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बरेली का झुमका और सुधा-चंदर

युवा लेखक अनुराग अनंत को 2017 में लल्लनटॉप द्वारा आयोजित कहानी लेखन प्रतियोगिता में लखटकिया पुरस्कार मिल चुका है। उनके लेखन में एक ताज़गी दिखाई देती है जैसे इस रचना में- ============= ये कोई हँसने की बात नहीं थी पर सबको भरपेट हँसी आ रही थी। सब अपना पेट पकड़ …

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अनुकृति उपाध्याय की कहानी ‘धानी’

अनुकृति उपाध्याय आजकल अपने अंग्रेज़ी उपन्यास kintsugi के कारण चर्चा में हैं। हम हिंदी वाले उनको ‘जापानी सराय’ की लेखिका के रूप में जानते हैं। बहुत अलग कहानियाँ लिखती हैं। ‘धानी’ उनकी नई कहानी है जो कुछ समय पहले हंस पत्रिका के पीडीएफ़ अंक में प्रकाशित हुई थी। आप भी …

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शर्मिला जालान की डायरी में महादेवी

आज पढ़िए लेखिका शर्मिला जालान की डायरी- ================================== पहली बार डायरी लिखना शुरू नहीं किया। पहले लिखा है। पर इसके पहले जो लिखा वे मन के दस्तावेज थे। दैनन्दिनी का जोड़ घटाव। और आज जो लिख रही हूँ वह पुरखों की संगति से बड़ा होता अनुभव संसार है। अध्यापिका हूँ। …

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धोनी रांची में नहीं, हमारी कहानियों में रहता है!

महेंद्र सिंह धोनी ने अचानक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास ले लिया। सब हैरान रह गए। उनके खेल पर यह लेख लिखा है शंपा शाह ने। शंपा जी जानी-मानी लेखिका हैं, कलाकार हैं, अनुवाद करती हैं। यह लेख पढ़िए- ================ किसी लेखक का  काम ही लिखना है। वह कहानी लिखे तो …

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मृणाल पाण्डे की कथा ‘सास-बहू, भरवां करेले और नकचढी मूर्ति की कथा’    

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे बच्चों को न सुनाने लायक बालकथाएँ लिख रही हैं। यह बारहवीं कथा है। स्त्रियों के दुःख की अनंत कथाओं में एक कथा जो ना जाने लोक में कब से रही होगी। मृणाल जी ने उसको समकालीन बना दिया है। आप भी पढ़िए- =============================== बहुत दिन हुए, …

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कविता शुक्रवार 10: उपासना झा की कविताएँ सुप्रिया अम्बर के चित्र

कविता शुक्रवार में इस बार पढ़िए उपासना झा की नई कविताएं और देखिए युवा चित्रकार सुप्रिया अम्बर के चित्र और उन पर बनी एक शॉर्ट फिल्म। उपासना झा का जन्म बिहार के हथुआ (जिला गोपालगंज) में हुआ। वे पढ़ाई और नौकरियों के कारण कई शहरों में रही हैं। दिलचस्प यह …

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खोया हुआ आदमी

यह लेख लिखा है महेश चंद्र सकलानी ने। श्री सकलानी मूलतः टिहरी के रहने वाले हैं और उ प्र पॉवर कॉर्पोरेशन, शक्ति भवन, लखनऊ से महाप्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वे कविताएँ भी लिखते हैं और उनका एक कविता संग्रह प्रकाशित है। अप उनके विचार पढ़िए- =================== कोविड-19 …

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अजय नावरिया की कहानी ‘यस सर’

अजय नावरिया समकालीन कहानी का ऐसा नाम है जिनके परिचय देने की ज़रूरत महसूस नहीं होती। हम सब उनकी कहानियों से अच्छी तरह परिचित हैं। समाज के भेदभाव, गैर बराबरी के कथानक बड़ी सहजता से उनकी कहानियों में आते हैं। जैसे उनकी इस कहानी में पढ़िए-    ==============================================         ‘तिवारी, …

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हिंदी में मोटिवेशनल किताबों के अभाव को दूर करने वाली पुस्तक

जब से यूपीएससी के रिज़ल्ट आए हैं इस बात को लेकर बड़ी चर्चा है कि हिंदी मीडियम के प्रतिभागियों का चयन कम होता जा रहा है। मुझे निशांत जैन की याद आई। उनकी किताब ‘रुक जाना नहीं’ की याद आई। निशांत जैन आईएएस हैं लेकिन उससे बड़ी बात है कि …

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मातृत्व के अनदेखे पहलू टटोलता उपन्यास ‘इब्नेबतूती’

दिव्य प्रकाश दुबे का नया उपन्यास आया है ‘इब्नेबतूती’। वे नई वाली हिंदी के पहले पोस्टर बॉय रहे हैं। उनके पाठकों की तादाद बड़ी है। उनके इस उपन्यास पर मैं बाद में लिखूँगा। फ़िलहाल युवा लेखक पीयूष द्विवेदी की लिखी समीक्षा पढ़िए- ========  ‘माँ’ एक ऐसा विषय है, जिसे केंद्र …

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