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कौन उनके लिए उपयोगी है, कौन उनका ‘लेखक’ है?

नई सरकार के आने के बाद ‘जनसत्ता’ में श्री उदयन वाजपेयी ने एक लिखा संस्कृति पर, जिसको लेकर एक लम्बी बहस चली. उस बहस का समापन प्रियदर्शन के इस लेख से हुआ- मॉडरेटर ===================================================== उदयन वाजपेयी को मैं इतना नहीं जानता कि उनके चरित्र के बारे में टिप्पणी कर सकूं। …

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एक ‘सुशील’ बुलेटबाज़ की बुलेट डायरी

जे सुशील भी ग़ज़ब के बुलेटबाज़ हैं. बुलेट प्रेमी तो बहुत देखे बुलेटबाज नहीं देखा. मीनाक्षी जी और जे सुशील इस बार बुलेट से कश्मीर हो आये. उनकी बुलेट देखकर मुझे मुज़फ्फरपुर में 80 के दशक में सुना यह गाना याद आता है. वहां की मशहूर बाई चंदा गाती थी- …

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भोजपुरी और हिंदी के बीच का कवि केदार

कुछ लेखक-कवि ऐसे होते हैं जिनका सम्मान उस भाषा-समाज का सम्मान भी होता है जिसके जन उनको अपनी बोली-बानी का प्रतिनिधि मानते हैं. केदारनाथ सिंह ऐसी ही कवि हैं. उनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलने पर उनसे उनकी कविताओं को लेकर आत्मीय, सहज बातचीत की युवा लेखक-कवि सत्यानन्द निरुपम ने. आज ‘दैनिक …

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शुभम श्री की नई कविताएँ

ऐसे समय में जब कविगण अपनी लिखी जा रही कविताओं की पंक्तियाँ तक साझा करते हैं शुभम श्री कविताओं को प्रकाशित करवाने के मामले में संकोची हैं. जबकि हिंदी कविता के मिजाज को उन्होंने बदलकर रख दिया है. यहाँ प्रस्तुत है उनकी ‘काव्य प्रसून सीरीज’ की कविताएं युवा लेखिका सुदीप्ति …

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काशीनाथ सिंह के उपन्यास ‘उपसंहार’ का पाठ-विश्लेषण

बड़ा लेखक वह होता है जो अपने ही बनाए सांचे को बार-बार तोड़ता है, फिर नया गढ़ता है. काशीनाथ सिंह का नया उपन्यास ‘उपसंहार’ ‘काशी के अस्सी’ के पाठकों को पहले चौंकाता है फिर अपने साथ बहाकर ले जाता है. कृष्ण के अंतिम दिनों को आधार बनाकर लिखा गया यह …

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जीवन से मिलती-जुलती, विधाओं में घुली-मिली कहानियाँ

युवा लेखिका सोनाली सिंह के कहानी संग्रह ‘क्यूटीपाई’ पर यह सारगर्भित टिप्पणी की है नवीन रमण ने. पढ़कर मुझे लगा कि अब इस संग्रह की कहानियों को पढ़ ही लेना चाहिए. अच्छी समीक्षा यही काम करती है. किसी अप्रासंगिक किताब को भी प्रासंगिक बना देती है- मॉडरेटर. ========================================================       …

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शिरीष कुमार मौर्य की कुछ नई कविताएं

मेरे समकालीन कई कवि हैं जो बहुत अच्छा लिख रहे हैं. लेकिन कुछ कवि ऐसे हैं जिनमें मुझे अपनी आवाज सुनाई देती है. जिनकी सहज कविताई आकर्षित करती है. शिरीष कुमार मौर्य ऐसे ही एक कवि हैं. आज उनकी कुछ नई कविताएं- मॉडरेटर. =================================== फिर अंधेरे में मुझे कुछ समय …

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वह उजली मीनार अब बस हमारी स्मृतियों में रह गई है

आर. अनुराधा की जिजीविषा, उनके जीवन संघर्ष को बड़ी आत्मीयता के साथ याद किया है प्रियदर्शन ने. आज ‘जनसत्ता’ में आया है. साझा कर रहा हूँ- मॉडरेटर ==================================== बिखर गया वह इंद्रधनुष वे 18 साल से मृत्यु की छाया से जूझ रही थीं। या कहना चाहिए, मृत्यु की छाया उनसे 18 …

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प्रसिद्ध चित्रकार मनीष पुष्कले की पहली कहानी ‘वि-रक्त’

मनीष पुष्कले समकालीन चित्रकला का जाना-माना नाम है. चित्रकला में मनीष पुष्कले की मौलिकता ने दुनिया भर के कला-जगत को प्रभावित किया है. आज हम कहानीकार मनीष पुष्कले से मिलते हैं. काया और माया के द्वंद्व को लेकर एक सूक्ष्म कहानी. गहरी काव्यात्मकता लिए. एक ऐसी कहानी जिसका असर देर …

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नदी कथा है आकाशगंगा की

उषा प्रियंवदा के उपन्यास ‘नदी’ पर एक संक्षिप्त और सम्यक टिप्पणी की है क्षमा त्रिपाठी ने. पढ़कर देखिये उपन्यास पढने लायक है या नहीं- मॉडरेटर ============================ हिंदी साहित्य के स्त्रियोन्मुख लेखन में उषा प्रियंवदा का लेखन एक अलग प्रकार का लेखन रहा है. जैसा जीवन है वैसी ही है जीवन …

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