Home / पुस्तक अंश

पुस्तक अंश

ईशान त्रिवेदी के उपन्यास ‘पीपलटोले के लौंडे’ का एक अंश

ईशान त्रिवेदी फ़िल्मी दुनिया के चंद इल्मी लोगों में हैं जो बहुत अच्छा लिखते हैं और जिनका लेखन अपने साथ बहा ले जाता है। जानकी पुल पर उनकी कई कहानियाँ हम पढ़ चुके हैं। अभी उनका उपन्यास राजकमल प्रकाशन समूह से आया है ‘पीपलटोले के लौंडे’। प्रेम और अपराध कथा …

Read More »

प्रवीण कुमार झा की पुस्तक ‘वाह उस्ताद’ का एक रोचक अंश

प्रवीण कुमार झा की नई किताब आई है ‘वाह उस्ताद’, जिसमें हिंदुस्तानी संगीत घरानों के क़िस्से हैं। हिंदी में इस तरह की किताबें कम लिखी गई हैं जिनमें शास्त्रीय संगीत के प्रति आम पाठकों में भी रूचि जागृत करने की कोशिश की गई हो। राजपाल एंड संज से आई यह …

Read More »

चंदन पाण्डेय के उपन्यास ‘वैधानिक गल्प’ का एक अंश

कल पुस्तक मेले में युवा लेखक चंदन पाण्डेय के पहले उपन्यास ‘वैधानिक गल्प’ के लोकार्पण का कार्यक्रम है। इस उपन्यास के बारे में अलग से मैं बाद में लिखूँगा, फ़िलहाल आप इसका एक अंश पढ़िए- मॉडरेटर =================== घर में प्रवेश करने के लिए ओसारे और दालान से गुजरना था. उसके …

Read More »

अनामिका के उपन्यास ‘आईनासाज़’ का चुनिंदा अंश

इस पुस्तक मेले में जिस किताब का मुझे बेसब्री से इंतज़ार है वह अनामिका का उपन्यास ‘आईनासाज़’ है। राजकमल से शीघ्र प्रकाश्य यह उपन्यास अमीर खुसरो के जीवन पर आधारित है। दिल्ली के सात बादशाहों के दरबार में इतिहास लेखक के रूप में काम करने वाले अमीर खुसरो को हिंदी …

Read More »

‘हाशिमपुरा 22 मई- स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा हिरासती हत्याकांड’ का अंश

वरिष्ठ लेखक विभूति नारायण राय की पुस्तक आ रही है हाशिमपुरा 22 मई। राजकमल से प्रकाशित होने वाली इस पुस्तक का अंश पढ़िए- ============== किताब का नाम – हाशिमपुरा 22 मई – स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा हिरासती हत्याकांड  किताब के बारे में – यह पुस्तक लेखक द्वारा उसी समय …

Read More »

सीरज सक्सेना की पुस्तक ‘कला की जगहें’ का अंश

सीरज सक्सेना उन गिने चुने कलाकारों में हैं जो नियमित रूप से लेखन भी करते हैं। दुनिया भर में कला के संदर्भ में यात्राएँ करने वाले सीरज की किताब आई है ‘कला की जगहें‘, जो रजा पुस्तकमाला के अंतर्गत संभावना प्रकाशन हापुड़ से प्रकाशित हुई है। उसी पुस्तक का एक …

Read More »

गीताश्री के उपन्यास ‘वाया मीडिया-एक रोमिंग कोरेस्पोंडेंट की डायरी’ का एक अंश

गीताश्री को वरिष्ठ लेखिका कहूँ या युवा लेखिका? उनके लेखन का कैरियर लम्बा है और उनके अंदर युवाओं सा उत्साह है। उपन्यास लिखने की शुरुआत उन्होंने हाल में ही की है। ‘वाया मीडिया‘ उनका दूसरा उपन्यास है। लेकिन इस बार विषय ऐसा है जिसके ऊपर हिंदी में कम लिखा गया …

Read More »

मिखाइल बुल्गाकोव के लघु उपन्यास का अनूदित अंश ‘ज़िंदा पॉरिज’

रशियन भाषा के प्रसिद्ध लेखक मिखाइल बुल्गाकोव को ‘मास्टर एंड मार्गरीटा’ के लेखक के रूप में जाना जाता है, उनके एक लघु उपन्यास का अनुवाद  आ. चारुमति रामदास जी ने मूल भाषा से हिन्दी में किया है, जो आजकाल के माहौल के अनुकूल लगता है। उसी अनुवाद से एक अंश पढ़िए- ==================== …

Read More »

क्योंकि रेप भी एक सियासत है

हैदराबाद में बलात्कार और हत्या की अमानवीय घटना ने देश भर की संवेदना को झकझोर दिया है। हमारा समाज आगे जा रहा है या पीछे यह समझ नहीं आ रहा है। मुझे नीलिमा चौहान की किताब ‘ऑफ़िशियली पतनशील‘ का यह अंश ध्यान आया। आपने न पढ़ा हो तो पढ़िएगा- मॉडरेटर …

Read More »

स्त्री-कविता का सबसे बड़ा योगदान यही है कि उसने एक चटाई बिछाई है

रेखा सेठी हिंदी की सुपरिचित आलोचक हैं। हिंदी की स्त्री कविता पर उनकी किताब आई है ‘स्त्री कविता पहचान और द्वंद्व’ तथा ‘स्त्री कविता पक्ष और परिप्रेक्ष्य’।राजकमल से आई दोनों किताबों का कल दोनों का लोकार्पण है। फ़िलहाल आप एक अंश पढ़िए जो अनामिका की बातचीत का एक अंश है- …

Read More »