Home / कविताएं

कविताएं

पंकज कौरव की कविता ‘फ़िल्म इंडस्ट्री के लौंडे’

युवा लेखक पंकज कौरव अपनी हर रचना से कुछ चौंका देते हैं। अब यही कविता देखिए- मॉडरेटर ============================ वे एक्टर बनने नहीं आए थे पर अभिनेता वाली सारी ठसक उनमें कूट कूट कर भरी थी वे स्टाइल में खड़े होते अदा के साथ अपनी हर बात रखते और बची हुई …

Read More »

अंकिता आनंद की आठ कविताएँ

अंकिता आनंद का नाम अंग्रेजी पत्र पत्रिकाओं में सुपरिचित है. हिंदी में कविताएँ लिखती हैं. उनकी कविताओं में जो बात सीखने लायक है वह है शब्दों की मितव्ययिता. चुन चुन कर शब्द रखना और भावों को कविता की शक्ल देना. लम्बे अंतराल के बाद उनकी आठ कविताएँ पढ़िए- मॉडरेटर ========= 1. …

Read More »

कुछ कविताएँ ‘चौंसठ सूत्र सोलह अभिमान’ की

युवा कवि अविनाश मिश्र का कविता संग्रह ‘चौंसठ सूत्र सोलह अभिमान’ हिंदी में अपने ढंग का अकेला संग्रह है. यह कामसूत्र से प्रेरित है और प्रेम सिक्त है. हिंदी में इरोटिक कविताएँ लिखी गई हैं लेकिन घोषित रूप से इरोटिक कविता संकलन न के बराबर हैं. जो हैं भी उनके …

Read More »

राकेश रेणु की कुछ कविताएँ

चुप्पा कवि राकेश रेणु का कविता संग्रह भी इस मेले में मौजूद है ‘इसी से बचा जीवन’, जो लोकमित्र प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है. शायद इस बात को राकेश जी भी न जानते हों कि सीतामढ़ी में रहते हुए अपने शहर के जिस बड़े लेखक-कवि की तरह मैं बनना चाहता …

Read More »

सो न सका कल याद तुम्हारी आई सारी रात, और पास ही बजी कहीं शहनाई सारी रात

कल एक पुस्तक मिली ‘कविता सदी‘. राजपाल एंड संज प्रकाशन से प्रकाशित इस संकलन के सम्पादक हैं सुरेश सलिल. 624 पृष्ठों के इस संकलन को नाम दिया गया है आधुनिक कविता का प्रतिनिधि संचयन. भारतेंदु हरिश्चंद्र, श्रीधर पाठक से शुरू होकर यह संचयन सविता सिंह की कविताओं पर जाकर समाप्त …

Read More »

विनीता परमार की कुछ कविताएँ

आज पढ़िए विनीता परमार की कविताएँ- मॉडरेटर =============   *नहीं की मैंने कोई यात्रा* 1. अंतहीन प्रतीक्षा की  सरलता कितनी आसानी से मान लिया ठहर कर देखने की सहजता ने ।   तुम्हें हमेशा चलने की परेशानी रही यात्राओं की जद से बचने में नहीं चाही कोई यात्रा ।   …

Read More »

प्रतिभा चौहान की कुछ कविताएँ

प्रतिभा चौहान बिहार न्यायिक सेवा में अधिकारी हैं लेकिन मूलतः कवयित्री हैं. उनकी कवितायेँ लगभग सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं. जानकी पुल पर पहली बार प्रकाशित हो रही हैं. उनकी कुछ कविताओं पर उर्दू नज्मों की छाप है कुछ हिंदी की पारंपरिक चिन्तन शैली की कवितायेँ हैं. वे …

Read More »

नीरज की अंतिम कृति ‘साँसों के सितार पर’ से कुछ कविताएँ

प्रसिद्ध कवि-गीतकार गोपालदास ‘नीरज’ के मरणोपरांत उनकी अंतिम कृति के रूप में प्रकाशित हुई है ‘साँसों के सितार पर’, जिसे सम्पादित किया है नीरज जी के अंतिम दौर के पसंदीदा संगीतकार कुमार चंद्रहास ने. हिन्द पॉकेट बुक्स तथा पेंगुइन बुक्स के संयुक्त उद्यम के रूप में प्रकाशित यह पहली किताब …

Read More »

सुनील गंगोपाध्याय की कविताएँ सुलोचना का अनुवाद

बांगला भाषा के मूर्धन्य कवि-उपन्यासकार सुनील गंगोपाध्याय की पुण्यतिथि विगत 23 अक्टूबर को थी. उनको याद करते हुए उनकी कुछ कविताओं का मूल बांगला भाषा से अनुवाद किया है हिंदी की सुपरिचित कवयित्री सुलोचना ने- मॉडरेटर ============================= 1. पहाड़ के शिखर पर ————————- बहुत दिनों से ही मुझे एक पहाड़ …

Read More »

अमृत रंजन की कुछ छोटी-छोटी कविताएँ

  कविता को  अभिव्यक्ति का सबसे सच्चा रूप माना जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि कवि कविता के माध्यम से अपने दिल की सबसे सच्ची बातों को अभिव्यक्त करता है. अभिव्यक्ति जितनी सच्ची होती है पढने वाले को अपने दिल की आवाज लगने लगती है. बाल कवि अमृत …

Read More »