Home / ब्लॉग (page 20)

ब्लॉग

राबर्ट ब्रेसां का मर्मस्पर्शी सिनेमा

उर्दू के उस्ताद लेखक कृशन चंदर ने एक उपन्यास लिखा था ‘एक गधे की आत्मकथा’. मशहूर फ्रेंच फिल्मकार रॉबर्ट ब्रेसां ने गधे को लेकर एक मर्मस्पर्शी फिल्म बनाई थी ‘Au Hasard Balthazar’. इसी फिल्म पर सैयद एस. तौहीद का यह पठनीय लेख- मॉडरेटर  ======================================== +++++++++++++ फिल्मकार रॉबर्ट ब्रेसां को सिनेमा का संत कहा जाना …

Read More »

स्मिता पारिख की नज्में

हिंदी में नज्में कम लिखी जाती हैं. अहसास की शिद्दत कविताओं में कम दिखाई देती है. कुछ बने-बनाए सांचे हैं, कविताओं के, विचार के ढांचे हैं, जिनमें रूह की सच्ची आवाज दब जाती है. कल पटना पुसक मेले में स्मिता पारिख के नज्मों के संग्रह ‘नज्में इंतज़ार की’ का लोकार्पण …

Read More »

स्त्री-लेखन में नयापन नहीं है?

आज ‘प्रभात खबर’ में मेरा एक छोटा-सा लेख आया है. उसका थोड़ा सा बदला हुआ रूप- प्रभात रंजन  ================================================================= अभी हाल में एक वरिष्ठ आलोचक महोदय से बात हो रही थी तो कहने लगे कि स्त्री लेखन में कोई नयापन नहीं दिखाई दे रहा है. इस समय हिंदी में युवा …

Read More »

अंतर्मन की ‘अंतरा’

हाल में ही एक काव्य-पुस्तक हाथ आई- ‘अंतरा’. कवि का नाम पढ़कर ध्यान ठहर गया- विश्वनाथ. श्री विश्वनाथ जी का कुछ साल पहले ही देहांत हुआ. राजपाल एंड सन्ज प्रकाशन के प्रकाशक के रूप में उनका नाम बरसों से जानता था. लेकिन यह कवितायेँ उनका एक अलग ही रूप लेकर …

Read More »

जलेस से कुछ सवाल

मार्क्सवादी आलोचक अरुण माहेश्वरी ने जनवादी लेखक संघ को लेकर कुछ बहसतलब सवाल उठाये हैं. पढ़िए और विचार कीजिए- मॉडरेटर  ====================== कुमकुम सिंह जी ने एक मैसेज भेजा है -अरुण जी, मैं यह जानना चाहूंगी कि देवीशंकर अवस्थी सम्मान (रेखा अवस्थी, कमलेश अवस्थी) श्रीलाल शुक्ल सम्मान, इफ्को (सीएमडी, यू.एस. अवस्थी) …

Read More »

ऋत्विक घटक का सिनेमा और ‘मेघे ढाका तारा’

ऋत्विक घटक की महान फिल्म ‘मेघे ढाका तारा‘ के बहाने उनकी सिनेमाई पर सैयद एस. तौहीद ने एक अच्छा लेख लिखा है- मॉडरेटर  ==================== दुनिया के सबसे वंचित फिल्मकारों में ऋत्विक घटक का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है. फिल्म ‘मेघे ढाका तारा ‘ के जरिए घटक ने मेलोड्रमा …

Read More »

रस्किन बांड की कहानी ‘पुखराज’

आज रस्किन बांड की एक सिग्नेचर कहानी, जिसका बड़ा सुन्दर अनुवाद किया है रश्मि भारद्वाज ने- मॉडरेटर  ======== हिमालय की चीर से भरी ढलानों को निहारते हुए दी ब्लू दन्यूब की स्वरलहरियों को सुनना भी एक विचित्र अनुभव था। दोनों दो अलग दुनिया की चीज़ें  थीं लेकिन फिर भी वाल्ट्ज़ …

Read More »

पाकिस्तान की शायरा अम्बरीन हसीब ‘अम्बर’ की चुनिन्दा ग़ज़लें और शेर

इंदौर में पाकिस्तान की शायरा अम्बरीन हसीब ‘अम्बर’ को सुनने-जानने का मौका मिला. तरक्कीपसंद उर्दू शायरी पर पीएच.डी. करने वाली अम्बरीन परवीन शाकिर के शहर कराची की रहने वाली हैं. उनकी शायरी में भी परवीन शाकिर की तरह गजब की सेंसुअलिटी है. कहने का लहजा एकदम नया है. वरना आजकल …

Read More »

पेरिस हमला और इसके बाद !

पेरिस में हुए आतंकी हमले और उसके पहले-बाद की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर जाने-माने लेखक अरुण माहेश्वरी ने बड़ा तर्कपूर्ण विश्लेषण किया है- मॉडरेटर  ============================================ तेरह नवंबर को पेरिस पर आतंकवादी हमले को यूरोप का 9/11 (11 सितंबर) कहा जा रहा है। सन् 2001 का 9/11 विश्व राजनीति का एक …

Read More »

आइस-कोटेड सपनों का एक घर हम भी बना लेंगे

हिंदी कविताओं में कितने प्रयोग हो रहे हैं, उनकी भाषा को लेकर कितना काम हो रह है यह पत्र-पत्रिकाओं को पढने से पता नहीं चल पाता. उनमें कविता के बने-बनाए सांचे होते हैं बस कवियों के नाम बदल जाते हैं. आज अनामिका शर्मा की कवितायेँ. न, मैं यह नहीं कह …

Read More »