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नया लेखन तो ठीक है लेकिन नया पाठक कहाँ है?

  कभी-कभी ऐसा होता है कि अचानक आपको कोई मिल जाता है, अचानक किसी से फोन पर ही सही बात हो जाती है और आप कभी पुराने दिनों में लौट जाते हैं या किसी नई सोच में पड़ जाते हैं. सीतामढ़ी के मास्साब शास्त्री जी ने न जाने कहाँ से …

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उर्दू ज़बान के बनने की कहानी #1

इन दिनों उर्दू के जानने-चाहने वालों के बीच उर्दू ज़बान के बनने को लेकर चर्चा गर्म है। ऐसा नहीं है कि ये चर्चा पहली दफ़ा शुरू हुआ है। (उर्दू में चर्चा (पु.) होता है, जबकि हिंदी में चर्चा (स्त्री.) होती है) गाहे-बगाहे ये चर्चा शुरू होकर ख़त्म हो जाता है। …

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अपने राम नायक हैं, अधिनायक हैं, दाता हैं, भारत भाग्य विधाता हैं!

आज रामनवमी है. भगवान राम का जन्मदिन. हमारे शहर सीतामढ़ी में आज के दिन से रामनवमी का मेला शुरू होता है एक महीने का. खैर, आज दिल्ली विश्वविद्यालय में सीआईसी के विद्यार्थी नन्दलाल मिश्र ने यह व्यंग्य लिखा है राम नाम की महिमा पर- मॉडरेटर ================= राम नाम की महिमा …

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किशोरी जी तो चली गई अब ढूँढते रहिए सुर!

कल किशोरी अमोनकर के निधन के बाद हमने बहुत कुछ पढ़ा. बहुत कुछ जाना. एक लेख यह भी पढ़ लीजिये. नॉर्वे प्रवासी डॉ. प्रवीण कुमार झा ने लिखा है. वे शास्त्रीय संगीत के गहरे ज्ञाता हैं और और मेरे जैसे शास्त्रीय ज्ञान से हीन लोगों को उनकी भाषा में समझाना-सिखाना …

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युवा शायर #3 आलोक मिश्रा की ग़ज़लें

युवा शायर सीरीज में आज पेश है आलोक मिश्रा की ग़ज़लें – त्रिपुरारि 1- लबालब दुःख से था क़िस्सा हमारा मगर छलका नहीं दरिया हमारा असर उस पर तो कब होना था लेकिन तमाशा बन गया रोना हमारा मगर आने से पहले सोच लो तुम बहुत वीरान है रस्ता हमारा …

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अज्ञेय की पुण्यतिथि पर उनका लेख ‘मैं क्यों लिखता हूँ?’

आज मूर्धन्य लेखक अज्ञेय जी की पुण्यतिथि है. आज ही के दिन 1987 ईस्वी में उनका निधन हुआ था. यह उनकी मृत्यु का 30 वां साल है. आज उनको याद करते हुए पढ़िए उनका यह लेख ‘मैं क्यों लिखता हूँ?- मॉडरेटर ================================================= मैं क्यों लिखता हूँ? मैं क्यों लिखता हूँ? …

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ऋतुराज की कविता ‘किशोरी अमोनकर’

    महान गायिका किशोरी अमोनकर के निधन की खबर पढ़कर मुझे हिंदी के वरिष्ठ कवि ऋतुराज की कविता याद आई- किशोरी अमोनकर. आप भी पढ़िए- प्रभात रंजन ======================== न जाने किस बात पर हँस रहे थे लोग प्रेक्षागृह खचाखच भरा था जनसंख्या-बहुल देश में यह कोई अनहोनी घटना नहीं …

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पाकिस्तानी लेखक अली अकबर नातिक की एक कहानी

अली अकबर नातिक को पाकिस्तान के समकालीन उर्दू लेखकों में ऊंचे पाए का माना जाता है. उन्होंने जिंदगी में खूब मुश्किलें उठाई और उनके लेखन में वे अनुभव आए. 1974 में जन्मे इस लेखक ने मैट्रिक की पढ़ाई के बाद राजम्स्त्री का काम भी किया और गुम्बदों और मीनारों के माहिर …

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इतनी लंबी यात्रा पर जाने से पहले तुम अपना पता भी नहीं दे गए!

आज हिंदी कहानियों को नया मोड़ देने वाले निर्मल वर्मा का जन्मदिन है. प्रस्तुत है उनके मरणोपरांत प्रकाशित पुस्तक ‘प्रिय राम’ से एक पत्र. यह पुस्तक उनके और उनके भाई प्रसिद्ध चित्रकार रामकुमार के बीच पत्राचार का संकलन है. वैसे यह पत्र रामकुमार ने निर्मल जी के मरने के बाद उनके नाम …

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साहित्यिक चर्चाएँ मुझे बहुत डिप्रेस करने लगी हैं- निर्मल वर्मा

आज महान लेखक निर्मल वर्मा की जयंती है. निर्मल जी पत्राचार बहुत करते थे और उनके पत्र सहेज कर रखने लायक होते थे. उनके लेखों, उनकी कहानियों की तरह पढने लायक होते थे. आज प्रसिद्ध आलोचक-लेखक रमेशचंद्र शाह को लिखे उनके दो पत्र- मॉडरेटर ==================== नयी दिल्ली 7.2.1981 प्रिय रमेश …

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