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भिखारी ठाकुर की जयंती और स्त्री मन से मेल-मिलाप की बात

आज भिखारी ठाकुर का जन्मदिन है. इस मौके पर उनकी कला, उनके सरकारों को याद करते हुए, अपने अनुभवों को बुनते हुए युवा लोकगायिका चन्दन तिवारी ने एक बहुत अच्छा लेख लिखा है. इससे उनके अपने सरोकारों का भी पता चलता है- मॉडरेटर  ==========================   चंदन तिवारी जाना तीन को था. …

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अनुवादक का कोई चेहरा नहीं

हिंदी में अनुवाद और अनुवादक की स्थिति पर यह एक छोटा-सा लेख आज ‘प्रभात खबर’ में आया है- प्रभात रंजन  ========= अनुवाद तो बिकता है अनुवादक का कोई चेहरा नहीं होता- एक पुराने अनुवादक के इस दर्द को समझना आसान नहीं है. यह सच्चाई है कि हिंदी में चाहे साहित्य …

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राबर्ट ब्रेसां का मर्मस्पर्शी सिनेमा

उर्दू के उस्ताद लेखक कृशन चंदर ने एक उपन्यास लिखा था ‘एक गधे की आत्मकथा’. मशहूर फ्रेंच फिल्मकार रॉबर्ट ब्रेसां ने गधे को लेकर एक मर्मस्पर्शी फिल्म बनाई थी ‘Au Hasard Balthazar’. इसी फिल्म पर सैयद एस. तौहीद का यह पठनीय लेख- मॉडरेटर  ======================================== +++++++++++++ फिल्मकार रॉबर्ट ब्रेसां को सिनेमा का संत कहा जाना …

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स्मिता पारिख की नज्में

हिंदी में नज्में कम लिखी जाती हैं. अहसास की शिद्दत कविताओं में कम दिखाई देती है. कुछ बने-बनाए सांचे हैं, कविताओं के, विचार के ढांचे हैं, जिनमें रूह की सच्ची आवाज दब जाती है. कल पटना पुसक मेले में स्मिता पारिख के नज्मों के संग्रह ‘नज्में इंतज़ार की’ का लोकार्पण …

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स्त्री-लेखन में नयापन नहीं है?

आज ‘प्रभात खबर’ में मेरा एक छोटा-सा लेख आया है. उसका थोड़ा सा बदला हुआ रूप- प्रभात रंजन  ================================================================= अभी हाल में एक वरिष्ठ आलोचक महोदय से बात हो रही थी तो कहने लगे कि स्त्री लेखन में कोई नयापन नहीं दिखाई दे रहा है. इस समय हिंदी में युवा …

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अंतर्मन की ‘अंतरा’

हाल में ही एक काव्य-पुस्तक हाथ आई- ‘अंतरा’. कवि का नाम पढ़कर ध्यान ठहर गया- विश्वनाथ. श्री विश्वनाथ जी का कुछ साल पहले ही देहांत हुआ. राजपाल एंड सन्ज प्रकाशन के प्रकाशक के रूप में उनका नाम बरसों से जानता था. लेकिन यह कवितायेँ उनका एक अलग ही रूप लेकर …

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जलेस से कुछ सवाल

मार्क्सवादी आलोचक अरुण माहेश्वरी ने जनवादी लेखक संघ को लेकर कुछ बहसतलब सवाल उठाये हैं. पढ़िए और विचार कीजिए- मॉडरेटर  ====================== कुमकुम सिंह जी ने एक मैसेज भेजा है -अरुण जी, मैं यह जानना चाहूंगी कि देवीशंकर अवस्थी सम्मान (रेखा अवस्थी, कमलेश अवस्थी) श्रीलाल शुक्ल सम्मान, इफ्को (सीएमडी, यू.एस. अवस्थी) …

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ऋत्विक घटक का सिनेमा और ‘मेघे ढाका तारा’

ऋत्विक घटक की महान फिल्म ‘मेघे ढाका तारा‘ के बहाने उनकी सिनेमाई पर सैयद एस. तौहीद ने एक अच्छा लेख लिखा है- मॉडरेटर  ==================== दुनिया के सबसे वंचित फिल्मकारों में ऋत्विक घटक का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है. फिल्म ‘मेघे ढाका तारा ‘ के जरिए घटक ने मेलोड्रमा …

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रस्किन बांड की कहानी ‘पुखराज’

आज रस्किन बांड की एक सिग्नेचर कहानी, जिसका बड़ा सुन्दर अनुवाद किया है रश्मि भारद्वाज ने- मॉडरेटर  ======== हिमालय की चीर से भरी ढलानों को निहारते हुए दी ब्लू दन्यूब की स्वरलहरियों को सुनना भी एक विचित्र अनुभव था। दोनों दो अलग दुनिया की चीज़ें  थीं लेकिन फिर भी वाल्ट्ज़ …

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पाकिस्तान की शायरा अम्बरीन हसीब ‘अम्बर’ की चुनिन्दा ग़ज़लें और शेर

इंदौर में पाकिस्तान की शायरा अम्बरीन हसीब ‘अम्बर’ को सुनने-जानने का मौका मिला. तरक्कीपसंद उर्दू शायरी पर पीएच.डी. करने वाली अम्बरीन परवीन शाकिर के शहर कराची की रहने वाली हैं. उनकी शायरी में भी परवीन शाकिर की तरह गजब की सेंसुअलिटी है. कहने का लहजा एकदम नया है. वरना आजकल …

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