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‘द मिनिस्ट्री ऑफ़ अटमोस्ट हैप्पीनेस’ के एक अंश का हिंदी अनुवाद

बीस साल बाद अरुंधति राय का दूसरा उपन्यास आया है ‘द मिनिस्ट्री ऑफ़ अटमोस्ट हैप्पीनेस’. मैंने इसके एक अंश का अनुवाद किया है जो आज ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में प्रकाशित हुआ है. आप भी पढ़कर बताइयेगा- मॉडरेटर ================================================== जब उसको पहली बार ऐसा महसूस हुआ कि वह घर के बाहर जा …

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भुबनेश्वर में शुरू हुआ चौथा कलिंग साहित्य महोत्सव

आज से उड़ीसा के भुबनेश्वर में शुरू हुए चौथे कलिंग साहित्य महोत्सव पर संतोष कुमार की रपट- मॉडरेटर =================================================== भुबनेश्वर: चौथे कलिंग साहित्य महोत्सव (केएलएफ) का  उद्घाटन केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, प्रसिद्ध कवि और पद्म विभूषण डॉ. सीताकांत महापात्रा और प्रसिद्ध कवि श्री रमाकांत रथ द्वारा …

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युवा शायर #14 सौरभ शेखर की ग़ज़लें

आज युवा शायर सीरीज में पेश है सौरभ शेखर की ग़ज़लें – त्रिपुरारि ====================================================== ग़ज़ल-1 भई देखो इस बात में कोई दो मत नईं प्यार छुपाया जा सकता है, नफ़रत नईं सच सुनने की हरगिज़ उसकी हसरत नईं और तकल्लुफ़ करना अपनी आदत नईं यार कमाया है हमको तो ख़र्च करो …

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विवाह का बदलता स्वरूप : साहित्य समाज और कानून

विवाह संस्था को लेकर विभिन्न लोगों का विभिन्न मत हो सकता है, होना भी चाहिए। समकालीन विवाह के बदलते स्वरूप पर माधव राठौड़ का लेख – संपादक ========================================================== अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हमेशा महिलाओं के इतिहास और वर्तमान  स्थिति पर ही चर्चा  होती है। उनके अधिकारों,मांगों और कानूनों पर ही चर्चा …

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राकेश शंकर भारती की कहानी ‘बस एक रात’

  राकेश शंकर भारती की कहानी. राजेश शंकर ने जेएनयू से जापानी भाषा में उच्च शिक्षा प्राप्त की. आजकल युक्रेन में रहते हैं. उनकी यह कहानी समकालीन जीवन सन्दर्भों के बहुत करीब है. परिवेश जरूर विदेशी है लेकिन इस ग्लोबल समय में संवेदनाएं देशकाल सापेक्ष रह कहाँ गई है. पढ़िए …

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अपने हुसैन पराये हुसैन

एम. एफ. हुसैन पर प्रकाश के रे का लिखा हुआ लेख पुराना है लेकिन हालात आज भी वही हैं. जेरे बहस मुद्दे आज भी वही हैं. हुसैन साहब की पुण्यतिथि पर यह पढने लायक लेख है- मॉडरेटर =================================== ११ मार्च, २०१० को सराय रीडर लिस्ट पर यह पोस्ट भेजा था. …

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जिसने हुनर में कमाल हासिल किया वह सारी दुनिया का चहेता

आज विश्व प्रसिद्ध पेंटर मकबूल फ़िदा हुसैन की पुण्यतिथि है. उनकी विवादास्पद पेंटिंग्स या उनकी माधुरी दीक्षित की प्रति दीवानगी और उनके फ़िल्मकार तक बन जाने की कहानी से तो सब वाकिफ़ हैं पर वे एक अच्छे लेखक भी थे ये उनकी आत्मकथा पढ़कर पता चलता है. आमतौर पर आत्मकथा …

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आपातकाल के 40 साल बाद: मीडिया और मोदी सरकार

एनडीटीवी के मालिक प्रणय रॉय के घर पड़े छापे के बाद से यह बहस तेज हो गई है कि उस छापे के माध्यम से सरकार मीडिया को क्या सन्देश देना चाहती थी? इस प्रकरण के बहाने एक सुचिंतित लेख लिखा है अरविन्द दास ने. अरविन्द पत्रकारिता से पीएचडी कर चुके …

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हबीब तनवीर की पुण्यतिथि पर उनके नाटकों से कुछ गीत

यूँ तो हबीब तनवीर को याद करने के लिए दिन विशेष की आवश्यकता नहीं है क्योंकि जो धरोहर वह छोड़ कर गए हैं उसे सहेजने के लिए साल के 365 दिन भी कम पड़ते हैं. आज उनकी पुण्यतिथि है तो उनकी याद आना लाज़िमी है जिन्हें रंगमंच में क्रांति का …

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शिक्षाविद नौकरी बचाएं या शिक्षा बचाएं

शिक्षाविद कौशलेन्द्र प्रपन्न का यह लेख डीयू में अंग्रेजी के पाठ्यक्रम में चेतन भगत की किताब को लगाने को लेकर लिखा गया है. लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में जो गलाजत मची हुई है उसके ऊपर बहुत अच्छा लेख है. पढियेगा- मॉडरेटर ====================================================== अकादमिक हलकों में कोई शोर नहीं। सहज स्वीकार्य। …

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