कैसा जादू जगाया है इस लेखक ने- ================ उसे अब तक इस ख़याल ने नहीं छुआ था कि उदास लम्हों …

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अनामिका अनु की नई कविताएँ

बहुत कम समय में अनामिका अनु की कविताओं ने हिंदी के विशाल कविता संसार में अपनी उल्लेखनीय जगह बनाई है। उनकी कविताओं का रेंज बड़ा है और कहने का कौशल भी जुदा है। अरसे बाद उनकी कुछ कविताएँ पढ़िए- मॉडरेटर ======================== 1.अफवाह     अफवाह है कि एक बकरी है …

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राकेश तिवारी की कहानी ‘मंगत की खोपड़ी में स्वप्न का विकास’

वरिष्ठ कथाकार राकेश तिवारी को इस साल इसी कहानी के लिए रमाकान्त स्मृति पुरस्कार दिया गया। साल भर में प्रकाशित कहानियों में किसी एक कहानी के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है। जिन्होंने न पढ़ी हो वे पुरस्कृत कहानी पढ़ सकते हैं- मॉडरेटर =========================== कोई पाँच साल पहले की बात …

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अनुराग अन्वेषी की नई कविताएँ

अनुराग अन्वेषी मूलतः पत्रकार रहे हैं, लेकिन उनके अंदर एक संवेदनशील कवि भी है जो समाज की विसंगतियों पर समय समय टिप्पणी के रूप में प्रकट होता रहता है। इस बार लम्बे अंतराल के बाद उनकी कुछ कविताएँ पढ़िए- मॉडरेटर ========================== बेटे का डर ओ मां, आशंकाओं का घेरा बड़ा …

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गीताश्री की कहानी ‘आवाज़ दे कहाँ है!’

आज पुलिस एनकाउंटर को लेकर बहस हो रही है। वरिष्ठ लेखिका गीताश्री की इस कहानी के कथानक में पुलिस एनकाउंटर ही है। राजपाल एंड संज से प्रकाशित उनके कहानी संग्रह ‘लेडीज़ सर्कल’ में शामिल है यह कहानी- मॉडरेटर ================= नैंसी के कदम आज फ्लैट से बाहर निकलते समय रुक गए. …

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