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ऐप को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की योजना है- रेणु अगाल

अभी हाल में जगरनॉट प्रकाशन ने हिंदी किताबों के लिए फोन बेस्ड ऐप की शुरुआत की है. उसी ऐप को लेकर जगरनॉट की कार्यकारी संपादक रेणु अगाल से दिव्या विजय की बातचीत- 1.स्मार्ट फ़ोन के साथ किताबों को फोन पर पढ़ने का चलन बढ़ा है लेकिन अब भी किताबें फ़ोन …

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जिस रोज़ बग़ावत कर देंगे, दुनिया में क़यामत कर देंगे

मज़दूर दिवस पर पेश हैं कुछ नज़्में – संंपादक ======================================================== मज़दूरों का गीत – असरार-उल-हक़ मजाज़  मेहनत से ये माना चूर हैं हम आराम से कोसों दूर हैं हम पर लड़ने पर मजबूर हैं हम मज़दूर हैं हम मज़दूर हैं हम गो आफ़त ओ ग़म के मारे हैं हम ख़ाक नहीं …

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प्रभास को देखते हुए विनोद खन्ना के डील डौल की याद आ रही थी!

बाहुबली फिल्म की अभूतपूर्व सफलता से मुझे जे के रोलिंग के हैरी पौटर की सफलता याद आ रही है. हालाँकि वह किताब थी. खैर इस फिल्म ने भी बड़े पैमाने पर लोगों की कल्पनाओं, उत्सुकताओं को जगा दिया है. बाहुबली फिल्म पर यह लेख विमलेश शर्मा ने लिखा है जो …

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बलराज साहनी की जयंती पर उनकी कुछ कविताएँ

अभिनेता बलराज साहनी हिन्दी सिनेमा की एक महान व अविस्मरणीय शख्सियत रहे हैं। आज उनका जन्मदिन है. लोगों कोम ही याद है कि वे लेखक भी थे और कहानियां, कविताएँ भी लिखते थे. उनकी और उनकी पत्नी की रचनाओं का समग्र भी प्रकाशित हुआ. आज उनकी कुछ कविताएँ- मॉडरेटर ===================================   १. …

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कितनी सारी देवियां, कितनी सारी स्त्रियां, कितनी सारी कथाएं

भारत में देवी के मिथक को समझने के लिहाज से, देवी के अलग रूपों को समझने के लिहाज से देवदत्त पट्टनायक की पुस्तक ‘भारत में देवी अनंत नारीत्व के पांच स्वरूप’ बहुत उपयोगी है. मूल अंग्रेजी में लिखी गई इस किताब के हिंदी अनुवाद की बहुत अच्छी समीक्षा जाने-माने लेखक प्रियदर्शन …

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नेशनल एंथम के दौर में फिल्म पत्रकारिता

आजकल ऐसा फील गुड माहौल है कि कोई कुछ भी लिख दे कोई उसकी परवाह नहीं करता. पत्रकारिता के नाम पर जमकर पीआर किया जा रहा है किसी को कोई परवाह नहीं. ऐसे में पत्रकारिता में पीएचडी, गंभीर अध्येता और मीडियाकर्मी अरविन्द दास की यह टिपण्णी पढ़िए. देखिये कि वे …

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हिटलर एक बार आत्महत्या करता है, और अनन्त बार जन्म लेता है

आज के दिन ही हिटलर ने आत्महत्या की थी. उसके ऊपर विमलेन्दु का लेख- मॉडरेटर ========================================= 30 अप्रैल 1945 को हिटलर ने आत्महत्या कर ली थी. इतिहास के पन्नों पर जो लिखा हुआ है, उसके मुताबिक तो दूसरे विश्वयुद्ध में अपनी सेना की डावांडोल स्थिति ने उसे आत्महत्या के लिए …

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बौद्धिकता से लबरेज़ दिल्ली की एक ‘पियाली’ शाम

सईद अयूब बहुत कल्पनाशील तरीके से पिछले कई सालों से साहित्यिक आयोजन करते रहे हैं. करीब एक महीने पहले जब उन्होंने बताया कि सीपी के एक रेस्तरां में पुरुषोत्तम अग्रवाल की कहानियों पर चर्चा करनी है तो लगा कि बात कुछ अधिक ही कल्पनाशील तो नहीं हो गई? लेकिन कल …

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अमरेन्द्र ही नहीं, शिवगामी और देवसेना भी हैं बाहुबली

इस कठिन समय में जब एक लड़की या औरत क्या पहनेगी,कहाँ जाएगी,किसके साथ घूमेगी इसका निर्णय लेने के लिए भी  स्वतंत्र नहीं वहीं महिशमती राज की दो औरतों को एक राज्य नियंत्रित करते देखना बहुत सुखद है. पढ़िए बाहुबली पर रोहिणी कुमारी का लेख- दिव्या विजय ======================================================== बीते शुक्रवार लोगों …

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हिन्दुस्तान-पाकिस्तान का चेनाब कनेक्शन

आजकल सेल्फ पब्लिशिंग भी अच्छा विकल्प बनता जा रहा है. बाकिर शमीम का यह उपन्यास दिलचस्प लग रहा है. लेखक ने स्वयं प्रकाशित किया है- मॉडरेटर ========= बाकिर शमीम की पुस्तक ‘द चेनाब कनेक्शन’ भारतीय उपमहाद्वीप में मजबूत हो चुकी नफरत की उभरती छाया में, भारतीय लड़के और पाकिस्तानी लड़की …

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