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कथा-कहानी

मृणाल पाण्डे की कथा ‘नकाबपोश नकटापंथ की उत्थान-पतन कथा’ 

पुरानी लोककथाओं की शैली में प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे कथा सीरिज़ लिख रही हैं ‘बच्चों को न सुनाने लायक़ बालकथाएँ’। यह सोलहवीं कथा है जो साधू के वेश में रह रहे एक ठग की कथा है। रोचक और प्रासंगिक। आप भी आनंद उठाइए- =================== बहुत दिन हुए एक शहर में …

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प्रेमाकुल रागमंजरी और दुनियादार काममंजरी गणिकाओं की कथा:  मृणाल पाण्डे

‘बच्चों को न सुनाने लायक बाल कथा’ प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे की कथा ऋंखला है जिसमें वह हिंदी-संस्कृत की कथा-परम्परा की याद दिला रही हैं। यह पंद्रहवीं कथा है जो सबसे अलग है और सबसे उदास भी। आप भी पढ़ सकते हैं- मॉडरेटर =============== (टीवी और सोशल मीडिया के नक्कारखाने में …

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मृणाल पाण्डे की कथा:भगवान का हाथ और सुबिया भिखारी की कथा

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे इन दिनों बच्चों को न सुनाने लायक बालकथाएँ लिख रही हैं। यह 14वीं किस्त है। यह कथा उत्तराखंड की एक लोक कथा पर आधारित है। लोक कथाओं की यह विशेषता होती है कि वे हर युग में प्रासंगिक लगती हैं। हर दौर में उनके युगानुकूल अर्थ …

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मोर, साहिब और मुसाहिब की कथा: मृणाल पाण्डे

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे आजकल बच्चों को न सुनाने लायक कहानियाँ लिख रही हैं। यह तेरहवीं कथा है। आजकल मोर चर्चा में हैं तो यह लोक कथा मोर से जुड़ी है। यह कथा सबसे बड़े ठग की बाबत कुमाऊं की एक पुरानी लोक-कथा पर आधारित है। ऐसी कई बोधकथाओं का …

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बरेली का झुमका और सुधा-चंदर

युवा लेखक अनुराग अनंत को 2017 में लल्लनटॉप द्वारा आयोजित कहानी लेखन प्रतियोगिता में लखटकिया पुरस्कार मिल चुका है। उनके लेखन में एक ताज़गी दिखाई देती है जैसे इस रचना में- ============= ये कोई हँसने की बात नहीं थी पर सबको भरपेट हँसी आ रही थी। सब अपना पेट पकड़ …

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अनुकृति उपाध्याय की कहानी ‘धानी’

अनुकृति उपाध्याय आजकल अपने अंग्रेज़ी उपन्यास kintsugi के कारण चर्चा में हैं। हम हिंदी वाले उनको ‘जापानी सराय’ की लेखिका के रूप में जानते हैं। बहुत अलग कहानियाँ लिखती हैं। ‘धानी’ उनकी नई कहानी है जो कुछ समय पहले हंस पत्रिका के पीडीएफ़ अंक में प्रकाशित हुई थी। आप भी …

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मृणाल पाण्डे की कथा ‘सास-बहू, भरवां करेले और नकचढी मूर्ति की कथा’    

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे बच्चों को न सुनाने लायक बालकथाएँ लिख रही हैं। यह बारहवीं कथा है। स्त्रियों के दुःख की अनंत कथाओं में एक कथा जो ना जाने लोक में कब से रही होगी। मृणाल जी ने उसको समकालीन बना दिया है। आप भी पढ़िए- =============================== बहुत दिन हुए, …

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अजय नावरिया की कहानी ‘यस सर’

अजय नावरिया समकालीन कहानी का ऐसा नाम है जिनके परिचय देने की ज़रूरत महसूस नहीं होती। हम सब उनकी कहानियों से अच्छी तरह परिचित हैं। समाज के भेदभाव, गैर बराबरी के कथानक बड़ी सहजता से उनकी कहानियों में आते हैं। जैसे उनकी इस कहानी में पढ़िए-    ==============================================         ‘तिवारी, …

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शेर, आदमी और ज़ुबान का घाव: मृणाल पाण्डे

बच्चों को न सुनाने लायक बालकथा की यह ग्यारहवीं किस्त है। जानी मानी लेखिका मृणाल पाण्डे लोककथाओं को नए सिरे से लिख रही हैं और वे कथाएँ हमें अपने आसपास की लगने लग रही हैं। आइए इस कथा में जानते हैं कि शेरों ने मनुष्य के ऊपर कब भरोसा करना …

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चतुर मूर्ख और बेवकूफ राजा की कथा: मृणाल पाण्डे

बच्चों को न सुनाने लायक बालकथा-10 में इस बार पढ़िए प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे की लेखनी से निकला एक नई कथा। यह कथा गढ़वाली लोककथा पर आधारित है। लेकिन आज भी समकालीन लगने वाला रोचक और प्रासंगिक- ============================= हे गोल्ल देवता पहले तेरा सिमरन। दरिद्रता हर, दु:खों का अंत कर, …

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