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लेख

प्रवीण कुमार और रेणु स्कूल की मिस हीराबाई 

‘तीसरी कसम’, हिरामन, हीराबाई पर इतना लिखा जा चुका है कि लगता है अब नया क्या पढना? इसीलिए कोई नया लेख इसके ऊपर देखता हूँ तो पढने का मन ही नहीं करता. लेकिन फिर भी इस विषय पर अच्छा लिखा जा रहा है और कई बार ऐसा लिखा जा रहा …

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लिटरेरी एजेंट और हिंदी का प्रकाशन जगत

सदन झा इतिहासकार हैं. सेंटर फॉर सोशल स्टडीज, सूरत में एसोसियेट प्रोफ़ेसर हैं. उनका यह लेख हिंदी के ‘पब्लिक स्फेयर’ की व्यावहारिकताओं और आदर्शों के द्वंद्व की अच्छी पड़ताल करता है और कुछ जरूरी सवाल भी उठाता है. एक बहसतलब लेख- मॉडरेटर ============================ चंद रोज पहले मैंने अपने फेसबुक वाल …

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‘बौद्धिक स्लीपर सेल‘, जो पूरा परिदृश्य बदल दे

पुष्प रंजन ईयू-एशिया न्यूज़ के नई दिल्ली संपादक हैं और हिंदी के उन चुनिन्दा पत्रकारों में हैं जिनकी अंतरराष्ट्रीय विषयों पर पकड़ प्रभावित करती है. मेरे जैसे हिंदी वालों के लिए बहुत ज्ञानवर्धक होती है. उनका यह लेख ‘देशबंधु’ में प्रकाशित हुआ था. वहीं से साभार- प्रभात रंजन ======================  देश कठुआ …

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आंबेडकर- विचार भी, प्रेरणाशक्ति भी

जहाँ तक मेरी समझ है डॉ. भीमराव आम्बेडकर आधुनिक भारत के सबसे तार्किक और व्यावहारिक नेता थे. वे सच्चे अर्थों में युगपुरुष थे. वे जानते थे कि भारतीय समाज में स्वाभाविक रूप से बराबरी कभी नहीं आ सकती इसलिए संविधान के माध्यम से उन्होंने समाज के कमजोर तबकों को शक्ति …

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आज राहुल सांकृत्यायन को याद करने का दिन है

आज महापंडित राहुल सांकृत्यायन की 125 वीं जयंती है. उन्होंने 148 किताबें लिखीं, दुनिया भर में घूमते रहे, बौद्ध धर्म सम्बन्धी अनेक दुर्लभ पांडुलिपियाँ लेकर भारत आये. वे इंसान नहीं मिशन थे. आज उनके मिशन, उनके विचारों को याद करने का दिन है. प्रसिद्ध विद्वान सुधीश पचौरी का यह लेख …

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उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ हमारे संगीत की रूह और आत्मा में बसे हुए हैं

कल उस्ताद बिस्मिल्ला खान की जयंती थी. उस्ताद बिस्मिल्ला खान दशकों तक शहनाई के पर्याय की तरह रहे. उनके ऊपर बहुत अच्छी किताब यतीन्द्र मिश्र ने लिखी है ‘सुर की बारादरी’. आज खान साहब पर यतीन्द्र मिश्र की लिखी यह छोटी सी सारगर्भित टिप्पणी- मॉडरेटर ——————————————— भारतीय शास्त्रीय संगीत में उस्ताद …

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तुम्हारी देह जिस आत्मा का घर थी उसे विदा कर दिया है

केदारनाथ सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए यह लेख अंजलि देशपांडे ने लिखा है. अंजलि जी ने हाल में ही जगरनॉट ऐप पर एक जबरदस्त सामाजिक थ्रिलर ‘एक सपने की कीमत’ लिखा है. इससे पहले राजकमल प्रकाशन से इनका उपन्यास ‘महाभियोग’ प्रकाशित है- मॉडरेटर ====================== “जो कवि कविता के साथ इतना …

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किसान आंदोलनों के पीछे षड़यंत्र नहीं किसानों के दर्द को समझिये!

देश में किसानों के संघर्ष बढ़ रहे हैं. हम उसको समझने के स्थान पर या तो उनके मध्यवर्गीय समाधान सुझा रहे हैं या उसके पीछे किसी बड़े राजनीतिक षड़यंत्र को देख रहे हैं. कुमारी रोहिणी का यह लेख ऐसे ही कुछ सवालों को समझने की एक कोशिश की तरह है- …

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ऑनलाइन समाचार की दुनिया में नयापन क्यों नहीं है?

ऑनलाइन समाचारों की दुनिया पर ‘हिंदी में समाचार’ जैसी शोधपरक पुस्तक के लेखक अरविन्द दास का लेख- मॉडरेटर =============== श्रीदेवी की दुखद मौत बॉलीवुड और उनके फैन्स के लिए सदमे से कम नहीं था. उनकी मौत होटल के बाथटब में दुर्घटनावश डूबने के कारण हुई, लेकिन टेलीविजन न्यूज चैनल ने …

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सिनेमा और होली का चोली-दामन का साथ रहा है!

होली पर जानकी पुल की तरफ से हैप्पी होली युवा लेखक विमलेन्दु के इस सुन्दर लेख के साथ- मॉडरेटर ============================================================ होली और ईद, भारत के दो ऐसे धार्मिक पर्व हैं, जिनमें धार्मिक आग्रह बहुत कम, और उल्लास एवं कुंठाओं के निरसन का भाव ज्यादा होता है। होली के साथ प्रहलाद-होलिका …

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