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कविताएं

मार्केज़ की बताई जाने वाली कविता ‘द पपेट’ हिंदी में

साहित्य के नजरिये को बदल कर रख देने वाले लेखक गैब्रिएल गार्सिया मार्केज़ का आज जन्मदिन है. उनके असाधारण गद्य लेखन से हम सब अच्छी तरह से परिचित हैं. लेकिन उन्होंने कविता भी लिखी थी यह कम लोगों को पता होगा. वैसे यह कविता उनकी है या नहीं इसको लेकर …

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राकेश रंजन की कविता ‘बनारस में’

इस साल अन्तरराष्ट्रीय पुस्तक मेले दिल्ली में राधाकृष्ण प्रकाशन से राकेश रंजन का का कविता संग्रह आया ‘दिव्य कैदखाने में’. कई अच्छी अच्छी कविताएँ हैं इसमें लेकिन आज इस कविता ने ध्यान खींचा. साथ में एक और छोटी सी कविता- मॉडरेटर ========== बनारस में स से सांड, साड़ी, सुरसरि, सीढ़ी, …

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फ़िल्म डायरेक्टर विशाल भारद्वाज की कविता

विशाल भारद्वाज निर्देशित फ़िल्म ‘रंगून’ हाल में रिलीज़ हुई और बहुत चर्चा में है। जानकीपुल पर भी कई रिव्यू पढ़ा जा चुका है। लेकिन कम लोग जानते हैं कि विशाल कविताएँ भी लिखते हैं। जल्द ही उनकी कविताओं का संग्रह हमारे बीच होगा। फ़िलहाल पढ़ते हैं विशाल भारद्वाज की कविता, …

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शम्भुनाथ सिंह का गीत ‘मुझको क्या क्या नहीं मिला’

नई कविता की तर्ज़ पर नवगीत आन्दोलन चला था. जिसके सूत्रधार थे शम्भुनाथ सिंह. इन्होने तीन खण्डों में नवगीत दशक का संपादन किया था. आज की पीढ़ी नहीं जानती लेकिन शम्भुनाथ सिंह ने हिंदी में गीतों को रुमान से मुक्त करके एक नया रंग दिया था. उनका ही एक गीत- …

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ओम प्रकाश आदित्य की कविता ‘इधर भी गधे हैं’

यूपी चुनाव और गधा विमर्श में ओम प्रकाश आदित्य की यह कविता भी पढियेगा- मॉडरेटर ============================================= इधर भी गधे हैं, उधर भी गधे हैं जिधर देखता हूं, गधे ही गधे हैं गधे हँस रहे, आदमी रो रहा है हिन्दोस्तां में ये क्या हो रहा है जवानी का आलम गधों के …

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प्रियंका वाघेला की कुछ कविताएँ

मेरे जीमेल अकाउंट में अनजान पतों से आई रचनाओं में छत्तीसगढ़ की प्रियंका वाघेला की कविताओं पर नजर गई. प्रियंका वाघेला, चित्रकार व लेखिका हैं. ‘शैडो ऑफ़ थॉट्स’, ‘प्रिजनर्स ऑफ मून’ व ‘स्नेह संपदा’ इत्यादि फिल्मों के लिये पटकथा लिखी हैं। देश विदेश की विभिन्न कलादीर्घाओं में चित्रों का प्रदर्शन तथा कुछ …

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उदय प्रकाश की कविता ‘एक भाषा हुआ करती है’

उदय प्रकाश हिंदी के कवि बताये गए सारे कवियों से अधिक क्रिएटिव और समकालीन हैं. उनकी कविताओं में अपनी आवाज सुनाई देती है. नई सदी में उन्होंने हिदी कविता को एक नया मुहावरा दिया है. मातृभाषा दिवस के दिन उदय प्रकाश की इस कविता से अच्छा क्या पढना होगा- मॉडरेटर …

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लवली गोस्वामी की एक प्रेम कविता

लवली गोस्वामी कवियों की भीड़ में कुछ अलग हैं. जीवन दर्शन को शब्दों में बुनने वाली इस कवयित्री की एक प्रेम कविता, अपनी ऐंद्रिकता में भी जिसका रंग बहुत जुदा है. मॉडरेटर ===========================   बतकही सुनो, मुझे चूमते हुए तुम हाँ तुम ही   मान सको तो मानना प्रेम वह …

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पूजा पुनेठा की कुछ कविताएँ

पहले वसंत था और आज से उसमें फागुन का भी रंग घुल गया है. आज कुछ अलग सी कविताएँ पढ़ते हैं पूजा पुनेठा की. पूजा रेडियो जॉकी हैं, अनुवाद, कंटेंट राइटिंग करती हैं और सहज शैली में कविताएँ लिखती हैं. फागुन की पहली सुबह की कविताएँ- मॉडरेटर ========== 1.. दरगाह …

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किशोर कवि अमृत रंजन की नई कविताएँ

अमृत रंजन जब पुणे में पांचवीं कक्षा में पढता था तब से जानकी पुल पर उसकी कविताएँ, उसके लेख, उसकी डायरी के अंश छपते रहे हैं अब वह आयरलैंड में है तब भी हिंदी में लिखने का उसका जूनून बाक़ी है. उसकी कविताओं में पहले जो एक बालसुलभ जिज्ञासा थी …

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