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हिंदी अनुवाद में अमिताव घोष का उपन्यास ‘सी ऑफ पॉपीज़’

हिंदी में अमिताव घोष का सी ऑफ पॉपीज़ अफीम सागर के नाम से प्रकाशित हुआ है. ध्यान रहे कि इस उपन्यास की कथा का क्षेत्र पूर्वी भारत है. कहानी उस दौर की है जब वहाँ से लोगों को गिरमिटिया बनाकर मॉरिसस और कैरेबियाई देशों में भेजा जा रहा था. हिंदी …

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नक्श लायलपुरी की गज़लें

मैं दुनिया की हक़ीकत जानता हूँकिसे मिलती है शोहरत जानता हूँ मेरी पहचान है शेरो सुख़न सेमैं अपनी कद्रो-क़ीमत जानता हूँ तेरी यादें हैं, शब बेदारियाँ हैंहै आँखों को शिकायत जानता हूं मैं रुसवा हो गया हूँ शहर-भर मेंमगर ! किसकी बदौलत जानता हूँ ग़ज़ल फ़ूलों-सी, दिल सेहराओं जैसामैं अहले …

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२५ बरस का हंस

मदन मोहन झा सर एक दिन घर के अन्दरवाले कमरे से एक पत्रिका निकाल कर लाए. देते हुए कहा था, इसे पढ़ना साहित्य के संस्कार आयेंगे. बात सन ८६ की है. उसी साल मैंने मैट्रिक की परीक्षा पास की थी. उसी की कहानियों को पढते हुए मैंने कथाकार बनने के …

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जिनका जीवन ही साहित्य था

२१ जुलाई को नोबेल पुरस्कार प्राप्त लेखक अर्नेस्ट हेमिंग्वे का जन्मदिन था. उस अवसर पर हमने उनकी एक छोटी सी कहानी छापी थी. आज प्रस्तुत है यह लेख जो उनके जीवन और लेखन को लेकर है- प्रभात रंजन नोबेल पुरस्कार प्राप्त अमेरिकी लेखक हेमिंग्वे की गिनती अंग्रेजी के महान लेखकों …

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आतंकवादी कौन बनता है

पिछले साल दिवंगत हुए जॉन उपडाइक की गणना आधुनिक अमेरिका के लिख्खाड़ और गंभीर लेखकों में की जाती रही है। २००६ में प्रकाशित टेररिस्ट(आतंकवादी) उनका बाइसवां और जीवनकाल में प्रकाशित संभवतया अंतिम उपन्यास है। उपन्यास में अमेरिकी समाज की बदलती मानसिकता झलकती है. नाइन-एलेवन की घटना के बाद अमेरिका और …

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सच को झूठ की तरह लिखनेवाला लेखक

अपनी पुस्तक लेटर्स टु ए यंग नॉवेलिस्ट में मारियो वर्गास ल्योसा ने लिखा है कि सभी भाषाओं में दो तरह के लेखक होते हैं- एक वे होते हैं जो अपने समय में प्रचलित भाषा और शैली के मानकों के अनुसार लिखते हैं, दूसरी तरह के लेखक वे होते हैं जो …

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इब्ने सफी की जासूसी दुनिया

पिछले दिनों प्रकाशन जगत में अंतर्राष्ट्रीय स्टार पर दो घटनाएँ ऐसी हुई जिनको कोई खास तवज्जो नहीं दी गई, लेकिन उसने लगभग गुमनाम हो चुके एक लेखक को चर्चा में ला दिया. बात इब्ने सफी की हो रही है. उनकी एक किताब का अनुवाद अंग्रेजी के मशहूर प्रकाशन रैंडम हाउस …

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रिक्शे पर सवार जी. बी. रोड

गार्सटिन बैसन रोड – अंग्रेज कलेक्टर के नाम रखी इस सड़क को लोग जी. बी. रोड के नाम से अधिक जानते हैं। लाल किला, कुतुबमीनार, जंतर मंतर, चांदनी चौक, कनॉट प्लेस की तरह यह भी दिल्ली की पहचान का पुराना और अहम हिस्सा है। उसकी पुरानी रवायत का एक ऐसा …

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तुषार धवल की कविताएँ

बार-बार याद आनेवाली कविताएं हरे प्रकाश उपाध्याय हाल में उभरे कुछ प्रमुख युवा कवियों में तुषार धवल उल्लेखनीय हैं। उनका पहला संकलन पहर यह बेपहर का हाल ही में प्रकाशित हुआ है जो नब्बे के बाद के भूमंडलीकृत आर्थिक, सांस्कृतिक उथल-पुथल की वजह से तमाम स्थानीयताओं और उनके ठाठ में …

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अमेरिकी लेखक पॉल थेरो का भारत

रामेश्वरम तक जाने वाली लोकल 1941 में अमेरिका में जन्मे पॉल थेरो की ख्याति यात्रावृत्तों के चर्चित लेखक के रूप में रही है. ग्रेट रेलवे बाजार(1975) पुस्तक उनके लेखन का शिखर माना जाता है. दुनिया के अनेक मुल्कों की यात्रा करने के बाद उसके अनुभवों को उन्होंने पुस्तक का रूप …

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