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Prabhat Ranjan

इरफ़ान मरते हैं, कलाकार इरफ़ान कभी नहीं मरते

इरफ़ान खान के समय निधन ने सबको आहत किया है। यह छोटी सी मार्मिक टिप्पणी लेखक और राजकमल प्रकाशन समूह के संपादकीय निदेशक सत्यानंद निरुपम की पढ़िए। यह राजकमल द्वारा व्हाटसऐप पर भेजी जा रही ‘पाठ पुनर्पाठ’ ऋंखला की 12 वीं कड़ी का हिस्सा है– ======================= जाने वाले, तुझे सलाम! …

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ब्राज़ीली लेखक दुइलियू गोम्स की कहानी ‘केला’

आज पोर्तगीज भाषा की एक कहानी पढ़िए जिसे लिखा है ब्राज़ील के युवा लेखक दुइलियू गोम्स ने। अनुवाद किया है प्रोफ़ेसर गरिमा श्रीवास्तव ने- ====================== आदमी ने हाथ के इशारे से टैक्सी को रोका– ‘बस स्टैंड चलो’ बात करते-करते वह टैक्सी की पिछली सीट पर पीठ टिकाकर आराम से बैठ …

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स्त्री के सशक्त एकांत और दुरूह आरोहण की कविताएँ

रश्मि भारद्वाज का कविता संग्रह ‘मैंने अपनी माँ को जन्म दिया है’ जब से प्रकाशित हुआ है चर्चा में है। सेतु प्रकाशन से प्रकाशित इस संग्रह की कविताओं की एक विस्तृत समीक्षा राजीव कुमार ने लिखी है। आप भी पढ़ सकते हैं। =============== रश्मि भारद्वाज का काव्य संग्रह “मैंने अपनी …

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कोरियाई उपन्यास ‘सिटी ऑफ़ ऐश एंड रेड’ और महामारी

महामारी के काल को लेकर बहुत लिखा गया है। अलग अलग भाषाओं में लिखा गया है। आज एक कोरियाई उपन्यास ‘सिटी ऑफ़ ऐश एंड रेड’ की चर्चा। लेखक हैं हे यंग प्यून। इस उपन्यास पर लिखा है कुमारी रोहिणी ने, जो कोरियन भाषा पढ़ाती हैं ===================== लॉकडाउन के इस दौर …

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मास्टर भगवानदास की कहानी ‘प्लेग की चुड़ैल’

कुछ दिन पहले मैंने डेनियल डेफ़ो की किताब पढ़ी ‘ए जर्नल ऑफ़ द प्लेग ईयर’ पढ़ी। किताब 1665 में लंदन में आए प्लेग का रोज़नामचा है। आज की तरह की लॉकडाउन हो रहा था, लोग बाहर न निकलें इसके लिए प्रहरी तैनात थे। मरने वालों का अंतिम संस्कार करने वाले …

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तसनीम खान की कहानी ‘भूख—मारी की नगरी में दीवाली’

युवा लेखिका तसनीम खान को कहानियों के लिए अनेक पुरस्कार मिल चुके हैं, कई प्रमुख लिट्रेचर फ़ेस्टिवल में शिरकत कर चुकी हैं। समाज के हाशिए के लोगों के जीवन को वह अपनी कहानी में बारीकी से उभारती हैं। जैसे कि यह कहानी- मॉडरेटर ================================== उस दिन शहर खूब रोशन था, …

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  ज़िंदगी का मज़ा माइक्रो में है

देवेश पथ सारिया आजकल ताइवान के एक विश्वविद्यालय में शोध कर रहे हैं। उनकी कविताएँ हम पढ़ते रहे हैं। यह उन्होंने ताइवान से वहाँ के जीवन को लेकर डायरीनुमा लिखकर भेजा है। आप भी पढ़ सकते हैं- ==================== साल 2020 का फरवरी महीना शुरू हुआ है। कुछ दिन पहले ही …

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गर फ़िरदौस बर-रू-ए-ज़मीं अस्त/ हमीं अस्त ओ हमीं अस्त ओ हमीं अस्त

प्रदीपिका सारस्वत के लेखन से कौन परिचित नहीं है। उन्होंने किंडल पर ईबुक के रूप में ‘गर फ़िरदौस’ किताब प्रकाशित की, जो कश्मीर की पृष्ठभूमि पर है। किताब कीअच्छी चर्चा भी हो रही है। उसका एक अंश पढ़िए, एक क़िस्सा पढ़िए- मॉडरेटर ============================== हमज़ा नाम था उसका, तीन महीने पहले …

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पीयूष दईया के कविता संग्रह ‘तलाश’ पर अरूण देव की टिप्पणी

कवि पीयूष दईया का कविता संग्रह हाल में ही आया है ‘तलाश’, जिसे राजकमल प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। वे हिंदी की कविता परम्परा में भिन्न तरीक़े से हस्तक्षेप करने वाले प्रयोगवादी कवि हैं। इस संग्रह की कविताओं पर कवि अरूण देव ने यह सुंदर टिप्पणी की है- मॉडरेटर ============= …

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सचिन देव शर्मा का यात्रावृत्तांत  ‘दी सिटी ऑफ़ डेस्टिनी’

सचिन देव शर्मा एक जर्मन बहुराष्ट्रीय कम्पनी में अधिकारी हैं। यात्रा करते हैं और यात्राओं पर लिखते हैं। उनका यह लेख विशाखापत्तनम यात्रा का वृत्तांत है। पढ़िएगा- मॉडरेटर ======= विशाखापत्तनम एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही शहर को समझने की कवायद शुरू कर दी। एयरपोर्ट से होटेल पहुँचने तक शहर की …

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