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युवा शायर #2 पूजा भाटिया की ग़ज़लें

युवा शायर सीरीज में, आज पेश है पूजा भाटिया की ग़ज़लें – त्रिपुरारि 1. यूँ ही चलते रहने से भी क्या होगा अपना कहने को बस इक रस्ता होगा सहरा, जंगल, दश्त न वीराना कोई दीवाने का घर जाने कैसा होगा तुम भी दरिया को दरिया बन कर देखो तुम …

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युवा शायर #1 सालिम सलीम की ग़ज़लें

जानकीपुल की नई पेशकश-युवा शायर। इस सीरीज के तहत उर्दू में लिखने वाले युवा शायर/शायरा की रचनाएँ प्रकाशित की जाएँगी। आप लुत्फ़ अंदोज़ हों। हौसला अफ़ज़ाई करें। आज पढ़ें पहला पोस्ट, सालिम सलीम की ग़ज़लें – त्रिपुरारि 1. कनार-ए-आब तिरे पैरहन बदलने का मिरी निगाह में मंज़र है शाम ढलने …

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‘अनारकली’ के किरदार से मुझे रानी बेगम की याद आती है!

‘अनारकली ऑफ़ आरा’ में अनारकली को देखते हुए मुझे बार-बार अपने मुजफ्फरपुर की रानी बेगम की याद आती है. रानी चतुर्भुज स्थान के आखिरी दौर की सबसे बड़ी डांसर थी, जिसका सट्टा बंधवाना एक जमाने में मुज़फ्फापुर और आसपास के जिले के जमींदारों के लिए बड़ी बात समझी जाती है. …

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ऐसा नॉवेल, जिसे पढ़ने के लिए उर्दू सीखी जा सकती है

पिछले साल उर्दू में एक किताब छपी थी। नाम है- रोहज़िन, जो रहमान अब्बास का लेटेस्ट नॉवेल है। ग़ौर करने लायक बात ये है कि छपने से लेकर आज तक इस किताब ने उर्दू की गलियों में धूम मचा रखी है। किताब से गुज़रते हुए कई बातें ख़याल में आती …

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बादशाह औरंगजेब आलमगीर की प्रेम कहानी से जुड़ा एक किस्सा

प्रकाश के. रे पेशे से पत्रकार हैं.  इतिहास-राजनीति की गहरी समझ रखने वाले हिंदी के कुछ दुर्लभ पत्रकारों में हैं. औरंगजेब के जीवन से जुड़े इस प्रसंग को देखिये उन्होंने किस तरह से सही समय पर याद किया है- मॉडरेटर ================================================== इतिहास भले ही महलों और मैदानों में तय होता …

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हमारा प्रेम सिलवटों में कहीं निढाल पड़ा है

इला जोशी की कविताएँ पढ़ते हुए यूँ महसूस होता है, जैसे किसी परिंदे को इस शर्त पर रिहाई मिले कि उसके पंख काट दिए जाएँगे। इन कविताओं में एक अजीब क़िस्म की बेचैनी दफ़्न है, जिसे किसी पवित्र स्पर्श की प्रतीक्षा भी है और उस स्पर्श से छिल जाने का …

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‘ग्लोबलाइजेशन’ पुस्तकों की देन है – चित्रा मुद्गल

कल से 20वां नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला शुरू होने जा रहा है। जीवन में पुस्तकों के महत्व को नकारा नहीं जा सकता। इसी बात को ध्यान में रखते हुए “पुस्तक-लेखन-शिक्षा-साहित्य-पुरस्कार” आदि विषयों पर चित्रा मुद्गल जी ने अपने विचार व्यक्त किए हैं। पुस्तक मेले में उनकी नई पुस्तकों के …

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तुझसे मैं मिलता रहूँगा ख़्वाब में

कल हरदिल अज़ीज़ शायर शहरयार का इंतकाल हो गया. उनकी स्मृति को प्रणाम. प्रस्तुत है उनसे बातचीत पर आधारित यह लेख, जो अभी तक अप्रकाशित था. त्रिपुरारि की यह बातचीत शहरयार के अंदाज़, उनकी शायरी के कुछ अनजान पहलुओं से हमें रूबरू करवाती है – मॉडरेटर ======================================================   वो सुबह बहुत हसीन …

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घासलेटी साहित्य से लुगदी साहित्य तक

हिन्दी के लोकप्रिय उपन्यास इन दिनों हिन्दी के दो लोकप्रिय जासूसी उपन्यास-लेखकों की अंग्रेजी में बड़ी चर्चा है। पहला नाम है इब्ने सफी। आजादी के बाद के आरंभिक दशकों में कर्नल विनोद जैसे जासूसों के माध्यम से हत्या और डकैती की एक से एक रहस्यमयी गुत्थियां सुलझानेवाले इस लेखक के …

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