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पुस्तक अंश

विमलेश त्रिपाठी का स्तम्भ एक गुमनाम लेखक की डायरी-3

युवा कवि विमलेश त्रिपाठी अपनी जीवन यात्रा को दर्ज कर रहे हैं। गाँव के छूटे हुए दिनों को बड़ी शिद्दत से याद कर रहे हैं। आज तीसरी किस्त पढ़िए- ==================== लगातार मनुष्यता की ओर यात्रा करने वाला मुसाफिर मुझे अपने जन्म का वर्ष और तारीख पता नहीं है। माँ से …

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मनोहर श्याम जोशी और सोप ऑपेरा के आखिरी दिन!

आज यानी 30 मार्च को हिंदी में अपने ढंग के अकेले लेखक मनोहर श्याम जोशी की पुण्यतिथि है. देखते देखते उनके गए 16 साल हो गए. आइए पढ़ते हैं उनके सोप ओपेरा लेखन के दिनों को लेकर एक छोटा सा संस्मरण- प्रभात रंजन ====================== 1995 की वह जनवरी मुझे कई कारणों से याद …

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विभा रानी के उपन्यास ‘कांदुर- कड़ाही’ का एक अंश

जानी-मानी लेखिका, अनुवादिक, रंगकर्मी, अभिनेत्री विभा रानी का उपन्यास आया है ‘कांदुर- कड़ाही’। वनिका प्रकाशन से प्रकाशित इस उपन्यास का एक अंश पढ़िए- =============================== दिल्ली में काजल कौल को राजमा की आदत पड़ गई। जगह- जगह राजमा चावल की रेहड़ी। लाजवंती देवी का बनाया राजमा उसे पागल कर देता। बाजार …

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मणिपुर की राजकुमारी और अंग्रेज़ बड़े साहिब की कहानी 

युवा लेखिका प्रदीपिका सारस्वत ने  ‘द प्रिंसेस एंड द पोलिटिकल एजेंट’ पर लिखा है। कुछ बातें उसी किताब से पढ़िए- =================================== कई बार किताब को पढ़कर खत्म करते वक्त दिल इतना भारी हो जाता है कि समझ नहीं पड़ता अब क्या करूँ. इन दिनों लगातार कई किताबें पढ़ीं, पर मणिपुरी …

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सुरेंद्र मोहन पाठक के उपन्यास ‘गैंग ऑफ़ फोर’ का एक अंश

आज प्रसिद्ध लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक का जन्मदिन है। अभी हाल में ही पेंगुइन से उनका नया उपन्यास प्रकाशित हुआ है ‘गैंग ऑफ़ फ़ोर’। आज इसी उपन्यास का एक अंश पढ़ते हैं और उनको शुभकामनाएँ देते हैं- ====================== रात नौ बजे विमल काला घोड़ा के इलाके में मौजूद साउथ एण्ड …

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पल्लवी प्रसाद के उपन्यास ‘सूर्यावर्त’ का एक अंश

आज पढ़िए लेखिका पल्लवी प्रसाद के नए उपन्यास ‘सूर्यावर्त’ का अंश- ================================   बासवप्पा ईश्वरप्पा राव रसूखदार आदमी हैं। उनका रसूख पीढ़ियों पुराना है । बासवप्पा के पिता ईश्वरप्पा ने अंग्रेजी राज और उसके साथ ही अपनी जागीर के जाने का मातम मनाने में, अपना समय व्यर्थ नहीं किया। बल्कि …

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हृषीकेश सुलभ के उपन्यास ‘दाता पीर’ का एक अंश

वरिष्ठ लेखक हृषीकेश सुलभ का दूसरा उपन्यास प्रकाशित हुआ है ‘दाता पीर’। बहुत लग परिवेश का यह उपन्यास नफ़रत के इस दौर में प्रेम के उस दौर की याद दिलाने वाला है जब समाज में प्रेम था, साहचर्य था। राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित इस उपन्यास का एक अंश पढ़िए- ==================================== …

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मदन पाल सिंह के उपन्यास ‘हरामी’ का एक अंश

युवा लेखक मदन पाल सिंह को हम हिंदी वाले अनेक रूपों में जानते हैं। सबसे पहले उनको हमने फ्रेंच-हिंदी अनुवादक के रूप में जाना। इस क्षेत्र में उनका नाम जाना-माना है। पिछले साल उन्होंने एक उपन्यास लिखा ‘हरामी’। यह उपन्यास पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जीवन का जीवंत दस्तावेज है। आइए …

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देवेश की किताब ‘पुद्दन कथा: कोरोना काल में गाँव-गिराँव’ का एक अंश

हाल में युवा लेखक देवेश की किताब आई है ‘पुद्दन कथा’। कोरोना काल की ग्राम कथा की तरह लिखी गई यह किताब बहुत प्रभावित करती है। त्रासदी की कथा को ब्लैक ह्यूमर की तरह लिखा गया है। आप राजकमल प्रकाशन समूह से प्रकाशित इस किताब का एक अंश पढ़िए- =================== …

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कुशल सिंह के उपन्यास ‘मनी कथा अनंता’ का अंश

युवा लेखक कुशल सिंह का नया उपन्यास आ गया है ‘मनी कथा अनंता’। अपने पहले उपन्यास ‘लौंडे शेर होते हैं’ की तरह ही यह उपन्यास भी रोचक है और पठनीयता के तमाम गुणों से भरपूर भाषा। वे कोल इंडिया में अधिकारी हैं और ज़मीनी कहानियाँ लिखते हैं। हिंद युग्म से …

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