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पुस्तक अंश

रोहित वेमुला की डायरी में एबीवीपी का ज़िक्र

हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला ने आत्महत्या कर ली थी. आत्महत्या के बाद से वह एक तरह से प्रतीक बन चुका है जाति उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने वालों के लिए. अभी हाल में ही जगरनॉट बुक्स से उनकी ऑनलाइन डायरी का प्रकाशन हुआ है- जाति कोई अफवाह नहीं. …

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लाल शाहबाज़ कलंदर की दरगाह के बारे में ओम थानवी ने क्या लिखा था?

कल जब टीवी पर यह समाचार देखा कि सूफी फ़कीर शाहबाज़ कलंदर की मजार पर धमाका हुआ है तो मुझे ओम थानवी की किताब ‘मुअनजोदड़ो’ की याद आई. उस किताब में उन्होंने सेवण शरीफ की यात्रा का जिक्र किया है- “बाहर उजाला हो गया था. बस एक कस्बे में रुकी …

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मुम्बई, 26/11 और एक किताब ‘हेडली और मैं’

आज 26 नवम्बर है. 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद से 26/11 को स्याह दिन की तरह याद किया जाता है. बहुत लोगों को याद होगा कि इस घटना के मुख्य आरोपी डेविड हेडली के साथ अनजाने में जुड़े होने के कारण राहुल भट्ट का नाम शक …

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लता मंगेशकर: 85 बरस – 85 अमर गीत

युवा लेखक यतीन्द्र मिश्र इन दिनों स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर पर अपनी किताब को अंतिम रूप देने में लगे हैं उन्होंने लता मंगेशकर के 85 वें जन्मदिन पर उनके परामर्श और सहमति से 85 गीतों की एक सूची तैयार की. इनमें से 65 गीत ऐसे निकले जो मैंने सुन रखे …

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ख्वाजा अहमद अब्बास को याद करते हुए

  सोद्देश्य सिनेमा को समर्पित फिल्म लेखक, निर्देशक ख्वाजा अहमद अब्बास की यह जन्मशताब्दी का साल है. उनकी लेखन-कला, उनकी सिनेमा कला को याद करते हुए एक बढ़िया लेख लिखा है सैयद एस. तौहीद ने- जानकी पुल. ======================       उन दिनों वी शांताराम की एक द्विभाषी फिल्म ‘दुनिया ना …

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सलमान रुश्दी बने ‘जोसेफ एंटन’

सलमान रुश्दी के संस्मरणों की पुस्तक आई है ‘जोसेफ एंटन’. उसी पुस्तक का एक अनूदित अंश जो सलमान रुश्दी के अपने पिता के साथ संबंधों को लेकर है, अनुवाद मैंने ही किया है- प्रभात रंजन. ======================== जब वह छोटा बच्चा था उसके अब्बा सोते समय उसे पूरब की महान चमत्कार-कथाएं …

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निदा फाजली के शब्दों में शकील बदायूंनी का अक्स

निदा फाजली ने कुछ शायरों के ऊपर बहुत रोचक ढंग से लिखा है. यहाँ उनका लेख शायर-गीतकार शकील बदायूंनी पर. कुछ साल पहले वाणी प्रकाशन से उनकी एक किताब आई थी ‘चेहरे’ उसमें उनका यह लेख संकलित है.  ============= शेक्सपियर ने 1593 से 1600 के दरमियान एक सौ चौवन सॉनेट भी …

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नाम तो नाम उपनाम भी सुभानअल्ला

अज्ञेय की जन्म-तिथि के अवसर पर आज प्रस्तुत है उनके घोषित शिष्य मनोहर श्याम जोशी द्वारा लिखा गया एक व्यक्ति-चित्र जिसमें अज्ञेय के व्यक्तित्व को बहुत रोचक ढंग से खोला गया है. ‘बातों-बातों में’ संकलित लेख का एक सम्पादित अंश- जानकी पुल. ============================= अगर जैनेन्द्र गांधी स्मारक निधि हैं तो …

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