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…लेकिन ऑपरेशन ब्लूस्टार भिंडराँवाले की हत्या की सीमा से बहुत दूर आगे तक चला गया था

  आज से 33 वर्ष पहले 5 जून, 1984 भारतीय राजनैतिक इतिहास के काले दिनों में से एक में शुमार हुआ. इसी दिन  ‘ऑपरेशन ब्लूस्टार’ को अंजाम दिया गया था. कॉंग्रेस के ख़ासमख़ास सरदार खुशवंत सिंह भी श्रीमती गाँधी के इस फ़ैसले से बहुद दुःख और रोष में थे. स्वयम् …

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तुम्हें जानना दुनिया के सबसे ख़ूबसूरत अर्थों को छूना है

आज प्रस्तुत हैं कुलदीप कौर की कविताएँ. प्रेम पर कुछ छोटी-छोटी मगर गहरी बातें. 1. तुम चलने को एक बिन्दू से दूसरे बिन्दू तक गिनते हो। मैं बीच में होती हूं कई बार ग़ैर हाज़िर। तुम्हारा कहना सही है के मैं हो कर भी नहीं होती… बिल्कुल जैसे मैं सब …

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किशन पटनायक का लेख ‘प्रोफ़ेसर से तमाशगीर’

आजकल एनडीटीवी और प्रणय रॉय चर्चा में हैं. सीबीआई का छापा पड़ा है. बरसों पहले 2010 में ‘संडे गार्डियन’ ने उसके आर्थिक घपलों पर स्टोरी की है, उसके एक वरिष्ठ पत्रकार को राडिया टेप में जोड़-तोड़ करते सुना गया है. सब पुरानी बातें हैं. पुरानी बातों से एक पुराने लेख …

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मंदसौर में किसान मर रहे हैं, क्रांतिकारी लोग पांडे जी के पीछे पड़े हुए हैं

हिंदी के आलोचक और जेएनयू के पूर्व प्रोफ़ेसर मैनेजर पाण्डे की पारिवारिक पूजा की तस्वीरें आने के बाद से तरह तरह की बातें लिखी जा रही हैं. एक नजरिया यह भी है. लिखा है रोहिणी कुमारी ने. जेएनयू में कोरियन विभाग में पीएचडी कर रही हैं- मॉडरेटर ======== मन्दसौर में …

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क्या पूजा करना पाठ करना अपराध है?

भारतीय वामपंथ की सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि वह स्थूलताओं के सहारे चलता है. सतह के ऊपर हलचल देखकर पत्थर चलाने लगता है. पानी की सतह के नीचे मेढक है, मछली है या सांप इसके बारे में सोचता भी नहीं. इसीलिए वामपंथ में अपनी थोड़ी बहुत आस्था रही भी …

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असहमति को राष्ट्रद्रोह सिद्ध किये जाने के दौर में कुछ बातें

कल से एनडीटीवी चैनल समूह के प्रोमोटर्स के यहाँ पड़े सीबीआई के छापों को लेकर बहुत कुछ कहा-सुना जा रहा है. इतना तो साफ़ है कि मीडिया के लिए संकेत अच्छे नहीं हैं. एक लेख युवा लेखक विमलेन्दु का पढ़िए. इनका विश्लेषण भी पढने लायक है- मॉडरेटर ============== आपको वह …

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एनडीटीवी के बच जाने पर ‘विपक्ष’ को ‘जीत’ टाइप एहसास होगा कि नहीं?

कल एनडीटीवी चैनल के के मालिकों/प्रोमोटर्स के यहाँ सीबीआई की छापामारी के कई तरह की बातें सुनने को मिल रही हैं. तथ्यात्मक रूप से दिलीप खान ने बहुत अच्छा लिखा है. जिन्होंने न पढ़ा हो उनके लिए- मॉडरेटर ================================================= NDTV के मालिकाने, शेयर, बीच की ख़रीदफरोख़्त सबसे वाकिफ़ हूं। ये …

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लापता लड़की…स्लीपिंग पार्टनर नहीं!

वकील-लेखक अरविन्द जैन के कहानी संग्रह ‘लापता लड़की’ की समीक्षा लिखी है लेखक सुधांशु गुप्त ने- मॉडरेटर ======================================================= अरविंद जैन का कहानी संग्रह ”लापता लड़की” पठनीयता और लोकप्रियता के पैरोकारों के लिए नहीं है। उनके लिए तो यह संग्रह बिलकुल भी नहीं है, जो कहानियों में ”रसपान” खोजते हैं। और …

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क्या राहुल गाँधी स्टडी लीव पर गए थे?

यूपी चुनाव के बाद राहुल गांधी लम्बे समय तक गायब थे. वैसे गायब होना उनकी पुरानी आदत है. बस बीच बीच में ऐसी ख़बरें आती रहीं कि उनको कांग्रेस की अलां बैठक में अध्यक्ष बनाया जा रहा है, फलां बैठक में पार्टी का अध्यक्ष बनाया जा रहा है. इसके अलावा …

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निर्मल वर्मा के सिंगरौली यात्रा के अनुभव और पर्यावरण के प्रति उनकी चिंता

विकास के नाम पर पर्यावरण के प्रति निर्मम होकर हम जिस तरह इसे नुकसान पहुंचा रहे है उस से हम विस्थापन की समस्या को भी जन्म दे रहे हैं. निर्मल वर्मा के अनुसार हमने पश्चिम की नक़ल करके न सिर्फ अपने पर्यावरण को क्षति पहुंचाई बल्कि अपनी संस्कृति से भी …

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