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कविताएं

मनोहर श्याम जोशी की कुछ दुर्लभ कविताएँ

कवि-संपादक पीयूष दईया इन दिनों दुर्लभ रचनाओं, कृतियों की खोज में लगे हुए हैं. उनके हाथ मनोहर श्याम जोशी जी की ये दुर्लभ कविताएँ लगीं. वैसे तो जोशी जी की सम्पूर्ण कविताएँ उनके मरणोपरांत ‘कूर्मांचली की कविताएँ’ शीर्षक से पुस्तकाकार प्रकाशित हो चुकी हैं. लेकिन ये कवितायें उस संकलन में …

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सदफ नाज़ की कविता ‘भारत में गर न होता मुसलमान’

सदफ नाज़ की यह कविता पढ़ी है आपने?- मॉडरेटर =========================== भारत में गर न होता मुसलमान मुसलमान न होते तो जी चंगा होता दंगा-वंगा होता न ही कोई पंगा होता ख़ुशहाली होती घर-घर में बदहाली का न टंटा होता खिलते फूल चमन-चमन रहते सब ही मौज मगन बेरोज़गारों की फ़ौज …

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पवन करण की कुछ कविताएँ

हिंदी वालों का एक दुचित्तापन मुझे समझ में नहीं आता है कि जब भी कोई कवयित्री ऐन्द्रिक(सेंसुअस) कविताएँ लिखती है तो उसकी खूब तारीफ करते हैं लेकिन जब कोई पुरुष सेंसुअस कविताएँ लिखता है तो नैतिकता के आधार पर उसकी निंदा करते हैं. अभी वरिष्ठ कवि पवन करण की कुछ …

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राजेश प्रधान की चार कविताएँ

आज राजेश प्रधान की कविताएँ. किस तरह शब्दों के थोड़े से हेरफेर से शब्दों में सौन्दर्य पैदा हो जाता है, जीवन का सहज दर्शन उभर आता है उनकी कविताओं को पढ़ते हुए इसका अहसास हो जाता है. राजेश जी अमेरिका के बोस्टन में रहते हैं, वास्तुकार हैं, राजनीति शास्त्र के …

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मंगलेश डबराल का जन्मदिन मंगलेश डबराल की कविताएँ

आज सुबह से याद था कि आज मेरे प्रिय कवियों में एक मंगलेश डबराल का जन्मदिन है लेकिन उनकी कविताओं के माध्यम से उनको याद करने का मौका अब मिला. यही सच है कि जो लोग हमारे काम के नहीं होते उनको हम देर से याद करते हैं. फिर भी …

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माँ गूलर का दूध है, माँ निमिया की डार

कल वरिष्ठ लेखक दिविक रमेश जी ने ध्यान दिलाया कि कोलकाता से  बींजराज रांका के संपादन में 2017 में​ प्रकाशित भारत ही नहीं बल्कि विश्व के अनेक देशों की मां पर केन्द्रित ग्रंथ “मां मेरी मां” एक भव्य, जरूरी और महत्त्वपूर्ण पुस्तक प्रकाशित हुई है। इसमें मां को लेखों, कहानियों और …

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सुश्री श्री(पूनम अरोड़ा) की कुछ नई कविताएँ

हाल के दिनों में जिस कवयित्री की कविताएँ पढ़कर यह आश्वस्ति मिलती है कि हिंदी में मेटाफिजिकल कविताएँ लिखना अभी भी संभव है वह श्री श्री(पूनम अरोड़ा) हैं. बेतरतीब वर्णनों वाली कविताओं की अंधाधुंध बारिश के बीच उनकी कविताएँ सुकून देती हैं. हालाँकि यह मेरा अपना मत है. इस रविवार …

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मंटो की कहानी ‘हतक’ और कुमार पाशी की नज़्म ‘सौगंधी’

मंटो की एक कहानी है ‘हतक’. सौगंधी नामक वेश्या के ऊपर लिखी यह कहानी मंटो की अनेक कहनियों की तरह ही दिल को चीर देने वाली है. दिल्ली के मरहूम शायर कुमार पाशी की एक नज़्म है ‘सौगंधी’, यह नज़्म ‘हतक’ कहानी की उसी नायिका के ऊपर है. आज के …

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वीरू सोनकर की नई पुरानी कविताएँ

कानपुर के कवि वीरू सोनकर की कविताओं में एक अजीब सी तुर्शी है. एक तरह का बांकपन. अच्छी लगती हैं. इस महीने 14 तारीख रविवार को ‘मुक्तांगन’ में जिन कवियों का कविता पाठ है उनमें वीरू सोनकर भी एक कवि हैं. आइये उनकी कुछ कविताएँ पढ़ते हैं- मॉडरेटर ====================== १- …

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अनुशक्ति सिंह की (अ)कविताएँ

रोज़मर्रा की ज़िंदगी में हम हज़ारों तरह की परिस्थितियों से गुज़रते हैं। लेकिन एक वक़्त आता है, जब यह ‘गुज़रना’ हमारा अनुभव बन जाता है। उन अनुभवों को लिखना उतना ही मुश्किल है, जितना एक रूह को पैकर देना। अनुशक्ति की कविताएँ ज़िंदगी के नए ‘डायमेंशन’ की तरफ़ इशारा करती …

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