Home / पुस्तक अंश

पुस्तक अंश

अलेक्सान्द्र पूश्किन के उपन्यास ‘दुब्रोव्स्की’ का एक अंश

अलेक्सान्द्र पूश्किन का 10 फ़रवरी 1837 को एक द्वंद्व युद्ध में गंभीर रूप से घायल होने के बाद केवल 38 वर्ष की आयु में निधन हो गया था. उनके एक लघु उपन्यास “दुब्रोव्स्की” का एक अंश प्रस्तुत है. यह रचना आज से लगभग 170 वर्ष पूर्व लिखी गई थी. मूल …

Read More »

‘चौरी चौरा: विद्रोह और स्वाधीनता आंदोलन’ पुस्तक का अंश

1922 में आज के ही दिन क्रांतिकारियों ने चौरी चौरा में थाना फूंक दिया था। जिसके बाद महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था। आज इस घटना के 99 साल हो गए। चौरी चौरा की इस घटना को आधार बनाकर सुभाष चंद्र कुशवाहा ने किताब लिखी ‘चौरी चौरा: …

Read More »

अभिषेक ओझा के उपन्यास ‘लेबंटी चाह’ का एक अंश

अभिषेक ओझा का उपन्यास आया है ‘लेबंटी चाह’। यह उपन्यास एक ग्लोबल हो चुके बिहारी की स्मृतियों का कोलाज है। एक तरफ़ तेज भागती दुनिया है दूसरी तरफ ठहरा हुआ जीवन। राजपाल एण्ड संज प्रकाशन से प्रकाशित इस उपन्यास का एक अंश पढ़िए- ============================ वक़्त के साथ चीज़ें बदलती हैं। …

Read More »

मिट्टी में काम करते हुए समय जैसे स्थिर हो जाता है: सीरज सक्सेना

चित्रकार, सेरेमिक कलाकार सीरज सक्सेना के साथ कवि-संपादक राकेश श्रीमाल की बातचीत की किताब आई है ‘मिट्टी की तरह मिट्टी’। सेतु प्रकाशन से प्रकाशित इस किताब का एक अंश प्रस्तुत है- =================== मिट्टी में काम शुरू करने के बहुत पहले, यानी बचपन में मिट्टी से खेलते हुए, मिट्टी को भूमि …

Read More »

‘ठाकरे भाऊ’ पुस्तक का एक अंश

आज भारतीय राजनीति के सबसे रहस्यमय नेताओं में एक बाल ठाकरे की 95 वीं जन्मतिथि है। वे कभी किसी पद पर नहीं रहे लेकिन मुंबई के सबसे शक्तिशाली नेता बने रहे। हिंदुत्ववादी राजनीति की एक मज़बूत धुरी रहे। उनके परिवार और विशेषकर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की राजनीतिक यात्रा …

Read More »

‘अमेरिका 2020- एक बंटा हुआ देश’ पुस्तक का अंश

लेखक  अविनाश कल्ला की पुस्तक ‘अमेरिका 2020- एक बंटा हुआ देश’ दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र होने की दावेदारी करने वाले देश—अमेरिका—के राष्ट्रपति चुनाव का आँखों–देखा हाल बयां करने वाली किताब है।एक पत्रकार की चुनाव यात्रा के बहाने यह किताब अमेरिकी समाज की अनेक ऐसी अनजानी–अनदेखी सच्चाइयों को सामने लाती है, जो उसकी धारणाबद्ध, चमकीली और …

Read More »

मैं और मेरी हमबिस्तर प्रेमिकाएँ:स्वयं प्रकाश

प्रसिद्ध लेखक स्वयंप्रकाश जी की किताब आई है है ‘लिखा पढ़ा’, उनके मरणोपरांत प्रकाशित इस पुस्तक का महत्व असंदिग्ध है। उसी का एक अंश पढ़िए- ========================= स्वयं प्रकाश जी अपने लिखे से मोहाविष्ट नहीं रहते थे। लेखन उनके लिए आंदोलन था और मिशन भी। इसके लिए कहानी, नाटक और उपन्यास …

Read More »

भगवानदास मोरवाल के उपन्यास ‘ख़ानज़ादा’ का एक अंश

काला पहाड़, बाबल तेरा देस में, रेत, नरक मसीहा, हलाला, सुर बंजारन, वंचना, शकुंतिका और अब ख़ानज़ादा। पिछले कुछ वर्षों से अपने उपन्यास लेखन की निरंतरता और विषयों की विविधता के लिए चर्चित कथाकार भगवानदास मोरवाल ने हिंदी में अपनी एक अलग छवि और पहचान बनाई है। इनके बारे में …

Read More »

जया जादवानी के उपन्यास ‘देह कुठरिया’ का एक अंश

वरिष्ठ लेखिका जया जादवानी का उपन्यास ‘देह कुठरिया’ प्रकाशित होने वाला है। सेतु प्रकाशन से प्रकाशित होने वाले इस उपन्यास का एक अंश पढ़िए- ===================================  ‘ओशो कम्यून’ से वापस आ गया है वह। फ़िर वही रुटीन। कुछ हफ़्ते ही गुज़रे होंगे कि एक दिन सुबह-सवेरे वह भैंस का दूध दुह …

Read More »

पुरखा पत्रकार का बाइस्कोप की भूमिका

‘पुरखा पत्रकार का बाइस्कोप’ नगेंद्रनाथ गुप्ता की आत्मकथा-संस्मरण पुस्तक है। नगेंद्रनाथ गुप्त पत्रकार थे और 19 वीं सदी के उत्तरार्ध में देश के अनेक महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के वे साक्षी रहे। वे स्वामी विवेकानन्द का क्लासमेट, रवि बाबू के मित्र, केशब चन्द्र सेन के रिश्तेदार थे और उस दौरके अनेक महत्वपूर्ण लोगों …

Read More »