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लेखक बनने की पहली कोशिश, मनोहर श्याम जोशी और अमेरिकन सेंटर लाइब्रेरी

आज मनोहर श्याम जोशी जी की 12 वीं पुण्यतिथि है. इस अवसर पर उनकी स्मृति को प्रणाम करते हुए उनके ऊपर  अपनी लिखी जा रही किताब का एक अंश प्रस्तुत कर रहा हूँ- प्रभात रंजन ============================================= आखिरकार उनके(मनोहर श्याम जोशी) घर बेतकल्लुफी से आने जाने का सिलसिला शुरू हो गया …

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कवयित्री उज्ज्वल तिवारी की पाँच कविताएँ

उज्जवल तिवारी पेशे से वकील हैं. जोधपुर में रहती हैं. छपने की आकांक्षा से अधिक मन की भावनाओं को अभिव्यक्त करने के लिए कविताएँ लिखती हैं. इसलिए अभी तक उनकी कविताएँ कहीं प्रकाशित नहीं हुई हैं. पहली बार जानकी पुल पर आ रही हैं. सधी हुई और सुघड़ कविताएँ- मॉडरेटर …

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यतीन्द्र मिश्र के जन्मदिवस पर उनकी कुछ नई कविताएँ

यतीन्द्र मिश्र निस्संदेह मेरी पीढ़ी के प्रतिनिधि लेखक हैं. हर पीढ़ी में अनेक लेखक अपने अपने तरीके से शब्दों का संसार रच रहे होते हैं, लेकिन कुछ ही लेखक होते हैं जो उस पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करने लगते हैं. यतीन्द्र जी ने अनेक विधाओं में अपने लेखन से ही प्रतिनिधि …

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  ‘हिचकी’ : शिक्षा व्यवस्था की बेहतरीन पड़ताल

‘हिचकी’ फिल्म की एक अच्छी समीक्षा लिखी है दिल्ली विश्वविद्यालय के कमला नेहरु कॉलेज में प्राध्यापक और लेखक मनोज मल्हार ने- मॉडरेटर       ‘हिचकी’  ब्रैड कोहेन की पुस्तक ‘फ्रंट ऑफ़ द क्लास : हाउ टूरेट मेड मी द टीचर आई नेवर हैड’ पर आधारित और सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा द्वारा निर्देशित …

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सदन झा की कुछ दिलचस्प छोटी कहानियाँ

इतिहासकार सदन झा सेंटर फ़ॉर सोशल स्टडीज़, सूरत में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर हैं। राष्ट्रीय झंडे पर उन्होंने महत्वपूर्ण काम किया है और उनके कई शोध लेख देश-विदेश की पत्र-पत्रिकाओं में छप चुके हैं। सदन कभी-कभार कहानियाँ भी लिखते हैं और कुछ पत्रिकाओं में उनकी कुछ कहानियाँ पहले भी छप चुकी हैं। …

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 रैम्प पे रामजी। रिंग में कपिजी।

नीलिमा चौहान बहुत चुटीले लहजे में गहरी बात लिख जाती हैं. चर्चित पुस्तक ‘पतनशील पत्नियों के नोट्स’ में उनकी भाषा उनकी बारीक नजर का जादू हम सब देख चुके हैं. यह उनके रचनात्मक गद्य की नई छटा है. समय की छवियाँ और उनके बयान की तुर्शी- मॉडरेटर =======================    रैम्प …

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देवदत्त पटनायक की किताब ‘राम की गाथा’ का एक अंश

रामनवमी के अवसर पर देवदत्त पटनायक की किताब ‘राम की गाथा’ का एक अंश प्रस्तुत है. पेंगुइन बुक्स-मंजुल पब्लिशिंग से प्रकाशित यह किताब ‘द बुक ऑफ़ राम’ का हिंदी अनुवाद है. अनुवाद मैंने किया है- प्रभात रंजन ============================================================= एक न्यायप्रिय नायक रामायण हिन्दू धर्म के सबसे पवित्र ग्रंथों में एक …

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मूर्ति का तराशा हुआ शिल्प इसे पठनीय बनाता है

