Home / Featured (page 4)

Featured

Featured posts

मृणाल पाण्डे की कथा ‘नकाबपोश नकटापंथ की उत्थान-पतन कथा’ 

पुरानी लोककथाओं की शैली में प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे कथा सीरिज़ लिख रही हैं ‘बच्चों को न सुनाने लायक़ बालकथाएँ’। यह सोलहवीं कथा है जो साधू के वेश में रह रहे एक ठग की कथा है। रोचक और प्रासंगिक। आप भी आनंद उठाइए- =================== बहुत दिन हुए एक शहर में …

Read More »

आत्मनिर्भरता का  लक्ष्य और मातृभाषा में शिक्षा

अशोक महेश्वरी का यह लेख भारतीय भाषाओं में शिक्षा और आत्मनिर्भरता को लक्ष्य करके लिखा गया है। इस लेख में उन्होंने कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए हैं, जैसे यह कि बाजार की दृष्टि से भारतीय भाषाओं का आकलन किया ही नहीं गया। भारतीय भाषाओं के बीच आपसी आदान-प्रदान के माध्यम से …

Read More »

हिन्दी दिवस – कथा का उपसंहार: नवीन चौधरी

नवीन चौधरी ‘जनता स्टोर’ के लेखक हैं, किताबों की मार्केटिंग के क्षेत्र के अनुभवी व्यक्ति है। हिंदी के नए पाठकों को लेकर उनका यह सर्वेक्षण नए पाठकों के मानस को समझने में बहुत मदद करने वाला है। आप भी पढ़िए- ==================== 14 तारीख को धूमधाम से हिन्दी दिवस मनाया गया। …

Read More »

पुस्तक ‘ल्हासा नहीं…लवासा’ का एक अंश

प्रस्तुत है सचिन देव शर्मा की पुस्तक ‘ल्हासा नहीं… लवासा’ का अंश।सचिन देव शर्मा पेशे से एचआर प्रोफेशनल हैं और शौक से एक लेखक व यात्री। सचिन बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी, दिल्ली से एमबीए हैं और गुरुग्राम में एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत हैं। यात्रा, एचआर व अन्य विषयों …

Read More »

कविता शुक्रवार 14: बसंत त्रिपाठी की कविताएँ सफ़दर शामी के चित्र

‘कविता शुक्रवार’ के इस अंक में बसंत त्रिपाठी की कविताएं और सफदर शामी के चित्र शामिल हैं। बसंत त्रिपाठी का जन्म 25 मार्च 1972 को छत्तीसगढ़ के भिलाई में हुआ। शालेय शिक्षा से लेकर बी-एस.सी, एम.ए. (हिंदी) और पी-एच.डी. तक की शिक्षा भिलाई और दुर्ग में हुई। नाटकों में आरंभ …

Read More »

छठी बार का दूसरा वसंत:देवेश पथ सारिया

देवेश पथ सारिया ताइवान के एक विश्वविद्यालय में शोध कर रहे हैं और हिंदी के युवा लेखकों में उनका जाना माना नाम है। सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में उनकी रचनाएँ प्रकाशित होती रही हैं। विश्वविद्यालय के अनुभवों को लेकर उन्होंने यह सुंदर गद्य लिखा है- ================================== सितम्बर 2020 शिन चू सिटी मेरी …

Read More »

हिंदी को नवजीवन कैसे मिले!

हिंदी दिवस आने वाला है। हिंदी की दशा दिशा को लेकर गम्भीर चर्चाएँ हो रही हैं। क्या खोया? क्या पाया? आज यह लेख पढ़िए जिसे लिखा है युवा लेखक और राजकमल प्रकाशन समूह के संपादकीय निदेशक सत्यानंद निरुपम ने। भाषा के अतीत-भविष्य, सम्पन्नता-विपन्नता को लेकर उन्होंने कुछ गम्भीर बिंदु उठाए हैं …

Read More »

प्रेमाकुल रागमंजरी और दुनियादार काममंजरी गणिकाओं की कथा:  मृणाल पाण्डे

‘बच्चों को न सुनाने लायक बाल कथा’ प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे की कथा ऋंखला है जिसमें वह हिंदी-संस्कृत की कथा-परम्परा की याद दिला रही हैं। यह पंद्रहवीं कथा है जो सबसे अलग है और सबसे उदास भी। आप भी पढ़ सकते हैं- मॉडरेटर =============== (टीवी और सोशल मीडिया के नक्कारखाने में …

Read More »

‘द होली फ़िश’: विस्थापन के बीच अकेली स्त्री का शोकगीत

पिछले दिनों एक ओटीटी मंच पर विमलचंद्र पाण्डेय की फ़िल्म ‘द होली फ़िश’ रिलीज़ हुई, जिसका पता इस लेख में दिया गया है। उसी फ़िल्म पर युवा लेखक जितेंद्र विसारिया ने एक विस्तृत लेख लिखा है। आप भी पढ़ सकते है – ======================== 2004 में वागर्थ का अक्टूबर में नवलेखन …

Read More »

कविता शुक्रवार 13: यतीश कुमार की कविताएँ संजू जैन के चित्र

कविता शुक्रवार के इस अंक में यतीश कुमार की कविताएं और संजू जैन के चित्र शामिल हैं।यतीश कुमार (चार्टर्ड इंजीनियर और फेलो) भारतीय रेल सेवा के प्रशासनिक अधिकारी हैं। 22 वर्षों की रेल सेवा के बाद उन्हें भारत वर्ष के “सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम” का सबसे युवा अध्यक्ष एवं प्रबन्ध …

Read More »