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कविताएं

विनोद भारद्वाज की कुछ कविताएँ

1.   एक तरफ हिंदी के बड़े प्रकाशक यह कहते हैं कि हिंदी में कविता की किताबें नहीं बिकती हैं. दूसरी तरफ, हिंदी के नए-नए प्रकाशक कविता की किताब बड़े प्यार से छापते हैं. अभी हाल में ही Anybook प्रकाशन ने जौन इलिया का दीवान  छापा है. मेरे हाथ में फिलहाल copper …

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संजय चतुर्वेदी की चुनिन्दा कविताएं

आज संजय चतुर्वेदी की कवितायेँ. 90 के दशक में इनकी कविताओं ने कविता की भाषा बदली थी, संवेदना का विस्तार किया था. मुझे याद है ‘इण्डिया टुडे‘ के साहित्य वार्षिकांक में इनकी एक कविता छपी थी जिसमें एक पंक्ति थी ‘इण्डिया में एक सेंटर है जो इन्टरनेशनल है‘. बहुत चर्चा …

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कविता पर बहस के बीच कुछ सरप्राइज़ कविताएं

 दो दिनों से कविता-शविता को लेकर अभूतपूर्व बहस छिड़ी हुई. इस कविता के मौसम में आज कुछ सरप्राइज कवितायेँ जे सुशील की. जे सुशील को हम घुमक्कड़ के रूप में जानते हैं, एक पत्रकार के रूप में जानते हैं. उनकी कविता के बारे में नहीं. कविता-शविता के बहस के बीच …

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सुश्री श्री श्री की कविताएं

कुछ कवियों, कुछ कविताओं को पढना आध्यात्मिक सुकून देता है. सुश्री श्री श्री का नाम छद्म है लेकिन इससे क्या फर्क पड़ता है. कविताओं में ताजगी है. रूह तक उतर जाने वाली. आप भी पढ़िए- मॉडरेटर  ======== 1 बचपन में हर एक चीज को पाना बहुत कठिन था मेरे लिए। …

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सुधांशु फिरदौस की कुछ अप्रकाशित कविताएं

आजकल कवियों के लिए अभिव्यक्ति के इतने माध्यम हो गए हैं कि मेरे अनेक प्रिय कवि संयम खोकर रोज की वर्जिश की तरह कविता लिख रहे हैं और हास्यास्पद होते जा रहे हैं. ऐसे में सुधांशु फिरदौस का संयम प्रभावित करता है. संयम शब्दों को बरतने का उसका ढंग, मीर …

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विवेक निराला की कविताएं

कल विवेक निराला का जन्मदिन था. विवेक की कविताओं की चर्चा नहीं होती है. उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि की चर्चा बहुत होती है. उनके नाम के साथ ऐसे कवि का नाम जुड़ा है जिनकी कभी हमने पूजा की  है. लेकिन विवेक की कविताओं की  रेंज बहुत बहुत है, उनकी संवेदना बहुत …

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इरा टाक की कविताएं

इरा टाक आजकल अपनी शॉर्ट फिल्म के कारण चर्चा में हैं. बहुत अच्छी पेंटर हैं. लेकिन वह मूलतः कवयित्री हैं. आज उनकी कुछ कवितायेँ- मॉडरेटर  “मैं” और “हम”वजन एक हैपर अंतर मीलों का है नमेरे प्रिय ! आजकल सपने बुना करती हूँजैसे माँ कभी स्वेटर बुनती थीपर मेरी गति तेज़ …

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आराधना प्रधान की कविताएं

आराधना प्रधान को मैं साहित्य की एक गंभीर एक्टिविस्ट के रूप में जानता रहा हूँ. उनकी कविताओं को पढना सुखद लगा. पहले भी उनकी कविताएं ‘कथादेश’ में छप चुकी हैं. भावों को शब्दों में पिरोने की कला ही तो कविता होती है. कुछ सघन भावों की जीवंत कविताएं- मॉडरेटर    …

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प्रकृति करगेती की नई कविताएं

प्रकृति करगेती की कहानियों से हम सब परिचित रहे हैं. उनकी कविताओं का भी विशिष्ट स्वर है. भाषा और विचार का जबरदस्त संतुलन साधने वाली इस कवयित्री की कुछ नई कविताएं- मॉडरेटर  ================================================================= सभ्यता के सिक्के सभ्यता अपने सिक्के हर रोज़ तालाब में गिराती है कुछ सिक्के ऐसे होते, जिन …

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मंजरी श्रीवास्तव की नई कविताएं

मंजरी श्रीवास्तव मूलतः कवयित्री हैं. लेकिन कई मोर्चों पर एक साथ सक्रिय रहने के कारण उसका कवि रूप इधर कुछ छिप सा गया था. उसकी नई कविताएं पढ़ते हुए ताजगी का अहसास हुआ. खासकर इसलिए भी क्योंकि ये कविताएं मेरे प्रिय लेखकों में एक निर्मल वर्मा के लेखन, उसके जादू …

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