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कथा-कहानी

निर्मल वर्मा की कहानी ‘कव्वे और काला पानी’

आज गूगल ने बताया कि स्टोरीटेलिंग डे है. मुझे निर्मल वर्मा की कहानी याद आई- ‘कव्वे और काला पानी‘. असल में इस कहानी के याद आने का सन्दर्भ है. दो दिनों से संन्यास को लेकर बड़ी चर्चा है. इस कहानी को लेकर भी संन्यास को लेकर बहस हुई थी. आलोचक …

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मृणाल पांडे की कथा श्रृंखला ‘अथ वणिक रत्नसेन प्रबंध-4’

हिमुली की कथा क्या शुरू हुई कि कथा से कथा जुड़ती चली गई. यही प्राचीन कथा परम्परा की विशेषता है. मृणाल पांडे की यह कथा श्रृंखला अपने अंत की ओर बढ़ रही है लेकिन रोचकता अभी भी बरकरार है. पढ़कर बताइए- मॉडरेटर ======= श्रेष्ठि कन्या दंभिनी के जाने के बाद …

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मनीषा कुलश्रेष्ठ की कहानी ‘रंग रूप रस गंध’

होली आने वाली है. वरिष्ठ लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ की यह कहानी वृन्दावन की होली को लेकर है. पढियेगा- मॉडरेटर ===================================================== ‘आज बिरज में होरी रे रसिया की सामूहिक उठान पर अधेड ज़या माई का ध्यान खिंच गया। वह कोठरी में बैठी एक पुरानी गुदडी क़ी उधडी सींवन ठीक कर रही …

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शर्मिला बोहरा जालान की कहानी ‘एक अलग उजास में’

शर्मिला बोहरा जालान नए दौर की लेखिका हैं लेकिन पुराने शिल्प में सिद्धहस्त हैं. उनकी यह कहानी कैंसर से मरती एक माँ की कहानी है जिसमें संवेदना का उजास है, राग से मुक्त होते विराग की कथा है. कहानी कुछ लाबी है लेकिन अपने साथ बांधे लिए चली जाती है. …

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मृणाल पाण्डे का अथ वणिक रत्नसेन प्रबंध-4

यह जानकी पुल के लिए गौरव की बात है कि प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे एक कथा-श्रृंखला लिख रही हैं जो सबसे पहले जानकी पुल के पाठकों के लिए सामने आ रहा है. प्राचीन कथाओं के शिल्प में आधुनिक जीवन की गुत्थियाँ बहुत रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत कर रही हैं. आज …

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‘एक गधे की आत्मकथा’ के चुनिन्दा अंश

1950 के दशक के आखिरी वर्षों में उर्दू के मशहूर लेखक कृशन चंदर का उपन्यास आया था ‘एक गधे की आत्मकथा’. भारतीय लोकतंत्र पर बहुत बड़ा व्यंग्य था. उपन्यस में गधा प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु से भी मिलता है. कृशन चंदर ने अपनी आत्मकथा ‘आधे सफ़र की पूरी कहानी’ में लिखा …

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मृणाल पांडे के किस्से: अथ एक कौड़ी के तोते का प्रबंध- 3

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे अपने लेखन में नए नए प्रयोगों के लिए जानी जाती हैं. इस बार वह किस्सागोई की पारंपरिक शैली में किस्सों की एक श्रृंखला लिख रही हैं. जिनको पढ़ते हुए समकालीन सन्दर्भ याद आने लगते हैं. आज उनके किस्सों की श्रृंखला की तीसरी कड़ी प्रस्तुत है. हमें …

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मैं वेद प्रकाश शर्मा बनना चाहता था!

साल 1994 का था। इम्तियाज़ को मुम्बई गए एक साल हो गया था। एक दिन महाशय(राकेश रंजन कुमार) मेरे पास आया और बोला मैं मुम्बई जा रहा हूँ। वह चला गया। मैं अकेला रह गया। बीच बीच में कभी वह किसी धारावाहिक में दिख जाता था, कभी यह पता चलता …

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मृणाल पांडे का अथ पुरातन प्रबंध नव्य संस्करण -2

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पांडे इन दिनों किस्सों की पुरानी लुप्त हुई परम्परा के सूत्रों को जोड़ रही हैं. यह दूसरी कड़ी है. पहली कड़ी में हम हिमुली की कथा पढ़ चुके हैं. इस बार हिमुली की कथा आगे बढ़ी है और उसमें हर कथा की तरह अनेक नए पात्र जुड़ …

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श्री श्री की कहानी ‘अदू-धूं-ना’

  उनका नाम पूनम अरोड़ा है. श्री श्री के नाम से कहानियां-कविताएँ लिखती हैं. कहानियों में परिवेश किस तरह का प्रभाव पैदा कर सकता है इसके लिए इस कहानी को पढ़ा जा सकता है- मॉडरेटर =================================== काईयू ने जल्दी से किताब का पन्ना पलट दिया. इस बार ख़्याल ज़्यादा लंबा …

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