टिकुली की छह कविताएँ

आज पढ़िए टिकुली की कविताएँ। टिकुली मूलतः अंग्रेज़ी की कवि और कथाकार हैं। उनकी कई रचनाएँ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं और पुस्तकों में प्रकाशित हुई हैं। अंग्रेज़ी में उनके तीन कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं तथा लेखन के लिए उन्हें कई सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। टिकुली एक चित्रकार, प्रकृति, …

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जिनकी पीछे छूटी हुई आवाज़ें भी रहेंगी हमेशा महफूज

पंकज पराशर संगीत पर बहुत अच्छा लिखते हैं। दरभंगा के अमता घराने के ध्रुपद गायक पंडित अभय नारायण मल्लिक को याद करते हुए यह भावभीना लेख पढ़िए- ================================ जिनकी पीछे छूटी हुई आवाज़ें भी रहेंगी हमेशा महफूज (‘अमता’ घराने के चश्मो-चराग़ अभय नारायण मल्लिक!) …और अब पंडित अभय नारायण मल्लिक …

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रवित यादव की दो गद्य कविताएँ

युवा कवि रवित यादव की कविताओं का मुझे इंतजार रहता है। आज उनकी दो गद्य कविताएँ पढ़िए- ============= 1- दुविधाओं का दोगला भूत। ―――――――――――――― मैंने जिस-जिस ये कहा कि “मैं एक दिन यूँ भी जाऊँगा की फिर वापस न आऊँगा”, वो सब एक एक करके मेरे मेरे जीवन से जाते …

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बुदापैश्त में हिन्दी: विजया सती

हिंदू कॉलेज की सेवानिवृत्त प्राध्यापिका विजया सती अपने अध्ययन-अध्यापन जीवन के संस्मरण लिख रही हैं। हम पहले चार किस्त पढ़ चुके हैं। यह नई कड़ी है। आप भी पढ़िए- ================== कॉलेज में अध्यापन करते हुए अवसर भरपूर मिलते कि हम कुछ और कर सकें. हमारे अग्रज और कनिष्ठ – बहुत …

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नाटक ‘फ़रेब-ए-हस्ती’: फिक्शन, कॉमेडी और उर्दू शायरी का कोलाज

डॉक्टर सादिक़ उर्दू के जाने-माने विद्वान लेखक हैं और उन चंद उर्दूदाँ में हैं जो हिंदी में भी लिखते हैं। उनका नया नाटक आया है ‘फ़रेब-ए-हस्ती’। इस नाटक में कबीर भी हैं और ग़ालिब भी। उसी नाटक की समीक्षा पढ़िए, जिसको लिखा है वी.के. गुप्ता ने। आप भी पढ़िए- ================== …

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वे 15 शताब्दी तक प्रसिद्ध रहेंगे

युवा लेखक द्वारिका नाथ पांडेय ने महान फुटबॉल खिलाड़ी पेले के बारे में लिखा है। उनका पढ़ना मुझे इसलिए दिलचस्प लगा क्योंकि वे जिस पीढ़ी के हैं उस पीढ़ी ने पेले को मैदान पर खेलते हुए नहीं देखा था या उनके मैचों की कमेंट्री नहीं सुनी थी। आप भी पढ़िए- …

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वीरेंद्र प्रसाद की चार कविताएँ

डॉ. वीरेन्द्र प्रसाद अर्थशास्त्र एवं वित्तीय प्रबंधन में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है और वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। वे पशु चिकित्सा विज्ञान में भी स्नातकोत्तर  हैं। रचनात्मक लेखन में उनकी रुचि है। प्रस्तुत है भीड़भाड़ से दूर रहने वाले कवि-लेखक वीरेन्द्र प्रसाद की कुछ कविताएँ जिनको …

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चचा ग़ालिब के नाम भतीजे इरशाद ख़ान सिकन्दर का एक ख़त!

आज ग़ालिब की जयंती है। उनके नाम यह ख़त लिखा है जाने-माने युवा शायर इरशाद खान सिकंदर ने। आप भी पढ़िए- ======================== चचा आदाब चचा,मैंने भी आपकी नहज पर चलते हुए मुरासले को मुकालमा बना लिया है और गुस्ताख़ी ये कि मुख़ातिब भी आप ही से हूँ इस मौक़े पर …

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मनोज कुमार पांडेय की पांच कविताएँ

प्रसिद्ध कथाकार मनोज कुमार पांडेय की प्रेम कविताओं ​का संकलन आया है ‘प्यार करता हुआ कोई एक’। राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित इस संकलन की कुछ कविताएँ पढ़िए- ========== 1 रोता हूँ और रोता रहता हूँ रोता हूँ रोता रहता हूँ कोई चुप कराने नहीं आता मरता हूँ मरता रहता हूँ …

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नरेंद्र कोहली की किताब ‘सागलकोट’ का एक अंश

नरेंद्र कोहली ने अपने जीवन काल में यही अंतिम किताब तैयार की थी। ‘सागलकोट’ में उनके विस्थापन की मार्मिक कथा है। जब भारत विभाजन के समाय उनको स्यालकोट में अपना घर छोड़ सीमा के इस पार आना पड़ा था। पेंगुइन हिंद पॉकेट बुक्स से प्रकाशित इस किताब का एक रोचक …

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उषाकिरण खान की कहानी ‘सुखासन’

आज पढ़िए हिंदी की वरिष्ठ लेखिका उषाकिरण खान की कहानी। लोक से लेकर इतिहास, इतिहास से लेकर मिथकों तक उनके लेखन की रेंज बहुत बड़ी रही है। यह उनकी नई कहानी है- ================================= जिस उपवन में आकर राजा का रथ रूका था वह आश्रम था। आश्रम का हेमक्षेम सम्राट का …

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