Home / पुस्तक अंश

पुस्तक अंश

लेखक बनने की पहली कोशिश, मनोहर श्याम जोशी और अमेरिकन सेंटर लाइब्रेरी

आज मनोहर श्याम जोशी जी की 12 वीं पुण्यतिथि है. इस अवसर पर उनकी स्मृति को प्रणाम करते हुए उनके ऊपर  अपनी लिखी जा रही किताब का एक अंश प्रस्तुत कर रहा हूँ- प्रभात रंजन ============================================= आखिरकार उनके(मनोहर श्याम जोशी) घर बेतकल्लुफी से आने जाने का सिलसिला शुरू हो गया …

Read More »

 रैम्प पे रामजी। रिंग में कपिजी।

नीलिमा चौहान बहुत चुटीले लहजे में गहरी बात लिख जाती हैं. चर्चित पुस्तक ‘पतनशील पत्नियों के नोट्स’ में उनकी भाषा उनकी बारीक नजर का जादू हम सब देख चुके हैं. यह उनके रचनात्मक गद्य की नई छटा है. समय की छवियाँ और उनके बयान की तुर्शी- मॉडरेटर =======================    रैम्प …

Read More »

देवदत्त पटनायक की किताब ‘राम की गाथा’ का एक अंश

रामनवमी के अवसर पर देवदत्त पटनायक की किताब ‘राम की गाथा’ का एक अंश प्रस्तुत है. पेंगुइन बुक्स-मंजुल पब्लिशिंग से प्रकाशित यह किताब ‘द बुक ऑफ़ राम’ का हिंदी अनुवाद है. अनुवाद मैंने किया है- प्रभात रंजन ============================================================= एक न्यायप्रिय नायक रामायण हिन्दू धर्म के सबसे पवित्र ग्रंथों में एक …

Read More »

उर्दू का मैं पहला शायर हूँ जिसकी किताब के अपनी ही जिंदगी में इतने एडिशन छपे

आज साहिर लुधियानवी का जन्मदिन है. उनका नाम याद आते ही मोहब्बत और मोहब्बत के अफ़साने याद आने लगते हैं. लेकिन उनसे उनके कई समकालीन बेहद जलते भी थे. तरक्कीपसंद लेखक हंसराज रहबर ने अपनी आत्मकथा ‘मेरे सात जनम’ में साहिर की खूब खबर ली है. तारीफ कर कर के …

Read More »

आशुतोष भारद्वाज की पुस्तक ‘मृत्यु कथा’ के कुछ अंश

आशुतोष भारद्वाज ने कई साल मध्य भारत के नक्सल प्रभावित इलाक़ों में पत्रकारिता की है.  फ़र्ज़ी मुठभेड़, आदिवासी संघर्ष, माओवादी विद्रोह पर नियमित लिखा जिसके लिए उसे पत्रकारिता के तमाम पुरस्कार मिले, जिनमें चार बार प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका पुरस्कार भी शामिल है. किताब मृत्यु-कथा के कुछ अंश— ख़्वाब एक पिछली सदी का सबसे विलक्षण रूसी तोहफा क्या था? …

Read More »

मिथिलेश कुमार राय का उपन्यास-अंश ‘करिया कक्का की आत्मकथा’

मिथिलेश कुमार राय ग्रामीण जीवन को लेकर बहुत जीवंत लेखन करते हैं. उसकी राजनीति से अलग उसके जीवन को सहज रूप में देखने की कोशिश करते हैं. वे आजकल उपन्यास लिख रहे हैं ‘करिया कक्का की आत्मकथा’. उसी का एक अंश- मॉडरेटर ======= ‘काकी, कक्का हैं? जरा दरवाजे पर भेज …

Read More »

उपासना नीरव के बाल उपन्यास “डेस्क पर लिखे नाम” का एक अंश

समकालीन कथा साहित्य में उपासना नीरव की कहानियों का अपना स्पष्ट रंग है. हाल के वर्षों में बिना किसी शोर शराबे के उन्होंने कई अच्छी कहानियां लिखी हैं. अभी हाल में ही उन्होंने एक बाल-उपन्यास लिखा है. उसका एक रोचक अंश आप भी पढ़ सकते हैं- मॉडरेटर ====================== प्लानचिट टुटु-पुट्टी …

Read More »

एक कलाकार के शब्दों में सर्बिया का चित्र

चित्रकार, कलाकार सीरज सक्सेना बहुत आत्मीय गद्य लिखते हैं. यह उनकी सर्बिया यात्रा का वृत्तान्त है. पढियेगा- मॉडरेटर ========== कागज़ ,केनवस और कपड़े से बनी अपनी कलाकृतियों की दो एकल प्रदर्शनी के लिए सर्बिआ जाना सुखद तो है ही अति उत्साह इस बात का है कि अपनी कला को नए …

Read More »

निखिल सचान के उपन्यास ‘यूपी 65’ का एक अंश

हिन्द युग्म ने नई वाली हिंदी के नारे के साथ टेक्नो लेखकों(इंजीनियरिंग-मैनेजमेंट की पृष्ठभूमि के हिंदी लेखक) की एक नई खेप हिंदी को दी. जिसके सबसे पहले पोस्टर बॉय निखिल सचान थे. उनकी किताब ‘नमक स्वादानुसार’ की 3-4 साल पहले अच्छी चर्चा हुई थी. हालाँकि उनकी दूसरी किताब का नाम …

Read More »

‘द मिनिस्ट्री ऑफ़ अटमोस्ट हैप्पीनेस’ के एक अंश का हिंदी अनुवाद

बीस साल बाद अरुंधति राय का दूसरा उपन्यास आया है ‘द मिनिस्ट्री ऑफ़ अटमोस्ट हैप्पीनेस’. मैंने इसके एक अंश का अनुवाद किया है जो आज ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में प्रकाशित हुआ है. आप भी पढ़कर बताइयेगा- मॉडरेटर ================================================== जब उसको पहली बार ऐसा महसूस हुआ कि वह घर के बाहर जा …

Read More »