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पंकज कौरव की कविता ‘फ़िल्म इंडस्ट्री के लौंडे’

युवा लेखक पंकज कौरव अपनी हर रचना से कुछ चौंका देते हैं। अब यही कविता देखिए- मॉडरेटर ============================ वे एक्टर बनने नहीं आए थे पर अभिनेता वाली सारी ठसक उनमें कूट कूट कर भरी थी वे स्टाइल में खड़े होते अदा के साथ अपनी हर बात रखते और बची हुई …

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नूर ज़हीर की कहानी ‘अब भी कभी कभार’

वरिष्ठ लेखिका नूर ज़हीर के लेखन के बारे में कुछ लिखना कम ही होगा। हिंदी-अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में अपने उपन्यासों, कहानियों, संस्मरणों के कारण वे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर जानी जाती हैं। यह उनकी नई कहानी है- मॉडरेटर ===================== चिट्ठी हाथ में थी, माँ के हाथ का लिखी हुई, शक की …

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वसीम अकरम के उपन्यास ‘चिरकुट दास चिंगारी’ का एक अंश

प्रस्तुत है युवा लेखक वसीम अकरम के उपन्यास ‘चिरकुट दास चिंगारी’ का एक अंश। उपन्यास हिंद युग्म से प्रकाशित हुआ है- मॉडरेटर ==================================== उपन्यास के तीसरे अध्याय ‘इक्स’ का एक अंश मारकपुर से कोस भर की दूरी पर सप्ताह में दो दिन बजार लगता था– मंगलवार को और इतवार को। …

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विकास के साथ परिवर्तन की नई सोच की कहानियाँ ‘राग मारवा’

इस साल के आरम्भ से ही ममता सिंह के कथा संग्रह ‘राग मारवा’ की चर्चा है। उनकी कहानियों का कथानक, उनकी सघन बुनावट बहुत स्वाभाविक है। आज इस कहानी संग्रह पर अनिता दुबे की विस्तृत टिप्पणी पढ़िए- मॉडरेटर ======================== राग मारवा ” रेडियो सखी ममता सिंह का पहला कहानी संग्रह …

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‘पालतू बोहेमियन’ के लेखक के नाम वरिष्ठ लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक का पत्र

वरिष्ठ लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक जी ने मेरी किताब ‘पालतू बोहेमियन’ पढ़कर मुझे एक पत्र लिखा है। यह मेरे लिए गर्व की बात है और इस किताब की क़िस्मत भी कि पाठक जी ने ने केवल पढ़ने का समय निकाला बल्कि पढ़ने के बाद अपनी बहुमूल्य राय भी ज़ाहिर की। …

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बचपन में अपने भविष्य के बारे में कुल जमा पचपन सपने देखे थे

आज मनोहर श्याम जोशी की पुण्यतिथि है. 2006 में आज के ही दिन उनका देहांत हो गया था. संयोग से उसी साल उनको साहित्य अकादेमी पुरस्कार भी मिला था. उस अवसर पर उन्होंने जो संक्षिप्त भाषण दिया था वह यहाँ अविकल रूप से प्रस्तुत है- मॉडरेटर =========================== हाल में एक …

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मार्केज़ का जादू मार्केज़ का यथार्थ

जानकी पुल पर कभी मेरी किसी किताब पर कभी कुछ नहीं शाया हुआ. लेकिन यह अपवाद है. प्रवासी युवा लेखिका पूनम दुबे ने मेरी बरसों पुरानी किताब ‘मार्केज़: जादुई यथार्थ का जादूगर’ पर इतना अच्छा लिखा है साझा करने का लोभ संवरण नहीं कर सका- प्रभात रंजन =============================================== कुछ महीने …

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मृणाल पांडे की लम्बी कहानी ‘पार्टीशन’

जानी-मानी लेखिका मृणाल पाण्डे की कहानी ‘पार्टीशन’ पढ़िए. उनके लेखन में गजब की किस्सागोई के साथ-साथ विभाजन का एक विराट रूपक भी. हमेशा की तरह बेहद पठनीय और सोचनीय भी- मॉडरेटर =================   पार्टीशन :                                    8 मार्च 2019 ऐसा कैसा बेसिर पैर का पार्टीशन? अय देखा न सुना। बँटे …

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मृणाल पांडे का उपन्यास ‘सहेला रे’ माइक्रोहिस्टोरिकल फ़िक्शन है

मृणाल पांडे का उपन्यास ‘सहेला रे’ एक दौर की कला की दास्तानगोई है. महफ़िल गायकी की छवि को दर्ज करने की एक नायाब कोशिश. इस उपन्यास पर नॉर्वेवासी अपने लेखक डॉक्टर प्रवीण झा ने लिखा है. उपन्यास राधाकृष्ण प्रकाशन से प्रकाशित है. आप भी पढ़िए- मॉडरेटर ============================= कुछ किताबों के …

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गौतम राजऋषि की कहानी ‘तीन ख्वाब, दो फोन-कॉल्स और एक रुकी हुई घड़ी’

गौतम राजऋषि सदाबहार लेखक हैं, शायर हैं. आज उनकी एक दिलचस्प कहानी पढ़िए- मॉडरेटर ==========  सर्दी की ठिठुरती हुई ये रात बेचैन थी| गुमशुदा धूप के लिए व्याकुल धुंध में लिपटे दिन की अकुलाहट को सहेजते-सहेजते रात की ठिठुरन अपने चरम पर थी| …और रात की इसी बेचैनी में एक …

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