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स्मरण

इतनी लंबी यात्रा पर जाने से पहले तुम अपना पता भी नहीं दे गए!

आज हिंदी कहानियों को नया मोड़ देने वाले निर्मल वर्मा का जन्मदिन है. प्रस्तुत है उनके मरणोपरांत प्रकाशित पुस्तक ‘प्रिय राम’ से एक पत्र. यह पुस्तक उनके और उनके भाई प्रसिद्ध चित्रकार रामकुमार के बीच पत्राचार का संकलन है. वैसे यह पत्र रामकुमार ने निर्मल जी के मरने के बाद उनके नाम …

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साहित्यिक चर्चाएँ मुझे बहुत डिप्रेस करने लगी हैं- निर्मल वर्मा

आज महान लेखक निर्मल वर्मा की जयंती है. निर्मल जी पत्राचार बहुत करते थे और उनके पत्र सहेज कर रखने लायक होते थे. उनके लेखों, उनकी कहानियों की तरह पढने लायक होते थे. आज प्रसिद्ध आलोचक-लेखक रमेशचंद्र शाह को लिखे उनके दो पत्र- मॉडरेटर ==================== नयी दिल्ली 7.2.1981 प्रिय रमेश …

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‘कसप’ सिर्फ प्रेम कहानी भर नहीं है

आज हिंदी के मूर्धन्य लेखक मनोहर श्याम जोशी के गुजरे 11 साल हो गए. उनके प्रेम-उपन्यास ‘कसप’ की रचना-प्रक्रिया पर उनका यह लेख प्रस्तुत है, जो उन्होंने मेरे कहने पर लिखा था और जो जनसत्ता में सबसे पहले प्रकाशित हुआ था. उनकी अमर स्मृति के नाम- जानकी पुल. ========================= हिंदी …

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मनोहर श्याम जोशी मनमोहन देसाई और दस लाख का एडवांस!

मशहूर लेखक मनोहर श्याम जोशी की आज पुण्यतिथि है. 2006 में आज के ही दिन उनका देहांत हो गया था. जीते जी किम्वदंती बन चुके उस लेखक के लेखन से जुड़ा एक किस्सा आज याद आ गया. बहुत कम लोग जानते हैं इस किस्से को. एक महान किस्सागो की स्मृति …

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‘बतिया सकता हूँ हौले-हल्के बिल्कुल ही पास बैठकर’

आज कवि भवानी प्रसाद मिश्र की जयंती है. मुझे कवि सिद्धेश्वर सिंह के इस लेख की याद आ गई- मॉडरेटर =================================================== न रात-भर नौका विहार न खुलकर बात-भर हँसना बतिया सकता हूँ हौले-हल्के बिल्कुल ही पास बैठकर ये पंक्तियाँ भवानी प्रसाद मिश्र की कविता ‘आराम से भाई ज़िन्दगी’ से ली …

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धर्मवीर हमारे दौर में कबीर की तरह जिए

धर्मवीर नहीं रहे. सन 2000 के आसपास उनकी पुस्तक ‘कबीर के आलोचक’ ने हिंदी आलोचना को सर के बल खड़ा कर दिया था. भक्तिकाल की जो ब्राह्मणवादी व्याख्याएँ की गई हैं उनके ऊपर वे बहुत तार्किक तरीके से प्रश्न खड़े करते हैं. अगर वे और पुस्तकें न भी लिखते तो …

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साहिर ने सेल्युलाइड के लिए भी वही लिखा जो कागज़ पर लिखते आए थे

कल महान शायर, फिल्मों के सबसे सफल गीतकारों में एक साहिर लुधियानवी का जन्मदिन था. उनके एक दोस्त जोए अंसारी का साहिर पर लिखा यह संस्मरण उनके व्यक्तित्व की कई गिर्हों को खोलता है. दिलचस्प है- मॉडरेटर ======================================================= बम्बई शहर के उबलते हुए बाज़ारों में, साहिलों पर, सस्ते होटलों में …

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उन्होंने ‘लुगदी’ परम्परा को ग्लैमर की ‘वर्दी’ पहनाई

मुझे याद है जब आमिर खान ने अपनी फिल्म ‘तलाश’ का प्रोमोशन शुरू किया था तो वे मेरठ में सबसे पहले वेद प्रकाश शर्मा के घर गए थे. यह हिंदी की लोकप्रिय धारा के लेखन को मिलने वाला विरल सम्मान था. 80 और 90 के दशक में उनके उपन्यासों ने …

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‘मार्क्स के संस्मरण’ किताब से एक अंश

पॉल लाफार्ज और विल्हेम लीबनेख्त द्वारा लिखे गए ‘मार्क्स के संस्मरण‘ के हिंदी अनुवाद से वहीं परिचय हुआ. पॉल लाफार्ज मार्क्स के दामाद थे. इसलिए ये संस्मरण बड़े आत्मीय और विश्वसनीय लगते हैं. पुस्तक का हिंदी अनुवाद किया है हरिश्चंद्र ने और प्रकाशक हैं जन-प्रकाशन गृह, मुंबई. यह संस्मरण ‘हिंदी …

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सआदत हसन मंटो पर कृशन चंदर का संस्मरण

सआदत हसन मंटो की जयंती पर  पढ़िए उनके ऊपर कृशन चंदर का एक दिलचस्प संस्मरण- जानकी पुल. =============== सआदत हसन मंटो: ख़ाली बोतल भरा हुआ दिल  एक अजीब हादसा हुआ है । मंटो मर गया है, गो वह एक अर्से से मर रहा था। कभी सुना कि वह एक पागलखाने में …

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