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पुस्तक अंश

याक और बच्चे की दोस्ती की कहानी ‘हिमस्खलन’

चीनी बाल एवं किशोर कथाओं में प्रकृति, मिथकों के साथ इंसान के आदिम संबंधों की कथा होती है. ‘हिमस्खलन’ ऐसी ही किताब है, जिसमें एक बच्चे और एक याक की दोस्ती की कहानी है. जांग पिंचेंग की इस किताब का अंग्रेजी से अनुवाद मैंने किया था. जिसका प्रकाशन रॉयल कॉलिन्स …

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प्रशांत किशोर “लीजेंड” बनते बनते रह गए या बन ही गए?

कल से कांग्रेस की शर्मनाक हार और रणनीतिकार प्रशांत किशोर को लेकर स्टेटस लिखे जा रहे हैं, चुटकुले बनाए जा रहे हैं. कल वे ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे थे. प्रतिष्ठा सिंह ने अपनी किताब ‘वोटर माता की जय’ में पीके के बारे में भी लिखा था. पीके ने जब …

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‘पतनशील पत्नियों के नोट्स’ और होली का त्यौहार

पिछले दिनों वाणी प्रकाशन से एक किताब आई ‘पतनशील पत्नियों के नोट्स’. नीलिमा चौहान की इस किताब ने जैसे हिंदी साहित्य की तथाकथित मर्यादा की परम्परा से होली ही खेल दी, स्त्रीवादी लेखन को उसकी सर्वोच्च ऊंचाई पर ले जाने वाली इस किताब में दो प्रसंग होली से भी जुड़े …

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चुनाव के बाद इवीएम मशीनों के ऊपर सवाल क्यों उठते हैं?

आज यूपी विधानसभा चुनावों के बाद मायावती ने इवीएम मशीनों के ऊपर सवाल उठाया है. इवीएम मशीनों के ऊपर पहली बार सवाल नहीं उठाया गया है. 2009 में लोकसभा चुनावों में हार के बाद भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी वोटिंग मशीनों के ऊपर सवाल उठाये थे. भाजपा के सेफोलोजिस्ट …

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और ‘वोटर माता की जय’

हिंदी का दुर्भाग्य है कि स्त्री लेखन के नाम पर महज कविता-कहानियों की चर्चा होती है. किसी नए विषय पर कोई लेखिका कुछ काम करती है तो क्या उसको स्त्री लेखन नहीं माना जाना चाहिए? इटैलियन भाषा की प्राध्यापिका प्रतिष्ठा सिंह की किताब ‘वोटर माता की जय’ की तरफ आज …

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रोहित वेमुला की डायरी में एबीवीपी का ज़िक्र

हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला ने आत्महत्या कर ली थी. आत्महत्या के बाद से वह एक तरह से प्रतीक बन चुका है जाति उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने वालों के लिए. अभी हाल में ही जगरनॉट बुक्स से उनकी ऑनलाइन डायरी का प्रकाशन हुआ है- जाति कोई अफवाह नहीं. …

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लाल शाहबाज़ कलंदर की दरगाह के बारे में ओम थानवी ने क्या लिखा था?

कल जब टीवी पर यह समाचार देखा कि सूफी फ़कीर शाहबाज़ कलंदर की मजार पर धमाका हुआ है तो मुझे ओम थानवी की किताब ‘मुअनजोदड़ो’ की याद आई. उस किताब में उन्होंने सेवण शरीफ की यात्रा का जिक्र किया है- “बाहर उजाला हो गया था. बस एक कस्बे में रुकी …

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निदा फाजली के शब्दों में शकील बदायूंनी का अक्स

निदा फाजली ने कुछ शायरों के ऊपर बहुत रोचक ढंग से लिखा है. यहाँ उनका लेख शायर-गीतकार शकील बदायूंनी पर. कुछ साल पहले वाणी प्रकाशन से उनकी एक किताब आई थी ‘चेहरे’ उसमें उनका यह लेख संकलित है.  ============= शेक्सपियर ने 1593 से 1600 के दरमियान एक सौ चौवन सॉनेट भी …

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