Home / कथा-कहानी (page 2)

कथा-कहानी

मनोज कुमार पांडेय की कहानी “बिना ‘काम’ के जीवन”

मनोज कुमार पांडेय समकालीन कथाकारों में अपने राजनीतिक स्वर के कारण अलग से पहचाने जाते हैं। उनका कहानी संग्रह ‘बदलता हुआ देश’ राजकमल प्रकाशन से इसी साल प्रकाशित हुआ है। उसी संग्रह से एक कहानी पढ़िए- मॉडरेटर ==================================== स्वर्णदेश के लोगों को ‘काम’ के बारे में बात करना बिलकुल भी …

Read More »

तरुण भटनागर के उपन्यास ‘बेदावा’ का एक अंश

तरुण भटनागर के लेखन से हम सब अच्छी तरह परिचित रहे हैं। यह उनके नए उपन्यास ‘बेदावा’ का अंश है। यह उपन्यास उनके अपने लेखन में भी एक भिन्न प्रकृति का उपन्यास है। राजकमल से प्रकाशित इस उपन्यास का आप अंश पढ़िए- मॉडरेटर =============================  ख़ामोशियों की बेहयाई तो इश्क़ की …

Read More »

उषाकिरण खान की कहानी ‘नये समय पर’

हिंदी-मैथिली की वरिष्ठ लेखिका उषाकिरण खान की नई कहानी पढ़िए। समकालीन संदर्भों में इस कहानी का कुछ मतलब समझ में आएगा- ========            यहीं वह स्थान है जहाँ पुष्पा ने जन्म लिया था, यहीं इसकी पहली किलकारी गूँजी थी। यहीं अपनी माँ की तीसरी बेटी बन उपेक्षा दंश भी झेला था। …

Read More »

लॉकडाउन और अज्ञेय की कहानी ‘गैंग्रीन’

आजकल मुझे अज्ञेय की कहानी ‘गैंग्रीन’ कहानी का ध्यान आता है, जो रोज़ के नाम से भी प्रकाशित हुई है। इस कहानी को स्त्री-विमर्श के संदर्भ में पढ़ा जाता रहा है लेकिन आजकल मुझे यह कहानी दिन के ख़ालीपन, उजाड़ की कहानी लगने लगी है। आज अचानक याद आई यह …

Read More »

त्रिपुरारि की कहानी ‘जिगोलो’

कुछ माह पहले युवा लेखक त्रिपुरारि का कहानी संग्रह आया है ‘नॉर्थ कैम्पस’। त्रिपुरारि की शायरी की तरह उनकी कहानियों में भी युवा जीवन की संवेदनाएँ हैं। वह आज के लेखक हैं। आज के युवा किस तरह सोचते हैं, उनकी लाइफ़ स्टाइल क्या है, उनकी कहानियों को पढ़ते हुए समझा …

Read More »

अनघ शर्मा की कहानी ‘हिज्र के दोनों ओर खड़ा है एक पेड़ हरा’

युवा लेखक अनघ शर्मा किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उनका कहानी संग्रह ‘धूप की मुँडेर’ राजकमल से प्रकाशित हुआ है और उसकी अच्छी चर्चा हुई है। यह उनकी नई कहानी है- ===== 1 जाने किन अनदेखे, अदृश्य बंजारों के रेवड़ धूल उड़ाते हुए उसके सामने से ऐसे गुज़रे कि …

Read More »

अनुपम ओझा की कहानी ‘बाँस का पुल’

अनुपम ओझा ने हिंदी सिनेमा पर शोध किया है, फ़िल्मी दुनिया से जुड़े रहे हैं। मूलतः बनारसी हैं। या उनकी कहानी है इसमें भी बनारस को पहचानिए- ===================== बाबतपुर हवाई अड्डे से सारनाथ तक दिमाग में एक ही घंटी बजती रही… आदिकेशव! सबसे पहले आदिकेशव घाट जाना है। गेस्ट हाउस …

Read More »

फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी ‘पहलवान की ढोलक’

कल रात प्रधानमंत्री जी ने रविवार की रात थाली-ताली बजाने का आह्वान किया। कुछ समझ पाता कि सुबह देखा सत्यानंद निरुपम ने फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी ‘पहलवान की ढोलक’ की याद दिलाई थी। महामारी की आशंका और घर से काम करने के बीच इस कहानी का आनंद लें, इसके लक्ष्यार्थ, व्यंग्यार्थ …

Read More »

राकेश तिवारी की कहानी ‘चिट्टी जनानियाँ’

कुमाऊँ के परिवेश पर राकेश तिवारी की दो कहानियाँ ऐसी हैं जो मुझे बहुत पसंद हैं- एक तो ‘मुचि गई लड़कियाँ’, जो नैनीताल के परिवेश पर है। जानकी पुल पर उसको बहुत पहले लगाया भी था। दूसरी कहानी है ‘चिट्टी जनानियाँ’। इसी नाम से उनका संग्रह भी आया है वाणी …

Read More »

मिखाइल बुल्गाकोव की कहानी ‘देसी दारू का तालाब’

कल महान रूसी लेखक मिखाइल बुल्गाकोव की 80 वीं पुण्यतिथि थी। उनकी इस व्यंग्य रचना का मूल रूसी भाषा से अनुवाद किया है ए.चारुमति रामदास जी ने- मॉडरेटर =================================================== देसी दारू का तालाब   ईस्टर संडे की रात को दस बजे हमारा नासपीटा कॉरीडोर ख़ामोश हो गया. इस सुकूनभरी ख़ामोशी …

Read More »