Home / स्मरण (page 4)

स्मरण

ओशो रजनीश की निगाह में भगवान महावीर

आज महावीर जयंती है. उनके बारे में ओशो के विचार प्रस्तुत हैं- मॉडरेटर ====================================== महावीर के जन्म से लेकर उनके साधना के शुरू होने के काल तक कोई स्पष्ट घटनाओं का उल्लेख उपलब्ध नहीं है. ये बड़ी महत्वपूर्ण बात है. जीसस के जीवन के भी शुरुआती तीस वर्षो का कोई …

Read More »

लोग मरने के बाद स्वर्ग जाते हैं पर कुमार गंधर्व तो आए ही स्वर्ग से थे!

आज कुमार गन्धर्व की जयंती है. शास्त्रीय संगीत के इस अप्रतिम गायक को याद करते हुए नॉर्वे प्रवासी डॉ. प्रवीण कुमार झा ने यह बहुत अच्छा लेख लिखा है. एकदम आम आदमी के नजरिये से- मॉडरेटर ============================================ बिना फेफड़े के कोई महान गायक बन सकता है? वो भी हिंदुस्तानी संगीत …

Read More »

किशोरी जी तो चली गई अब ढूँढते रहिए सुर!

कल किशोरी अमोनकर के निधन के बाद हमने बहुत कुछ पढ़ा. बहुत कुछ जाना. एक लेख यह भी पढ़ लीजिये. नॉर्वे प्रवासी डॉ. प्रवीण कुमार झा ने लिखा है. वे शास्त्रीय संगीत के गहरे ज्ञाता हैं और और मेरे जैसे शास्त्रीय ज्ञान से हीन लोगों को उनकी भाषा में समझाना-सिखाना …

Read More »

अज्ञेय की पुण्यतिथि पर उनका लेख ‘मैं क्यों लिखता हूँ?’

आज मूर्धन्य लेखक अज्ञेय जी की पुण्यतिथि है. आज ही के दिन 1987 ईस्वी में उनका निधन हुआ था. यह उनकी मृत्यु का 30 वां साल है. आज उनको याद करते हुए पढ़िए उनका यह लेख ‘मैं क्यों लिखता हूँ?- मॉडरेटर ================================================= मैं क्यों लिखता हूँ? मैं क्यों लिखता हूँ? …

Read More »

ऋतुराज की कविता ‘किशोरी अमोनकर’

    महान गायिका किशोरी अमोनकर के निधन की खबर पढ़कर मुझे हिंदी के वरिष्ठ कवि ऋतुराज की कविता याद आई- किशोरी अमोनकर. आप भी पढ़िए- प्रभात रंजन ======================== न जाने किस बात पर हँस रहे थे लोग प्रेक्षागृह खचाखच भरा था जनसंख्या-बहुल देश में यह कोई अनहोनी घटना नहीं …

Read More »

इतनी लंबी यात्रा पर जाने से पहले तुम अपना पता भी नहीं दे गए!

आज हिंदी कहानियों को नया मोड़ देने वाले निर्मल वर्मा का जन्मदिन है. प्रस्तुत है उनके मरणोपरांत प्रकाशित पुस्तक ‘प्रिय राम’ से एक पत्र. यह पुस्तक उनके और उनके भाई प्रसिद्ध चित्रकार रामकुमार के बीच पत्राचार का संकलन है. वैसे यह पत्र रामकुमार ने निर्मल जी के मरने के बाद उनके नाम …

Read More »

साहित्यिक चर्चाएँ मुझे बहुत डिप्रेस करने लगी हैं- निर्मल वर्मा

आज महान लेखक निर्मल वर्मा की जयंती है. निर्मल जी पत्राचार बहुत करते थे और उनके पत्र सहेज कर रखने लायक होते थे. उनके लेखों, उनकी कहानियों की तरह पढने लायक होते थे. आज प्रसिद्ध आलोचक-लेखक रमेशचंद्र शाह को लिखे उनके दो पत्र- मॉडरेटर ==================== नयी दिल्ली 7.2.1981 प्रिय रमेश …

Read More »

‘कसप’ सिर्फ प्रेम कहानी भर नहीं है

आज हिंदी के मूर्धन्य लेखक मनोहर श्याम जोशी के गुजरे 11 साल हो गए. उनके प्रेम-उपन्यास ‘कसप’ की रचना-प्रक्रिया पर उनका यह लेख प्रस्तुत है, जो उन्होंने मेरे कहने पर लिखा था और जो जनसत्ता में सबसे पहले प्रकाशित हुआ था. उनकी अमर स्मृति के नाम- जानकी पुल. ========================= हिंदी …

Read More »

मनोहर श्याम जोशी मनमोहन देसाई और दस लाख का एडवांस!

मशहूर लेखक मनोहर श्याम जोशी की आज पुण्यतिथि है. 2006 में आज के ही दिन उनका देहांत हो गया था. जीते जी किम्वदंती बन चुके उस लेखक के लेखन से जुड़ा एक किस्सा आज याद आ गया. बहुत कम लोग जानते हैं इस किस्से को. एक महान किस्सागो की स्मृति …

Read More »

‘बतिया सकता हूँ हौले-हल्के बिल्कुल ही पास बैठकर’

आज कवि भवानी प्रसाद मिश्र की जयंती है. मुझे कवि सिद्धेश्वर सिंह के इस लेख की याद आ गई- मॉडरेटर =================================================== न रात-भर नौका विहार न खुलकर बात-भर हँसना बतिया सकता हूँ हौले-हल्के बिल्कुल ही पास बैठकर ये पंक्तियाँ भवानी प्रसाद मिश्र की कविता ‘आराम से भाई ज़िन्दगी’ से ली …

Read More »