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कविताएं

के सच्चिदानंदन की कविताएँ प्रकाश के रे का अनुवाद

मलयालम साहित्य में मॉडर्निज़्म के सशक्त हस्ताक्षर के सच्चिदानंदन को केरल सरकार के शीर्ष साहित्यिक सम्मान Ezhuthachan Purasakaram से नवाज़ा जायेगा. वे कवि होने के साथ आलोचक और निबंधकार भी हैं. लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्षधर सच्चिदानंदन सम-सामयिक मुद्दों पर लगातार बोलते और लिखते रहे हैं. उनके 30 काव्य-संग्रह, 25 लेख-संग्रह …

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गुलजार साहब की ‘पाजी नज्में’

दिन भर हिंदी उर्दू की बहस देखता रहा, लेकिन शाम हुई तो गुलजार साहब याद आ गए. उनकी नज्मों की किताब आई है राजकमल प्रकाशन से ‘पाजी नज्में’. उसी संकलन से कुछ नज्में- मॉडरेटर ========================================== 1. ऐसा कोई शख़्स नज़र आ जाए जब… ऐसा कोई शख़्स नज़र आ जाए जब …

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प्रदीपिका सारस्वत की कविताओं में कश्मीर

बहुत दिनों बाद कश्मीर पर कुछ अच्छी कविताएँ पढ़ी. कुछ कुछ अपने प्रिय कवि आगा शाहिद अली की याद आ गई. कवयित्री हैं प्रदीपिका सारस्वत. आप भी पढ़िए- मॉडरेटर ==================================================== 1. मेरे ख़्वाब में चारों तरफ़ बिखरे पड़े हैं क़िस्से दिल्ली की बेमौसम धुँध में साँस-साँस घुटते मैं देखती हूँ किसी …

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पंखुरी सिन्हा की कुछ कविताएँ

पंखुरी सिन्हा की कुछ कविताएँ और उनके ऊपर राकेश धर द्विवेदी की टिप्पणी- मॉडरेटर ============================================ पुश्तैनी संपत्ति का हिसाब इतना राजनैतिक हो रहा था मूल्यों के ह्रास पर लिखना व्यक्तिगत और सामाजिक की सरहद खींचना लोग जाने किन नैतिकताओं की सीढ़ियाँ लिए आपकी, मेरी, हर किसी की ज़िन्दगी में आ …

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अरुण शीतांश की कविताएँ

आज प्रस्तुत है कवि अरुण शीतांश की कविताएं। 2 नवम्बर 1972 के दिन अरवल जिले के विष्णुपुरा गाँव में जन्मे अरुण शीतांश ने भूगोल तथा हिंदी साहित्य में एम.ए.करने के बाद पी.एच.डी.और एल.एल.बी की डिग्री भी हासिल की।उनके अब तक दो कविता संग्रह :’एक ऐसी दुनिया की तलाश’वाणी प्रकाशन और …

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चंद्रेश्वर के संग्रह ‘सामने से मेरे’ की कुछ कविताएँ

इस साल लखनऊ से रश्मि प्रकाशन की शुरुआत हुई. इससे वरिष्ठ कवि श्री चंद्रेश्वर का कविता संग्रह “सामने से मेरे” प्रकाशित हुआ है अौर पाठकों-समीक्षकों तक पहुँचने लगा है। चंद्रेश्वर का जन्म बिहार के बक्सर जनपद के आशा पड़री नामक गाँव में 30 मार्च 1960 को हुआ। उनका पहला कविता …

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गेब्रियला गुतीरेज वाय मुज की कविताएं दुष्यंत के अनुवाद

26 नवंबर यानी आज के दिन 1959 में जन्मीं चर्चित समकालीन स्पेनिश कवयित्री गेब्रियला गुतीरेज वायमुज ने स्पेनिश में पीएच. डी.  की है। वे सिएटल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं और वाशिंग्टन स्टेट आर्ट कमीशन की कमिश्नर हैं। ‘ऐ मोस्ट इम्प्रोबेबल लाइफ’ नामक कविता संग्रह ने उन्हें लोकप्रिय और आलोचकों का चहेता …

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नबीना दास की गद्य कविताएँ

हिंदी में गद्य कविता एक ऐसी विधा है, जिसे अभी एक्सप्लोर किया जाना बाक़ी है। कुछ लोग कभी-कभार हाथ आज़माते रहते हैं। लेकिन दूसरी भाषाओं में ये काम निरंतर हो रहा है। कभी कभी ख़याल आता है कि अगर अनुवाद की सुविधा न होती, तो हम अपनी ज़िंदगी में कितनी …

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युवा शायर #23 वर्षा गोरछिया की नज़्में

युवा शायर सीरीज में आज पेश है वर्षा गोरछिया की नज़्में – त्रिपुरारि ====================================================== नज़्म-1 तुम आओ एक रात कि पहन लूँ तुम्हें अपने तन पर लिबास की मानिंद तुम को सीने पे रख के सो जाऊँ आसमानी किताब की मानिंद और तिरे हर्फ़ जान-ए-जाँ ऐसे फिर मिरी रूह में …

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गौहर रज़ा की ‘खामोशी’ गौहर रज़ा की नज्में

गौहर रज़ा एक संजीदा वैज्ञानिक हैं, शायर हैं. हिन्दुस्तान की धर्मनिरपेक्ष परम्परा की एक जीती जागती मिसाल. अभी हाल में राजपाल एंड संज से उनके नज्मों-गजलों का संकलन आया है ‘खामोशी’. ऐसे समय में जब विविधता की आवाजों को खामोश किया जा रहा है. इस संकलन की नज्मों का अपना …

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