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स्मरण

सीता होना इतना आसान भी नहीं होता

कल जानकी जयंती मेरे शहर में दीवाली की तरह मनाई गई. पहले इतने आयोजन नहीं होते थे लेकिन इस बार खूब हुए. लेकिन कल सीता जयंती पर सबसे अच्छा यह पढ़ना लगा. राजीव कटारा जी ने लिखा है. वे ‘कादम्बिनी’ के संपादक हैं और अपने ढंग के अकेले लेखक हैं. …

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सत्यजित राय बहुमुखी प्रतिभा के धनी कलाकार थे

आज सत्यजित रे का जन्मदिन है। इस मौके पर आज मुकेश चन्द्र पाण्डेय का लेख. मुकेश चंद्र पांडेय एक प्रोडक्शन हाउस के क्रिएटिव हेड हैं।  बच्चों के लिए बनायी जाने वाली एनिमेशन सीरीज के एपिसोड्स लिखते हैं. इन दिनों आर के नारायण की कहानी “पेंटर ऑफ़ साइन्ज़” पर आधारित फिल्म …

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बलराज साहनी की जयंती पर उनकी कुछ कविताएँ

अभिनेता बलराज साहनी हिन्दी सिनेमा की एक महान व अविस्मरणीय शख्सियत रहे हैं। आज उनका जन्मदिन है. लोगों कोम ही याद है कि वे लेखक भी थे और कहानियां, कविताएँ भी लिखते थे. उनकी और उनकी पत्नी की रचनाओं का समग्र भी प्रकाशित हुआ. आज उनकी कुछ कविताएँ- मॉडरेटर ===================================   १. …

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मंजिल से जरूरी सफ़र का सन्देश देने वाले लेखक का जाना

80 के दशक में दिल्ली विश्वविद्यालय कैम्पस में ‘जेन एंड द आर्ट ऑफ़ मोटरसाइकिल मेंटेनेंस’ को पढना जैसे मस्ट माना जाता था. जो नहीं भी पढ़ते थे वे भी उसको हाथ में लिए घूमते रहते थे. उसके लेखक रॉबर्ट एम पिर्सिग का निधन हो गया. उनके ऊपर और उनकी उस धमाकेदार …

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‘ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया’ के शायर की आज पुण्यतिथि है

शाइरों में तख़ल्लुस रखने का चलन जाने कब से शुरू हुआ क्या पता, पर क़ायम आज भी है। एक और फ़ैशन अपने नाम के साथ अपने शहर या क़स्बे के रखने का भी रहा है। फ़िल्मी गीतकारों में साहिर लुधियानवी, हसरत जयपुरी, मजरूह सुल्तानपुरी आदि नामों में एक और चमकता …

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क्या ब्रजेश्वर मदान को भुला दिया जाना चाहिए?

‘जानकी पुल’ पर शशिभूषण द्विवेदी के लिखे लेख ‘बर्बाद जीनियस थे ब्रजेश्वर मदान’ की टिप्पणी में ब्रजेश्वर मदान के भतीजे आदित्य मदान ने कमेन्ट में लिखा- ब्रजेश्वर मदान इज नो मोर. इस एक पंक्ति ने हमारे में में चल रहे होने न होने उस द्वंद्व को ख़त्म कर दिया जो …

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ब्रजेश्वर मदान की अंतिम प्रकाशित कविताएँ

अद्वितीय गद्यकार ब्रजेश्वर मदान के मरने की खबर आज जानकी पुल पर उनके भतीजे आदित्य मदान के एक कमेन्ट के माध्यम से मिली. उसमें कुछ नहीं लिखा है कि उनका देहांत कब हुआ. बहरहाल, यह सच है कि उनका देहांत हो गया क्योंकि वही उनकी देखभाल कर रहा था. मुझे …

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चैप्लिन इस दुनिया के पिछवाड़े पर पड़ी हुई एक लात हैं

आज चार्ली चैपलिन की जयंती है. चैपलिन अपनी फिल्मों में तानाशाहों का मजाक उड़ाते रहे, उनके विद्रूप को दिखाते रहे. संयोग से आह दुनिया भर में तानाशाह बढ़ रहे हैं. चैपलिन की प्रासंगिकता, उनके फिल्मों की प्रासंगिकता बढ़ गई है. आज विमलेंदु का यह लेख उनको याद करते हुए- मॉडरेटर …

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महापंडित राहुल और वोल्गा की रात

आज महापंडित राहुल सांकृत्यायन की 54 वीं पुण्यतिथि है. हिंदी में उनके जितना विविध और विपुल लेखन शायद ही किसी और लेखक ने किया. वे महायात्री थे. उनके यात्राओं के वर्णन सम्मोहक होते थे. यह वोल्गा का वर्णन है- दिव्या विजय ================== निशा 1 देश – वोल्गा तट (ऊपरी) जाति …

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70 साल का हुआ बाबा नागार्जुन का उपन्यास ‘रतिनाथ की चाची’

इधर इस बात पर ध्यान गया कि बाबा नागार्जुन के उपन्यास ‘रतिनाथ की चाची’ के लेखन का यह 70 वां साल है. इस उपन्यास के तीसरे संस्करण की भूमिका में नागार्जुन ने स्वयं यह लिखा है कि इसका रचनाकाल 1947 था. मुझे आज भी यह बात समझ में नहीं आई …

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