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Prabhat Ranjan

इरशाद ख़ान ‘सिकन्दर’ की कहानी ‘अधूरा उपन्यास’   

बहुत कम शायर होते हैं जो गद्य भी अच्छा लिखते हैं उन्हीं कुछ शायरों में इरशाद खान ‘सिकंदर’ हैं, उनकी यह कहानी ‘हंस’ में आई है. आप भी पढ़िए- मॉडरेटर ===================================== रात के डेढ़ बजे ही मुशायरा ख़त्म हो चुका था और अहमद की परेशानी शुरू हो चुकी थी, उसके …

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त्रिपुरारि की कुछ नई ग़ज़लें

आज युवा शायर त्रिपुरारि की कुछ नई ग़ज़लें पढ़िए- मॉडरेटर ==================================   ग़ज़ल-1 तिरा ख़याल है या गुनगुना सा पानी है मिरी निगाह में जो अनकहा सा पानी है हमारी सम्त नज़र जब पड़ी तो उसने कहा उदासियों में घिरा ख़ुशनुमा सा पानी है मैं ख़ल्वतों में जिसे हम-सुख़न समझता …

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मुंशी युनुस की कहानी ‘इन्द्रधनुष का आठवां रंग’

बांगला भाषा के युवा लेखक मुंशी युनुस की कहानियों में मिथकों के साथ इन्टरटेक्सुअलिटी है. यह कहानी भी नचिकेता के मिथक के साथ संवाद करती है. कहानी का अनुवाद लेखक के साथ मैंने किया है- मॉडरेटर ================ असहनीय दर्द. बहुत सारी बातें कहने की कोशिश करने के बावजूद सिर्फ दो …

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‘जापानी सराय’ और अनुभव का नया संसार

अनुकृति उपाध्याय के कहानी संग्रह ‘जापानी सराय’ की समीक्षा लिखी है डॉ. संजीव जैन ने. यह कहानी संग्रह ‘राजपाल एंड संज’ से प्रकाशित है- मॉडरेटर ================================= ‘सोचना, पुकारने से कदम भर ही दूर है’ (जापानी सराय और अनुकृति जी की अन्य कहानियां) यह किसी कहानी का शीर्षक नहीं है, यह …

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‘जहाँ नहीं गया’ की कविताओं में समकालीनता और भविष्य

कवि अमृत रंजन के कविता संग्रह ‘जहाँ नहीं गया’ की समीक्षा लिखी है सुपरिचित कवयित्री स्मिता सिन्हा ने- मॉडरेटर ============== आसमान के सात रंग मेरी ही करतूत हैं । जी हाँ ! अचम्भित ? यह वही सात दुपट्टे हैं , जो हर दिन हवा में फेंका करता था । मुझे …

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हिंदी का सबसे बड़ा साहित्यिक प्रकाशन समूह कौन है?

यह पुराने प्रकाशनों के विलयन का दौर है, उनको नया रूप देने के लिए बड़े प्रकाशकों द्वारा अपनाया जा रहा है. कुछ समय पहले पेंगुइन ने हिन्द पॉकेट बुक्स को खरीद लिया था. अब खबर आई है कि राजकमल प्रकाशन समूह ने हिंदी के चार प्रकाशनों को पुनर्जीवित करने के लिए …

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राजकमल प्रकाशन के सत्तर साल और भविष्य की आवाजें

राजकमल प्रकाशन के सत्तरवें साल के आयोजन के आमंत्रण पत्र पर सात युवा चेहरों को एक साथ देखना मुझे हिंदी साहित्यिक हलके की एक बड़ी घटना की तरह लगती है. राजकमल प्रकाशन ने एक तरह से हिंदी के कैनन निर्माण में भूमिका निभाई है. निस्संदेह राजकमल हिंदी की प्रगतिशील मुख्यधारा …

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उषाकिरण खान की कहानी ‘मुझे ले चलो: भूखी हॅूं’

आज वरिष्ठ लेखिका उषाकिरण खान की कहानी. उषाकिरण जी का कथा संसार बहुत विस्तृत है, इतिहास से वर्तमान तक उनकी कलम से कुछ भी नहीं बचा है. वह लोक और शास्त्र दोनों की सिद्धहस्त लेखिका हैं- मॉडरेटर =================== बेहद नर्म सॉझ! कास के नर्म फूलों से आच्छादित खेत खलिहान। प्रेमियों …

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कासनी पर्वत-रेखाओं पर तने सुनील आकाश

अनुकृति उपाध्याय का कहानी संग्रह ‘जापानी सराय’ अभी हाल में ही आया है राजपाल एंड संज प्रकाशन से, जिसकी कहानियां अपने कथन, परिवेश, भाषा से एक विशिष्ट लोक रचती है. अनुकृति के यात्रा वर्णनों की भी अपनी विशिष्टता है. उनके लेखन में परिवेश जिन्दा हो उठता है. यह यात्रा कुमाऊँ …

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मृणाल पांडे की कहानी ‘चूहों से प्यार करने वाली बिल्ली’

वरिष्ठ लेखिका मृणाल पांडे की एक लघु रूपक कथा पढ़िए- मॉडरेटर ======================================= गली की एक दीवार पर भूरे बालों और कंजी आखों वाली मन्नो बिल्ली आज फिर बैठी  बैठी पंजे में थूक लगा लगा कर चेहरा साफ किये जा रही थी. मन्नो का जिगरी दोस्त झग्गड बिल्ला कुछ देर उसे …

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