इरा टाक ने हाल के बरसों में अपनी मेहनत से लेखन में अच्छी पहचान बनाई है. जगरनॉट बुक्स पर उनका उपन्यास ‘मूर्ति’ है. उसकी समीक्षा शिल्पा शर्मा ने की है- मॉडरेटर ================================ मूर्ति, मीठी का कड़वा सौदा… जगरनॉट बुक्स पर उपलब्ध इरा टाक द्वारा रचित इस उपन्यास को पढ़ते हुए आप जैसे किसी कल्पना लोक में पहुंच जाते हैं. रहस्य, रोमांच और प्रेम की दास्तां के साथ गूंथा गया यह उपन्यास आपको कहानी की नायिका मीठी और उसपर बीत रही परेशानियों के साथ-साथ कहानी में मौजूद हर एक पात्र से जोड़ता चलाता है. उपन्यास को पढ़ते हुए आप यह बातभालीभांति जान जाते हैं कि यह काल्पनिक उपन्यास है, पर इसकी फ़ैंटसी और कहानी के दिलचस्प मोड़ आपको इस उपन्यास को इसमें डूबकर पढ़ने को मजबूर कर देती है. उपन्यास की शुरुआत से हीयह जानने की चाहत बराबर बनी रहती है कि आगे क्या होगा? उपन्यास के दूसरे चैप्टर में हमारे सामाज की प्रेम को लेकर वह दोगली सोच भी सामने आती है, जब वह किसी प्रेमी जोड़े का प्रेममुक़म्मल नहीं होने देना चाहता, लेकिन उस प्रेमी जोड़े के सामाजिक और व्यावसायिक रूप से सफल होने पर उसे वही समाज सहर्ष अपना लेता है. यह उपन्यास आपको यह भी बताता चलता है कि कैसेपरिस्थितियां बदलने पर अपने ही लोग एक स्त्री के शोषण में पलभर की देर नहीं लगाते, फिर चाहे वो मानसिक हो, शारीरिक हो या आर्थिक हो… मीठी के पिता की कहानी भी बड़ी सहजता से सामनेआती है और मीठी-विलियम की अपनी प्रेम कहानी भी आपको किसी परी-कथा की तरह कल्पना लोक में विचरण करा लाती है. इरा एक काल्पनिक कहानी में पात्रों को सामयिक रखने में पूरी तरहसफल रही हैं. कहानी के बहाव ने इसकी पठनीयता बढ़ा दी है. किसी कमर्शल सस्पेंस थ्रिलर मूवी की तरह लिखे गए इस नॉवेल की कमज़ोर कड़ी है इसकी प्रूफ़ रीडिंग. कहानी के प्रवाह के बीच मात्राओं/शब्दों की ग़लतियां खटक जाती हैं. लेकिन डिजिटल माध्यम की सकारात्मकता का इस्तेमाल कर जगरनॉट बुक्स के एडिटर्स इस कमी को तुरंत दूर भी कर सकते हैं. यदि आप शिल्प में तराशी हुईअपनी समय की लगनेवाली काल्पनिक, रोमांचक प्रेम कहानियां पढ़ने में दिलचस्पी रखते हैं तो मूर्ति पढ़ने में आपको  पलभर की भी देर नहीं करनी चाहिए. -शिल्पा शर्मा https://www.juggernaut.in/books/eedd0fa7fb8f49dda1cadf3957f31500/preview लेखक परिचय:  शिल्पा शर्माः पोस्टग्रैजुएशन इले‌क्ट्रॉनिक्स में और जी  लेखन में. पिछले 16 वर्षों से …

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उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ हमारे संगीत की रूह और आत्मा में बसे हुए हैं

कल उस्ताद बिस्मिल्ला खान की जयंती थी. उस्ताद बिस्मिल्ला खान दशकों तक शहनाई के पर्याय की तरह रहे. उनके ऊपर बहुत अच्छी किताब यतीन्द्र मिश्र ने लिखी है ‘सुर की बारादरी’. आज खान साहब पर यतीन्द्र मिश्र की लिखी यह छोटी सी सारगर्भित टिप्पणी- मॉडरेटर ——————————————— भारतीय शास्त्रीय संगीत में उस्ताद …

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तुम्हारी देह जिस आत्मा का घर थी उसे विदा कर दिया है

केदारनाथ सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए यह लेख अंजलि देशपांडे ने लिखा है. अंजलि जी ने हाल में ही जगरनॉट ऐप पर एक जबरदस्त सामाजिक थ्रिलर ‘एक सपने की कीमत’ लिखा है. इससे पहले राजकमल प्रकाशन से इनका उपन्यास ‘महाभियोग’ प्रकाशित है- मॉडरेटर ====================== “जो कवि कविता के साथ इतना …

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