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Prabhat Ranjan

ईशान त्रिवेदी की कहानी ‘स्टील का बिल्ला’

एनएसडी के ग्रेजुएट, फ़िल्मों-टीवी की दुनिया के वरिष्ठ पेशेवर ईशान त्रिवेदी के छोटे छोटे क़िस्सों का मेरे ऊपर ग़ज़ब जादू हो गया है। हर बार एक ताज़ा अहसास से भर देती हैं उनकी कहानियाँ। जैसे इसी कहानी को लीजिए- मॉडरेटर ================================ मेरे घर कामरेड सुरजीत सिंह आ रहे थे। सी …

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अभिषेक रामाशंकर की तीन कविताएँ

मैं जब सोचता हूँ कि अब कविताएँ नहीं पढ़ूँगा, जानकी पुल पर कविताएँ नहीं। तभी कोई कवि आ जाता है, कोई कविता आ जाती है और सोचता हूँ एक बार और लगा लेता हूँ कविताएँ। इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे अभिषेक रामाशंकर की कविताएँ पढ़कर भी ऐसा ही लगा। आप …

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आज़ादी को ज्यादातर लोग पाप समझते हैं.  

पूनम दुबे को  पढ़ते हुए कई बार लगता है कि वह यात्राओं पर लिखने के लिए ही बनी हैं। इस बार उन्होंन एम्सटर्डम शहर पर लिखा है- मॉडरेटर =========================== एम्सटर्डम  में एक पूरा दिन ऐसे बिता जैसे कि कुछ पल हों. जाने से पहले तय किया था कि एम्सटर्डम में …

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रूसी लेखक सिर्गेइ नोसव की कहानी ‘फ्रीज़र’

रूसी लेखक सिर्गेइ नोसव की कहानी का अनुवाद किया है आ. चारुमति रामदास ने- =============== आख़िरकार रात के दो बजे केक आ ही गया. दो टुकड़े खाने के बाद – एक अपने लिए और एक शौहर के लिए, – मार्गारीटा मकारोव्ना को टी.वी. की तलब आई, अपने प्यारे कॉमेडी-कलाकारों को …

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बक्सर का आखिरी नायक?

अमृतांशु नामक इस युवा को उसके इस गद्य के पढ़ने से पहले मैं जानता भी नहीं था। अभी भी केवल इतना जानता हूँ कि कुछ अलग ढंग से लिखने की ललक है इनमें। आप भी पढ़कर बताइएगा- मॉडरेटर ============= मैं प्रायः एक अंतहीन सवाल से जूझता रहता हूँ कि मेरा …

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‘पॉपुलर की हवा’ और ‘साहित्यिक कहलाए जाने की ज़िद’ के बीच हिंदी लेखन

राजकमल प्रकाशन समूह के संपादकीय निदेशक सत्यानंद निरुपम निस्सन्देह इस समय हिंदी के ऐसे चुनिंदा संपादक हैं जो हिंदी के नए और पुराने दोनों तरह के लेखकों-पाठकों के महत्व को समझते हैं और हिंदी में अनेक नए तरह के नए बदलावों के अगुआ रहे हैं। पढ़िए उनसे समकालीन लेखन और …

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ज्ञान और संवेदना के संतुलन का उपन्यास

पंकज सुबीर के उपन्यास ‘जिन्हें जुर्म–ए–इश्क़ पे नाज़ था’ की आजकल बहुत चर्चा है। इसकी समीक्षा पढ़िए। वीरेंद्र जैन ने लिखी है- ============== मुक्तिबोध ने कहा था कि साहित्य संवेदनात्मक ज्ञान है। उन्होंने किसी विधा विशेष के बारे में ऐसा नहीं कहा अपितु साहित्य की सभी विधाओं के बारे में …

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सीमा मेहरोत्रा की पाँच कविताएँ

सीमा मेहरोत्रा ने बीएचयू से अंग्रेज़ी में एमए करने के बाद अमेरिका के शिकागो शहर में रहकर पढ़ाई की। आजकल शिकागो के एक विश्वविद्यालय में अंग्रेज़ी की प्रोफ़ेसर हैं। हिंदी में कविताएँ लिखती हैं जो पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित भी होती रही हैं। आज जानकी पुल पर पहली बार उनकी …

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गौरव सोलंकी की तीन कविताएँ

गौरव सोलंकी को हम उनकी कहानियों के लिए जानते हैं, आर्टिकल 15 जैसी सामाजिक सरोकार से जुड़ी फ़िल्म के लेखक के रूप में जानते हैं, लेकिन वे बहुत अच्छे कवि भी हैं। उनकी लगभग हर कविता में एक प्रसंग होता है और अंतर्निहित गीतात्मकता, जो समक़ालीन कविता में बहुत दुर्लभ …

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विवेक मिश्र की कहानी ‘कारा’

विवेक मिश्र समकालीन साहित्य का जाना-माना नाम हैं। उनकी नई कहानी पढ़िए- मॉडरेटर ========================= बाहर फैले स्याह रंग में हल्की-सी रोशनी घुलने लगी थी। अंधेरा फीका हो चला था। माया ने कुर्सी से उठकर खिड़की का पर्दा एक ओर सरका दिया। सारी रात अस्पताल में कटी थी। प्रशान्त पर अभी …

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