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कविताएं

वीरू सोनकर की नई पुरानी कविताएँ

कानपुर के कवि वीरू सोनकर की कविताओं में एक अजीब सी तुर्शी है. एक तरह का बांकपन. अच्छी लगती हैं. इस महीने 14 तारीख रविवार को ‘मुक्तांगन’ में जिन कवियों का कविता पाठ है उनमें वीरू सोनकर भी एक कवि हैं. आइये उनकी कुछ कविताएँ पढ़ते हैं- मॉडरेटर ====================== १- …

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अनुशक्ति सिंह की (अ)कविताएँ

रोज़मर्रा की ज़िंदगी में हम हज़ारों तरह की परिस्थितियों से गुज़रते हैं। लेकिन एक वक़्त आता है, जब यह ‘गुज़रना’ हमारा अनुभव बन जाता है। उन अनुभवों को लिखना उतना ही मुश्किल है, जितना एक रूह को पैकर देना। अनुशक्ति की कविताएँ ज़िंदगी के नए ‘डायमेंशन’ की तरफ़ इशारा करती …

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अरुण चन्द्र रॉय की कुछ कविताएँ

आज अरुण चन्द्र रॉय की कविताएँ. अरुण चन्द्र रॉय अनुवादक हैं, प्रकाशक हैं लेकिन मूलतः कवि हृदय हैं. अपने समकाल पर कविताओं के माध्यम से मारक टिप्पणियां करते रहते हैं. ‘खिड़की पर समय’ नाम से इनका एक कविता संग्रह प्रकाशित हो चुका. कुछ कविताएँ प्रस्तुत हैं- मॉडरेटर ======================================== हिंदुस्तान की …

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वक़्त तय करेगा कि बसने से पहले और कितनी बार उजड़ना है उसे

आज पहली बार स्मिता सिन्हा की कविताएँ जानकी पुल पर. स्मिता जी की कविताएँ पत्र पत्रिकाओं में नियमित रूप से छपती रहती हैं. उनकी कविताओं में पर्सनल टच है जो पढ़ते हुए अपने निजी जैसा लगने लगता है. आज उनकी कविताएँ- मॉडरेटर ========== वक़्त तय करेगा कि बसने से पहले …

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गौरव अदीब की नज़्में

आज पढ़िए गौरव अदीब की नज़्में – मॉडरेटर ======================================================= 1.  सुनो अमृता, हो सकता है कल बहुत सारे सवालों को टाल जाऊं मैं   दरअसल सवाल बेचैन कर देते हैं मुझे क्योंकि मैं सवालों से ही तो घिरा रहता हूँ हर वक़्त   क्या कुछ सवालों को सवाल नही रहने …

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गाँव-घर के कवि मिथिलेश कुमार राय की कविताएँ

मिथिलेश कुमार राय की कविताएँ पढता हूँ तो गाँव-घर याद आ जाता है. कुछ आप भी पढ़िए- मॉडरेटर =============================================  सूखना खेतों में हरे धान की बालियाँ सूख रही हैं बिछी दूब पर जूट सूख रहे हैं गड्ढे में जमा सावन का पानी सूख रहा है धूप में चलते-चलते चेहरे सूख …

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ब्रजेश्वर मदान की अंतिम प्रकाशित कविताएँ

अद्वितीय गद्यकार ब्रजेश्वर मदान के मरने की खबर आज जानकी पुल पर उनके भतीजे आदित्य मदान के एक कमेन्ट के माध्यम से मिली. उसमें कुछ नहीं लिखा है कि उनका देहांत कब हुआ. बहरहाल, यह सच है कि उनका देहांत हो गया क्योंकि वही उनकी देखभाल कर रहा था. मुझे …

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रमा भारती की कविताएँ

  हिंदी में किसी भी विषय पर कविता-सीरीज लिखने की परम्परा रही है। ‘चिनार’ रमा भारती के कविता संग्रह का नाम है। आइए आज इसी सीरीज की कुछ कविताएँ पढ़ते हैं। चिनार बहाने ज़िंदगी के कई पहलुओं पर बात करती हैं ये कविताएँ अपने में एक विशेष अर्थ रखती हैं …

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अनुराग अन्वेषी की लघु-लघु कविताएँ

आज कुछ छोटी छोटी कविताएँ अनुराग अन्वेषी की. पेशे से पत्रकार अनुराग जी जनसत्ता अखबार में काम करते हैं. स्वान्तः सुखाय कविताएँ लिखते हैं. प्रकाशन को लेकर कभी बहुत प्रयास करते नहीं देखा. लेकिन उनकी इन छोटी छोटी कविताओं का अपना आस्वाद है. आज वीकेंड कविता में पढ़िए- मॉडरेटर ============================================ …

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प्रकाश के रे की कविताएँ

कविता को हृदय का उद्घोष माना गया है। लेकिन कवि आज के दौर में घोषित रूप से निकृष्ट व्यक्ति है और कविता साहित्य के निचले पायदान पर सिसकियाँ भरती है। कविताओं का मूल्य संसार की तुच्छतम वस्तुओं से भी हीन है। कविताएँ अब क्रांति कर पाने में सक्षम नहीं हैं। …

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