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पुस्तक अंश

तरुण भटनागर के उपन्यास ‘बेदावा’ का एक अंश

तरुण भटनागर के लेखन से हम सब अच्छी तरह परिचित रहे हैं। यह उनके नए उपन्यास ‘बेदावा’ का अंश है। यह उपन्यास उनके अपने लेखन में भी एक भिन्न प्रकृति का उपन्यास है। राजकमल से प्रकाशित इस उपन्यास का आप अंश पढ़िए- मॉडरेटर =============================  ख़ामोशियों की बेहयाई तो इश्क़ की …

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भारत का पहला दलित नेता

क्रिस्तोफ़ जाफ़्रलो द्वारा लिखित भीमराव अम्बेडकर की जीवनी भीमराव आंबेडकर एक जीवनी का अनुवाद राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित है। जिसका अनुवाद योगेन्द्र दत्त ने किया है। आज बाबासाहेब की जयंती है। इस अवसर पर पढ़िए इस पुस्तक का एक अंश- मॉडरेटर =================== बाबासाहब के फिर अन्तिम दर्शन हुए उनके अन्त …

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चे गेवारा की जीवनी का एक अंश

पिछले दिनों महान क्रांतिकारी चे गेवारा की जीवनी राजकमल से प्रकाशित हुई थी। वी के सिंह की लिखी इस जीवनी का एक अंश पढ़िए- ===================== स्टूडियो जल्दी ही हम सारे गुयेवारा भाई-बहनो और हमारे संगी-साथियों के लिए पढ़ाई और रिहाइश का अच्छा-खासा अड्डा बन गया। मैं वहाँ अपनी परीक्षाओं की …

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यू. आर. अनंतमूर्ति के प्रसिद्ध उपन्यास ‘घटश्राद्ध’ का एक अंश

यू. आर. अनंतमूर्ति के प्रसिद्ध उपन्यास ‘घटश्राद्ध’ का एक अंश पढ़िए। आजकल प्रिंट किताबों को मँगवाना मुश्किल हो गया है लेकिन राजकमल से प्रकाशित इस उपन्यास को किंडल पर ईबुक में पढ़ सकते हैं। फ़िलहाल यहाँ अंश पढ़िए- मॉडरेटर =============================== अभी अँधेरा ही था। मैं आँखें मलता हुआ आँगन में …

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अज्ञेय के उपन्यास ‘अपने अपने अजनबी’ का एक अंश

आज बैठे बैठे अज्ञेय के उपन्यास ‘अपने अपने अजनबी’ की याद आई। उपन्यास के केंद्र में मृत्यु का भय है। किस तरह मृत्यु को सामने पाकर कैसे प्रियजन भी अजनबी हो जाते हैं और अजनबी पहचाने हुए। मृत्यु से ज़्यादा डर मृत्यु के भय का होता है।सेल्मा कैंसर से पीड़ित …

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उपासना के उपन्यास ‘डेस्क पर लिखे नाम’ का एक अंश

उपासना समकालीन कथाकारों में सुपरिचित नाम हैं। अभी हाल में ही उनका बाल उपन्यास ‘डेस्क पर लिखे नाम’ प्रकाशित हुआ है. इसे राष्ट्रीय पुस्तक न्यास नई दिल्ली ने प्रकाशित किया है. उसका एक अंश देखिए- =================== घुमक्कड़ी  टुटु -पुट्टी के कमरे की खिड़की सामने बागान में खुलती है. बागान चारों …

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पेशेवर हूँ सर, पेशेवाली नहीं!

नीलिमा चौहान की पतनशील सीरिज़ हिंदी के स्त्री विमर्श की जड़ता को तोड़ने वाली किताबें हैं। पतनशील पत्नियों के नोट्स और ऑफ़िशियली पतनशील ने भाषा विमर्श के नए मेयार बनाए। आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर उनकी पुस्तक का यह अंश- मॉडरेटर ==================== जिनको यकीन है कि दफ्तरों में गर औरतें …

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    रेगिस्तान, नदी, समुद्र, पर्वतों को पार करने वाले मेरे सफर कहाँ हैं?

आर्थर रैंबो 19वीं शताब्दी फ़्रेंच कविता के उन कवियों में हैं जिनकी कविताओं ने आधुनिक कविता को कई रूपों में प्रभावित किया, महज़ 37 साल की आयु में दुनिया छोड़ कर जाने वाले इस लेखक का जीवन भी एक मिथक याँ किंवदंती की तरह बन गई। मदन पाल सिंह ने …

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वंदना राग के उपन्यास ‘बिसात पर जुगनू’ का एक अंश

वंदना राग के उपन्यास ‘बिसात पर जुगनू’ को मैंने पूरा पढ़ लिया है तो आपको कम से कम एक अंश पढ़वाने का फ़र्ज़ तो बनता ही है। अगर राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित इस उपन्यास का अंश पसंद आए तो कल इस उपन्यास पर आयोजित कार्यक्रम में भी ज़रूर पधारिएगा- प्रभात …

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ईशान त्रिवेदी के उपन्यास ‘पीपलटोले के लौंडे’ का एक अंश

ईशान त्रिवेदी फ़िल्मी दुनिया के चंद इल्मी लोगों में हैं जो बहुत अच्छा लिखते हैं और जिनका लेखन अपने साथ बहा ले जाता है। जानकी पुल पर उनकी कई कहानियाँ हम पढ़ चुके हैं। अभी उनका उपन्यास राजकमल प्रकाशन समूह से आया है ‘पीपलटोले के लौंडे’। प्रेम और अपराध कथा …

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