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कथा-कहानी

कोठा नंबर 64

राकेश शंकर भारती ने जेएनयू से जापानी भाषा में उच्च शिक्षा प्राप्त की. इन दिनों यूक्रेन में हैं. कुछ दिनों पहले आपने उनकी एक कहानी पढ़ी थी जो बहुत पसंद की गयी. आज उनकी एक और मार्मिक कहानी प्रस्तुत है जिसमें देह का जादू टूटने पर एक वेश्या का अकेलापन …

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राकेश शंकर भारती की कहानी ‘बस एक रात’

  राकेश शंकर भारती की कहानी. राजेश शंकर ने जेएनयू से जापानी भाषा में उच्च शिक्षा प्राप्त की. आजकल युक्रेन में रहते हैं. उनकी यह कहानी समकालीन जीवन सन्दर्भों के बहुत करीब है. परिवेश जरूर विदेशी है लेकिन इस ग्लोबल समय में संवेदनाएं देशकाल सापेक्ष रह कहाँ गई है. पढ़िए …

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शमिया ऐतुन की कहानी ‘गर्मी की छुट्टी’

गर्मी की छुट्टियाँ शुरू हो चुकी है. शामिया ऐतुन की कहानी पढ़िए जिसका अनुवाद विजय शर्मा जी ने किया है-मॉडरेटर ========================================================= शामिया ऐतुन वह अपनी पुरानी गली में पड़ौसी बच्चों के साथ एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में खेलती थी। उसे इतना गर्व था कि वह यह बात अपने स्कूल …

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मैं भूखा हूँ, रोज़ादार नहीं हूँ

रमज़ान का महीना शुरू हो गया है। मुझे याद आता है रहमान अब्बास का उर्दू नॉवेल (ख़ुदा के साए में आँख मिचोली), जिसमें एक किरदार कहता है- “मैं भूखा हूँ रोज़ादार नहीं हूँ।” बता दूँ कि 2011 में छपे, रहमान के इसी नॉवेल पर महाराष्ट्र साहित्य अकादमी का बेस्ट नॉवेल …

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टू डेल्ही विद लव- ये नाम है कहानी प्रतियोगिता का

टू डेल्ही विद लव- ये नाम है कहानी प्रतियोगिता का. SIM पब्लिकेशन्स द्वारा इस प्रतियोगिता की घोषणा की गई है. यह एक अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन उद्यम है जो जेम्स हेमिंग्वे इंप्रिंट के तहत जल्दी ही हिंदी के नए लेखकों को मौका देगा. यह प्रतियोगिता सभी भाषाओं के लिए खुली हुई है. …

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अभिषेक कुमार पाण्डेय की कहानी अनुबंधित जीवन

अभिषेक कुमार पाण्डेय युवा कथाकार हैं। अभी जो कहानी आप पढ़ने जा रहे हैं, उसे ग्रामीण परिवेश और वहाँ के जनजीवन को आधार बना कर लिखी गई है। स्वाभावत: ग्रामीण शब्दावली भी प्रयोग हुआ है, जिससे कहानी का लुत्फ़ दोबाला हो जाता है। – संपादक ======================================================== सुलक्षिणी ने दुआर बुहारने …

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सौम्या बैजल की कहानी ‘संग-साथ’

सौम्या बैजल युवा लेखिका हैं. बदलते वक्त को कहानियों के माध्यम से समझने-कहने की कोशिश करती हैं. भाषा में भी हिंदी रोमन मिक्स लिखती हैं लेकिन निश्चित रूप से उनके पास कहने के लिए कुछ है और कहने का एक अपना सलीका भी है. जैसे कि यही कहानी देखिये- मॉडरेटर …

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सिनीवाली शर्मा की कहानी ‘अधजली’

सिनीवाली शर्मा समकालीन कथा लेखन में चुपचाप अपनी पहचान पुख्ता करती जा रही हैं. उनकी यह कहानी ‘कथादेश’ में आई है. जिसकी काफी चर्चा सुनी तो सोचा कि आप लोगों से भी साझा किया जाए- मॉडरेटर ================================================== इस घर के पीछे ये नीम का पेड़ पचास सालों से खड़ा है। …

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मदर्स डे और दिनकर की ‘रश्मिरथी’

मदर्स डे के दिन रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की कृति ‘रश्मिरथी’ की याद भी आ जाती है. खासकर उसका पांचवां सर्ग, जिसमें कर्ण और कुंती का संवाद है. अवैध संतान होने की पीड़ा झेलता कर्ण और उसकी माँ कुंती, जिसने उसको कभी बेटा नहीं कहा. ‘रश्मिरथी’ के पांचवें सर्ग में वह …

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शर्मिला बोहरा जालान की कहानी ‘सिर्फ कॉफी’

शर्मिला बोहरा जालान समकालीन हिंदी कहानी में अपने अंडरटोन के साथ मौजूद हैं. कोलकाता में अलका सरावगी के बाद जो कथा पीढ़ी विकसित हुई उसमें वह सबसे सशक्त लेखिका हैं. भाषा, कहाँ सब में. फिलहाल उनकी एक छोटी सी कहानी- मॉडरेटर =============== मंजरी को कहीं भी जाना होता सबसे पहले …

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